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सतीश शिवलिंगम ने गोल्ड जीतने के बाद तिरंगे को सैल्यूट किया।

सतीश शिवलिंगम ने गोल्ड जीतने के बाद तिरंगे को सैल्यूट किया। 13 की उम्र से ही रोज 5 घंटे वर्कआउट करते रहे हैं सतीश,...

Dainik Bhaskar

Apr 08, 2018, 08:05 AM IST
सतीश शिवलिंगम ने गोल्ड जीतने के बाद तिरंगे को सैल्यूट किया।
सतीश शिवलिंगम ने गोल्ड जीतने के बाद तिरंगे को सैल्यूट किया।

13 की उम्र से ही रोज 5 घंटे वर्कआउट करते रहे हैं सतीश, पिता से सीखे गुर

सतीश शिवलिंगम के पिता भी वेटलिफ्टर रहे हैं और नेशनल लेवल पर गोल्ड भी जीत चुके हैं। 13 की उम्र में सतीश ने अपने पिता से ही वेटलिफ्टिंग के गुण सीखने शुरू किए। इस उम्र में ही सतीश रोज 5 घंटे वर्कआउट करते थे। लगातार दो कॉमनवेल्थ गोल्ड जीत उन्होंने पिता की और अपनी मेहनत सफल कर दी है।

टेबल टेनिस : भारत की पुरुष और महिला टीमें सेमीफाइनल में

भारत की पुरुष और महिला टेबल टेनिस टीमों ने मलेशियाई टीमों के खिलाफ 3-0 के समान अंतर से जीत अपने नाम करने के साथ सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। पुरुष टीम के लिए क्वार्टर फाइनल में हरमीत देसाई और अचंत शरत कमल ने अपने अपने एकल मैच जीते जबकि देसाई और जी साथियन की युगल टीम ने तीसरा मैच जीत लिया।

वेटलिफ्टिंग में 2 गोल्ड और

ग्लासगो- 2014 में उठाया था 328 किलो, इस बार उठाया 317 किलो

गोल्ड कोस्ट | भारतीय वेटलिफ्टरों सतीश कुमार शिवालिंगम और वेंकट राहुल रगाला ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शनिवार को 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए दो और गोल्ड मेडल जीते। इससे इन गेम्स में भारत को कुल गोल्ड मेडल की संख्या चार हो गई है। सतीश ने 77 किग्रा वर्ग में और वेंकट ने 85 किग्रा में गोल्ड जीते। सतीश ने लगातार दूसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है। ग्लासगो में उन्होंने 328 किलो वजन उठाकर पहला स्थान हासिल किया था। इस बार उन्होंने 317 किलो वजन उठाया है। सतीश ने स्नैच में 144 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 173 किग्रा वजन उठाया। सतीश जांघ की चोट से परेशान थे। वहीं, वेंकट राहुल ने कुल 338 किग्रा वजन उठाकर सिल्वर जीता। उन्होंने स्नैच में 151 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 187 किग्रा वजन उठाया।

मां की बीमारी की वजह से रियो ओलिंपिक में नहीं जा पाए थे राहुल, अब की वापसी

राहुल अभी सिर्फ 20 साल के हैं। 2016 में रियो ओलिंपिक जाने के लिए भी राहुल ने पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन गेम्स शुरू होने से ठीक पहले राहुल की मां की तबीयत बिगड़ गई। इस वजह से वो रियो ओलिंपिक में नहीं जा सके थे। बाद में मां का देहांत हो गया। राहुल के छोटे भाई यूथ कॉमनवेल्थ के मेडलिस्ट हैं।

ग्लासगो से 11 किलो कम वजन उठाकर भी सतीश ने गोल्ड जीता

हॉकी: दो गोल से पिछड़ने के बाद भी पाक ने भारत को ड्रॉ पर रोका

भारतीय पुरुष हॉकी टीम 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में पाकिस्तान के खिलाफ अपने पहले मैच में 2-0 की बढ़त हासिल करने के बावजूद जीत हासिल नहीं कर पाई। पाकिस्तान के लिए अली मुंबाशर ने खेल समाप्त होने से एक मिनट पर बराबरी का गोल किया। छह महीने पहले तक भारत के कोच रहे ओल्टमैंस अब पाकिस्तान के कोच हैं।

बॉक्सिंग: सरिता और मनोज क्वार्टर फाइनल में, मेडल से एक जीत दूर

भारतीय बॉक्सर एल सरिता देवी (60 किग्रा) महिला वर्ग में और मनोज कुमार (69) व हुसामुद्दीन मोहम्मद (56) ने शनिवार को अपने अपने राउंड-16 मुकाबले जीतकर क्वार्टर फानल में जगह बना ली। अब एक जीत इन मुक्केबाजों का मेडल तय कर देगा।

स्क्वॉश : जोशना की हार से भारतीय चुनौती समाप्त।

वेंकट राहुल ने 85 किलोग्राम कैटेगरी में 338 किलो वजन उठा जीता गोल्ड

कमाल के वेंकट

2013 में यूथ एशियन गेम्स में गोल्ड जीता था।

2014 में यूथ ओलांपिक गेम्स में सिल्वर जीता था।

गोल्ड कोस्ट अपडेट

मेडल टैली (टॉप-10)

रैंक देश गोल्ड सिल्वर ब्रॉन्ज कुल

1 ऑस्ट्रेलिया 20 17 20 57

2 इंग्लैंड 14 12 6 32

3 कनाडा 5 7 6 18

4 भारत 4 1 1 6

5 द. अफ्रीका 4 0 3 7

6 स्कॉटलैंड 3 6 6 15

7 न्यूजीलैंड 3 4 5 12

8 वेल्स 2 3 1 6

9 मलेशिया 2 0 1 3

10 बरमूडा 1 0 0 1

रविवार को भारत के प्रमुख मुकाबले






शूटिंग के मुकाबले आज से, मनु भाकर और हिना सिद्धू दावेदार

भारत के लिए मेडल की सबसे बड़ी उम्मीद शूटिंग प्रतियोगिता रविवार से शुरू हो रही है। शूटिंग के पहले दिन 10 मीटर एयर पिस्टल में अनुभवी हीना सिद्धू और युवा सनसनी मनु भाकर से मेडल की उम्मीद है। 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने चार गोल्ड सहित 17 मेडल जीते थे। इस बार आधा दर्जन गोल्ड मेडल जीतने की उम्मीद है।

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सतीश शिवलिंगम ने गोल्ड जीतने के बाद तिरंगे को सैल्यूट किया।
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