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रूरल शब्द जुड़ने से 10 हजार डॉक्टरों को अब मिलेगा प्री-पीजी का लाभ

प्री-पीजी लाभ के लिए सेवारत चिकित्सकों को अब 10, 20 और 30 साल का सेवा लाभ मिलेगा। अब तक रुरल एरिया में काम करने वाले...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 09, 2018, 07:00 AM IST

प्री-पीजी लाभ के लिए सेवारत चिकित्सकों को अब 10, 20 और 30 साल का सेवा लाभ मिलेगा। अब तक रुरल एरिया में काम करने वाले चिकित्सकों को गजट नोटिफिकेशन में रुरल चिकित्सक शब्द नहीं होने से फायदा नहीं मिल रहा था। प्री-पीजी सेवारत चिकित्सक बोनस अंक प्रकरण में एमसीआई ने अपने नोटिफिकेशन में संशोधन कर ग्रामीण शब्द जोड़ दिया है। इससे प्रदेश के 10 हजार सेवारत चिकित्सकोंं को अब प्री-पीजी के आधार पर 10, 20 और 30 साल की सेवा का लाभ मिलेगा। मेडिकल कौंसिल इंडिया ने 5 अप्रैल 2017 की गज़ट नोटिफिकेशन में संशोधन कर सेवारत चिकित्सको को प्री-पीजी में 10, 20, 30 के लाभ के लिए दूर-दराज, दुर्गम के साथ ग्रामीण क्षेत्र जोड़ा है। इससे गांवों मंे सेवा देने वाले इन सर्विस चिकित्सकों को बड़ी राहत मिली है। ये डॉक्टर्स पिछले काफी माह से इसकी मांग कर रहे थे।

सेवारत चिकित्सक संघ के महासचिव डॉ. दुर्गाशंकर सैनी ने बताया कि एमसीआई ने पीजी रेगुलेशन 2000 मे संशोधन करते हुए क्लॉज 9 में ग्रामीण क्षेत्र के इनसर्विस चिकित्सकों के लिए बोनस अंक का प्रावधान कर दिया है। पहले सुप्रीम कोर्ट ने एमसीआई के पीजी रेगुलेशन के क्लॉज 9 के आधार पर कई राज्यों में प्रीपीजी परीक्षा में स्टेट कोटे में इन चिकित्सकों का आरक्षण खत्म कर उनके सर्विस के अनुभव के आधार पर बोनस अंक देने का प्रावधान किया था, इसमें ग्रामीण शब्द कहीं छूट गया था। जिससे पूरे देश के ग्रामीण क्षेत्र के डॉक्टरों के पीजी करने की राह मुश्किल हो गई थी। साथ ही उन्हें दो हिस्सों में विभाजित कर दिया गया, एक वो दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में सेवा दे रहे हंै और दूसरा सामान्य। पिछले साल कई राज्यों के सेवारत चिकित्सकों के हितों के नुकसान को देखते हुए राज्य सरकारों ने एवं सुप्रीम कोर्ट ने इस रेगुलेशन में “ग्रामीण” शब्द जोड़ने की अनुशंसा की थी।

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