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14 वर्षीय दुष्कर्म पीड़ित मां बनी, जेल से छूटा आरोपी धमका रहा है

Dainik Bhaskar

Apr 08, 2018, 08:05 AM IST
14 वर्षीय दुष्कर्म पीड़ित मां बनी, जेल से छूटा आरोपी धमका रहा है

उपमिता वाजपेयी | लखनऊ

ये कहानी है उत्तरप्रदेश के बाराबंकी जिले की 14 साल की बच्ची नेहा की। लोहियापुरम मोहल्ले में अपनी विधवा मां के साथ रहती है। दो घर दूर रहने वाले पंकज ने बहला-फुसलाकर नेहा के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने पंकज को गिरफ्तार तो किया, लेकिन वह जमानत पर रिहा हो गया और अब नेहा के परिवार को धमका रहा है। इधर नेहा गहरे डिप्रेशन में है। पहले जिस गली में वह सहेलियों के साथ घूमती-खेलती थी वहां अब कोई उससे बात तक नहीं करता।

दुष्कर्म की घटना के कुछ महीनों बाद एक दिन उसके पेट में तेज दर्द हुआ तो मां उसे डॉक्टर के पास ले गई। वहां पता चला नेहा को चार माह का गर्भ है। मां ने जब उसे मारा-पीटा तो नेहा ने पूरी बात बताई। नेहा की मां जब अपनी बेटी को लेकर पंकज के घर पहुंची तो पहले उसके मां-बाप ने उसे समझा-बुझाकर लौटा दिया। ये भी दिलासा दिया की इनकी शादी करवा देंगे। लेकिन बाद में ये कहकर मुकर गए कि छोटी जात की लड़की से शादी नहीं हो सकती। घटना पिछले साल जुलाई की है। नेहा की मां उसे जुलाई में अस्पताल ले गई थी। डॉक्टरों से नाबालिग बेटी का अबॉर्शन करने के लिए बहुत मिन्नतें भी की। लेकिन डॉक्टरों ने साफ कह दिया, अबॉर्शन का समय निकल चुका है, बेटी की जान को खतरा है। 4 अगस्त 2017 को वकील की सलाह पर नेहा की मां ने पुलिस में जाकर एफआईआर दर्ज करवाई। पुलिस ने पंकज और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया।

पिता को छोड़ दिया और पंकज को लॉकअप में भेज दिया। पंकज के परिवारवालों ने अपने बेटे को नाबालिग बताया। हालांकि नेहा की मां कहती है कि पंकज के परिवार वालों ने नाबालिग का प्रमाण-पत्र झूठा बनवाया है। उनके मुताबिक 3 अगस्त 2011 को बने उसके आधार कार्ड में जन्म तारीख 3 फरवरी 1997 है। जबकि इस घटना के बाद 1 सितंबर 2017 को बने स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट में 3 फरवरी 2000 लिखवाई गई है। यही वजह है कि पंकज को आम जेल के बजाए किशोर जेल फैजाबाद भेज दिया गया। वहां चार-पांच महीने रहने के बाद वह जमानत पर छूट गया। पिछले दो महीने से वह आजाद घूम रहा है। नेहा के लिए अब अपना घर ही जेल बन गया है। 28 नवंबर को नेहा ने बेटे को जन्म दिया। सेहत इतनी खराब थी कि उसका हीमोग्लोबिन 4 पाॅइंट पहुंच गया था।

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उसकी जान बचाने के लिए 1000 रुपए देकर दो बोतल खून खरीदकर चढ़ाया गया। बच्ची घर लौट आई लेकिन अब बाहर नहीं निकलती। पहले जिस गली में वह सहेलियों के साथ घूमती खेलती थी अब कोई उससे बात तक नहीं करता। यही नहीं पंकज नेहा के परिवार वालों को धमकियां भी दे रहा है। नेहा की मां को डराने के लिए उन पर 12 हजार रुपए की उधारी का आरोप लगाया है। वह जानता है नेहा की मां इतने पैसे कहां जुटा सकती है। शायद इसी डर से केस वापस ले ले। (नोट - नाबालिग लड़की और आरोपी का नाम परिवर्तित है)

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