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चार साल पहले मीराबाई को हराने वाली संजीता ने इस बार वेट कैटेगरी बदलने के बाद भी गोल्ड जीता

महिलाओं की 53 किग्रा वर्ग में वेट लिफ्ट करतीं भारत की संजीता चानू। आज के दोनों मेडलिस्ट की कहानी संजीता...

Dainik Bhaskar

Apr 07, 2018, 06:45 AM IST
चार साल पहले मीराबाई को हराने वाली संजीता ने इस बार वेट कैटेगरी बदलने के बाद भी गोल्ड जीता
महिलाओं की 53 किग्रा वर्ग में वेट लिफ्ट करतीं भारत की संजीता चानू।

आज के दोनों मेडलिस्ट की कहानी

संजीता चानू ने महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में गेम्स रिकॉर्ड के साथ जीता गोल्ड मेडल, दीपक लाठर ने पुरुषों के 69 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज जीता

अनाज की बोरियां उठाते दिखा लाठर का दमखम

दीपक लाठर हरियाणा के किसान परिवार से आते हैं। एक दिन उनके पिता ने अपने 6-7 साल के बेटे को खेत में भारी-भारी बोरियां उठाते हुए देखा। पिता ने बेटे को तैयारी कराई और नतीजा ये रहा कि 2008 में ही दीपक ने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया का एक ट्रायल पास कर लिया। उन्हें पहले डाइविंग में एडमिशन मिला था। बाद में उन्हें वेटलिफ्टिंग में एंट्री मिली।

स्नैच में 84 किलो के साथ तोड़ा कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड

संजीता ने 53 किलोग्राम कैटेगरी में कुल 192 किलोग्राम भार उठाया और शीर्ष पर रहीं। मणिपुर की 24 साल की खिलाड़ी ने स्नैच में कॉमनवेल्थ गेम्स के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 84 किलोग्राम भार उठाया। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 108 किलोग्राम भार उठाया। पापुआ न्यू गिनी की लोआ डिका तूआ ने कुल 182 किग्रा भार उठाकर सिल्वर जीता। कनाडा की रेचेल लीब्लैंक बाजिनेत ने 181 किग्रा भार के साथ ब्रॉन्ज जीता।


गोल्ड कोस्ट | कॉमनवेल्थ गेम्स के दूसरे दिन वेटलिफ्टर खुमुकचाम संजीता चानू ने 53 किलो वर्ग में गोल्ड कोस्ट में तिरंगा फहरा दिया। उन्होंने 2014 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किलोग्राम वेट कैटेगरी में गोल्ड जीता था। तब उन्होंने मीराबाई चानू को हराया था। वे दो कॉमनवेल्थ गेम्स में दो अलग-अलग कैटेगरी का गोल्ड जीतने वाली भारत की पहली वेटलिफ्टर बन गई हैं। भारत को गोल्ड कोस्ट में अब तक चार पदक मिले हैं, वे सभी वेटलिफ्टिरों ने दिलाए हैं। पहले दिन मीराबाई ने गोल्ड और गुरुराजा ने सिल्वर मेडल जीता था। इस बीच टीम के कोच विजय शर्मा ने कहा कि दीपक की कलाई में दर्द था। मुकाबले के दौरान उनका दर्द बढ़ गया। पर टीम को फिजियो साथ नहीं हाेने का खामियाजा भुगतना पड़ा। अगर फिजियो होते तो दीपक बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे।

स्वाति सिंह ने 2014 में बनाया था रिकॉर्ड

गोल्ड मेडलिस्ट से 4 किलोग्राम पीछे रह गए दीपक लाठर

दीपक लाठर

संजीता ने 12 साल की उम्र में शुरू की वेटलिफ्टिंग

संजीता चानू मणिपुर की रहने वाली हैं। उनकी उम्र 24 साल है। वेटलिफ्टिंग में भारत की स्टार खिलाड़ी एन कुंजुरानी देवी उनकी आदर्श हैं। संजीता ने 12 साल की उम्र से ही वेटलिफ्टिंग में रुचि लेना शुरू कर दिया था। 20 साल की उम्र में ही संजीता ने मीराबाई चानू को भी हराया था। 2009 में सीनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में गोल्ड के साथ उनकी सफलता की कहानी शुरू हुई थी।

संजीता ने दूसरे प्रयास में 83 किग्रा भार उठाने के साथ ही गेम्स रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। तीसरे प्रयास में उन्होंने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर इस रिकॉर्ड को भी तोड़ 84 किग्रा भार उठाकर नया रिकॉर्ड बना दिया। पिछला कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड भारत की ही स्वाति सिंह (83 किलो) ने ग्लास्गो में बनाया था।


दीपक ने कुल 295 किग्रा वजन उठाकर ब्रॉन्ज जीता। दीपक ने स्नैच में 136 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 159 किग्रा भार उठाया। उनके और गोल्ड विजेता वेल्स के गैरेथ इवांस के बीच चार किलो का फासला रहा। इवांस ने कुल 299 किलो वजन उठाकर गोल्ड और श्रीलंका के इंडिका दिसानायके ने 297 किग्रा वजन उठाकर सिल्वर जीता।

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चार साल पहले मीराबाई को हराने वाली संजीता ने इस बार वेट कैटेगरी बदलने के बाद भी गोल्ड जीता
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