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नियम : 15 दिन में 1 बार मिल सकते हैं अधिकतम 3 मुलाकाती हकीकत: जेल प्रशासन ने 1 ही दिन में 4 से मुलाकात कराई

Dainik Bhaskar

Apr 07, 2018, 06:45 AM IST

Shahjanpur News - कृष्ण मृग का शिकार करने के दोषी अभिनेता सलमान खान जेल में भी वीआईपी की तरह ही रह रहे हैं। जेल नियमानुसार सप्ताह के...

नियम : 15 दिन में 1 बार मिल सकते हैं अधिकतम 3 मुलाकाती 
 हकीकत: जेल प्रशासन ने 1 ही दिन में 4 से मुलाकात कराई
कृष्ण मृग का शिकार करने के दोषी अभिनेता सलमान खान जेल में भी वीआईपी की तरह ही रह रहे हैं। जेल नियमानुसार सप्ताह के एक दिन सोमवार को छोड़कर सभी छह दिन मुलाकात के होते हैं। किसी भी सजायाफ्ता कैदी से 15 दिन में एक बार ही कोई भी तीन व्यक्ति मुलाकात कर सकते हैं। इसमें कमी या बढ़ोतरी करने की पॉवर जेल अधीक्षक को होती है। जेल प्रशासन ने पहले ही दिन अपने इन अधिकारों का उपयोग किया और अधिकारिक रूप से चार जनों से मुलाकात कराई। जब अभिनेत्री प्रीति जिंटा, अलवीरा, अर्पिता और शेरा मिलने के लिए कक्ष में गए तो पूरा स्टाफ और परिजन उनके साथ सेल्फी लेने में व्यस्त हो गए। वहां पर भीड़ जमा हो गई। इसका बाहर मुलाकात के लिए पहुंचे बंदियों व कैदियों के परिजनों में गुस्सा साफ देखने को मिला।

शेरा संग जेल पहुंचीं अलवीरा और अर्पिता, जेलकर्मियों ने साथ फोटो खिंचवाए

जोधपुर | सलमान खान की बहनें अलवीरा और अर्पिता दोपहर में शेरा के साथ जेल पहुंचीं। यहां तमाम औपचारिकता पूरी करने के बाद मुलाकात कक्ष में उन्हें सलमान से मिलवाया गया। तीनों करीब डेढ़ घंटे तक यहां रहे। इस दौरान बहनों से मिल कर सलमान भावुक हो गए। वे बहनों को संभालते ही उनका हौंसला बंधाते नजर आए। जेल सूत्रों के साथ मुलाकात करके निकलते समय तीनों काफी भावुक नजर आ रहे थे। वापसी में उन्होंने जेल में मौजूद कर्मचारियों के आग्रह पर उनके साथ फोटो भी लिए।

सलमान से िमलने जोधपुर पहुंची प्रीति जिंटा

मुंबई से सलमान को मिलने प्रीति जिंटा शुक्रवार को जोधपुर पहुंचीं। सलमान ने प्रीति से करीब आधे घंटे बातें की। प्रीति ने जाते समय उन्हें जल्द सब कुछ ठीक होने का भरोसा दिलाया। मीडिया व फैंस के कैमरों से बचने के लिए प्रीति बड़ी हैट से अपना मुंह छुपाने की कोशिश कर रही थी। कार में बैठने के बाद वह सीट पर लेट गई।

जेल अधीक्षक को होता है मुलाकातियों में कमी या बढ़ोतरी का पॉवर, जेल प्रशासन ने पहले ही दिन किया अपने इस अधिकार का उपयोग

दिनभर ऑटोग्राफ लेते रहे जेलकर्मी व उनके बच्चे

जेल के कर्मचारी दिनभर सलमान खान से मिलते रहे। उन्होंने अपने परिजनों व बच्चों से भी सलमान की मुलाकात करवाई। यह सिलसिला दिनभर जारी रहा। सलमान ने भी कइयों को ऑटोग्राफ भी दिए। इतना ही नहीं जब सलमान प्रीति जिंटा से मुलाकात कर रहे थे।

तेज धूप में जेल के बाहर लगा रहा मजमा : कैदी संख्या 106 की रिहाई की अर्जी तो डीजे कोर्ट में लगी थी। तेज गर्मी के बावजूद जेल के बाहर एक ओर सलमान के प्रशंसक तो दूसरी ओर आसाराम के समर्थक डटे हुए थे। पहले आसाराम को कोर्ट ले जाने के दौरान समर्थक जयकारे लगाने लगे। वहीं शाम तक उनके लौटने के इंतजार में बैठे रहे। वहीं दूसरी ओर सलमान के समर्थक बाहर डटे रहे। मीडिया कर्मियों से पता चला कि आज जमानत नहीं होगी तो उनमें निराशा छा गई।

पिछली बार 1 दिन में जमानत हुई : बचाव पक्ष

पिछली बार 4 दिन बाद मिली : अभियोजन पक्ष

सलमान की ओर से पेश प्रार्थना पत्र पर जिला व सेशन न्यायाधीश रविंद्र कुमार जोशी की कोर्ट में शुक्रवार सुबह 10:45 बजे सुनवाई शुरू हुई। सलमान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश बोड़ा व अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत ने बहस की। जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता पोकरराम विश्नोई ने बहस की।

बोड़ा (सलमान के वकील): केस व गवाह झूठे हैं। हाईकोर्ट ने भी पूर्व में निचली अदालत से दी गई सजा में सलमान को बरी किया था। बोड़ा ने कहा कि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धारा 51 (5) में दोषी नहीं हैै।

बोड़ा: चश्मदीदों की लोकेशन अलग-अलग बताई जा रही है और बयानों में भी समानता नहीं है। आरोपी पिछले 20 साल से ट्रायल फेस कर रहा है। जमानत देने पर कोर्ट द्वारा लगाई गई शर्तों का कभी भी उल्लंघन नहीं किया। वर्तमान में भी किसी भी मामले में सजायाफ्ता नहीं है।

पोकरराम विश्नोई (अभियोजन पक्ष वकील): बचाव पक्ष ने जिन मामलों का जिक्र करते हुए राहत मांगी है, उनसे यह मामला अलग है। इस मामले में चश्मदीद गवाह भी हैं। रिकॉर्ड मंगाए बिना जमानत दे दी तो जनता में क्या मैसेज जाएगा?

जज: रिकॉर्ड देखकर बता दो, क्या बताना चाहते हो।

विश्नोई: उन्हें तो केवल अपील की प्रति मिली है, अभी तक ट्रायल कोर्ट का रिकॉर्ड अभी तक नहीं मिला है।

जज (मौखिक रूप से): ठीक रिकॉर्ड मंगा लेते हैं।

बोड़ा: पिछली बार भी एक ही दिन में जमानत हो गई थी।

विश्नोई: पिछली एक दिन में नहीं चार दिन बाद जमानत मिली थी।

बोड़ा: अंडर ट्रायल आरोपी कभी जेल में नहीं रहा व आरोपित सभी शर्तों की पालना की।


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 हकीकत: जेल प्रशासन ने 1 ही दिन में 4 से मुलाकात कराई
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