--Advertisement--

नहीं आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट, छह दिन में मरे 25 मोर

भास्कर न्यूज | अमरसर/शाहपुरा शाहपुरा तहसील के नयाबास ग्राम पंचायत के सेपटपुरा ग्राम में पिछले एक सप्ताह से...

Danik Bhaskar | Mar 28, 2018, 06:30 AM IST
भास्कर न्यूज | अमरसर/शाहपुरा

शाहपुरा तहसील के नयाबास ग्राम पंचायत के सेपटपुरा ग्राम में पिछले एक सप्ताह से राष्ट्रीय पक्षी मोर के मरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को भी तीन मोर और मर गए। वन विभाग एवं पशु चिकित्सा विभाग भी अभी तक मोरों के मरने के कारणों का पता नहीं लगा पाया है। छह दिन में भी मृत मोरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आने से ग्रामीणों में खासी नाराजगी है। अब तक 25 मोर काल का ग्रास बन चुके है। राष्ट्रीय पक्षी का जीवन बचाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री कार्यालय में गुहार लगाई है।

मंगलवार सुबह सूने मकानों में दो मोर मृत एवं एक मोर घायल अवस्था में मिला। मामले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घायल मोर को बचाने का प्रयास किया और पशु चिकित्सक ओमप्रकाश जाखड़ को सूचना दी। सूचना के काफी देर बाद पहुंचे नोडल अधिकारी डॉ.बीएल यादव, डा.ओमप्रकाश जाखड़, डॉ.बीएल बराला मौके पर पहुंचे तथा घायल मोर का इलाज शुरू किया, लेकिन तमाम प्रयास के बावजूद मोर मर गया।

मुख्यमंत्री कार्यालय में लगाई गुहार

सरपंच भैरुराम जाट, पंसस रामसिंह सेपट, पूर्व सरपंच रामेश्वर घोसल्या, समाजसेवी भगवान सहाय गौरा, प्रकाश सेपट, हरिनारायण जाट, खूबाराम ने कहा कि पिछले छह दिन से लगातार मोरों के मरने का सिलसिला चल रहा है। अभी तक भी वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग यह पता नहीं लगा पाया कि मोरों की मौत किस वजह से हो रही है। इससे नाराज ग्रामीणों ने राष्ट्रीय पक्षी मोर का जीवन बचाने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में आॅनलाइन शिकायत दर्ज करवाई है। ग्रामीणों ने डिप्टी स्पीकर राव राजेंद्र सिंह, जिला कलेक्टर सिद्धार्थ महाजन को मामले से अवगत कराया। मोरों के लिए ग्रामीणों ने दो क्विंटल मक्का, पानी भरने के लिए सीमेंट की 12 कुंडी रखवाई गई है। वन विभाग ने भी मोरों के लिए पानी के लिए 12 मिट्‌टी की कुंडी रखवाई गई है जिनमें ग्रामीण नियमित रूप से पानी भर रहे है।

जयपुर से पहुंचे पक्षी रोग विशेषज्ञ

जिला प्रशासन के निर्देश पर जयपुर नाहरगढ़ से एसीएफ जगदीश चंद्र गुप्ता, पक्षी रोग विशेषज्ञ डा.अशोक तंवर मौके पर पहुंचे। टीम ने पूरे गांव का भ्रमण व आसपास का परिवेश का निरीक्षण किया। ग्रामीणों से मोरों की मौत होने के लक्षणों की जानकारी प्राप्त की। वन विभाग व पशुपालन विभाग की टीम तीनों मृत मोरों को लेकर अमरसर वनपाल कार्यालय पहुंची तथा पोस्टमार्टम कर सैंपल लिए। मृत मोरों का ससम्मान अंतिम संस्कार करवा दिया।

सैंपल जांच के लिए बरेली भिजवाए

शाहपुरा रेंजर रघुवीर मीना व सहायक वनपाल बनवारी लाल मान ने बताया कि मृत तीनों मोरों के सैंपल लेकर बरेली (उत्तर प्रदेश) जांच के लिए भिजवाए जाएंगे। वनपाल दयाशंकर टेलर जयपुर बिसरा जांच के लिए तैनात किए गए है। जांच रिपोर्ट आने पर ही वास्तविकता का पता चल सकता है।

सेपटपुरा में मोर मरने का नहीं थम रहा सिलसिला, तीन अौर मृत मिले, जयपुर से पक्षी रोग विशेषज्ञ पहुंचे

किस दिन कितने मोर

22 मार्च 9 मोर मृत

23 मार्च 3 मोर मृत

24 मार्च 2 मोर मृत, एक घायल

25 मार्च एक मोर मृत

26 मार्च 7 मोर मृत, एक घायल

27 मार्च 3 मोर मृत