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ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत डॉक्टर्स को नीट पीजी में बोनस अंक नहीं देने पर मांगा जवाब

हाईकोर्ट ने नीट पीजी प्रवेश परीक्षा में ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत डॉक्टरों को बोनस अंक नहीं देने पर एमसीआई,...

Danik Bhaskar | Apr 07, 2018, 06:45 AM IST
हाईकोर्ट ने नीट पीजी प्रवेश परीक्षा में ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत डॉक्टरों को बोनस अंक नहीं देने पर एमसीआई, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर मामले में जवाब देने के लिए कहा है। अदालत ने यह अंतरिम निर्देश ऑल राजस्थान इन-सर्विस डॉक्टर एसोसिएशन की अपील पर दिया।

अपील में एकलपीठ के उस आदेश को चुनौती दी जिसमें गैर सेवारत डॉक्टर्स की याचिका पर अदालत ने ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रहे सेवारत डॉक्टर्स को नीट पीजी में बोनस अंक का लाभ देने के प्रावधान को रद्द कर दिया था। अपील में कहा कि राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में कार्यरत डॉक्टरों को पीजी प्रवेश परीक्षा में बोनस अंक देने की घोषणा की। इसके अनुसार, जिन डॉक्टरों को अब तक बोनस अंक का लाभ मिल रहा था उन्हें भी यह लाभ मिलता रहेगा। लेकिन इसका अर्थ यह हुआ कि यह है कि वह डॉक्टर जिन्हें पिछले सालों में ग्रामीण क्षेत्र में काम करने पर बोनस अंक मिल रहे थे, लेकिन मैरिट में नहीं आने के कारण वह पीजी में प्रवेश नहीं पा सके थे,उन्हें भी यह लाभ मिलेगा चाहे वह अब दुर्गम व दूरस्थ क्षेत्र की परिभाषा में ना आते हों। इसे गैर सेवारत डॉक्टर्स ने एकलपीठ में चुनौती दी थी और अदालत ने इस प्रावधान को रद्द कर दिया था। अपील में कहा कि मेडिकल एजुकेशन समवर्ती सूची में है और इसमें केन्द्र व राज्य सरकार कानून बना सकती है। ऐसे में यदि मेडिकल एजुकेशन के नियमों में गलती से ग्रामीण क्षेत्र शब्द लिखना छूट गया था तो राज्य सरकार ने अपने क्षेत्राधिकार के आधार पर इन शब्दों को नियमों में जोड़ा था। पीजी एजुकेशन कमेटी ने भी ये माना था कि नियमों में गलती के कारण ग्रामीण शब्द रह गया था। इसलिए उन्हें बोनस अंक का लाभ दिया जाए।