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सरकार की चुनावी रफ्तार, एक माह में किया 10 माह का काम

सौरभ भट्ट. जयपुर | चुनावी साल में सरकारों का बंपर बजट घोषणाएं करने का चलन रहा है, लेकिन इनमें से ज्यादातर घोषणाएं...

Dainik Bhaskar

Apr 07, 2018, 06:50 AM IST
सौरभ भट्ट. जयपुर | चुनावी साल में सरकारों का बंपर बजट घोषणाएं करने का चलन रहा है, लेकिन इनमें से ज्यादातर घोषणाएं कागजों में ही दम तोड़ जाती हैं। सरकार बदल जाती है तो घोषणाएं भी समीक्षा के दायरे में आ जाती है, लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है जब बजट लागू करने के एक महीने बाद ही इसकी 50 प्रतिशत घोषणाओं को वित्तीय स्वीकृति दी जा चुकी है, जबकि इतने ही काम के लिए पिछले चार साल में 10 महीनों का समय लग रहा था। मौजूदा बजट में 313 ऐसी घोषणाएं हैं जिनकी वित्तीय स्वीकृति वित्त विभाग को जारी करनी है। इसके लिए विभाग इन घोषणाओं की फाइलें वित्त विभाग को भेज रहे हैं। गुरुवार तक इनमें से 148 फाइलें वित्त विभाग को मिल चुकी हैं। इनमें 111 प्रस्तावों को वित्तीय स्वीकृति भी दी जा चुकी है। करीब 46 फाइलें परीक्षण में हैं, जिन्हें इसी सप्ताह मंजूरी दे दी जाएगी। सरकार के दो सबसे बड़े महकमे शिक्षा व मेडिकल की बजट घोषणाओं को वित्तीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। मेडिकल में फार्मासिस्ट की भर्ती के लिए रूल्स में संशोधन को भी गुरुवार को मंजूरी दी गई है। पिछले बजट से इसकी तुलना करें तो दिसंबर 2017 में लगभग 43 प्रतिशत ही बजट खर्च हुआ था। वित्त वर्ष 2017-18 में दिसंबर तक बजट का लगभग 45 प्रतिशत ही इंप्लीमेंटेशन हुआ था। इससे पहले के वित्त वर्षों में भी बजट खर्च की यही रफ्तार थी।


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