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आचार्य को चढ़ावा भेंट करने पहुंचे संत, चातुर्मास की विनती के लिए अर्जियों का वाचन शुरू, कल होगी चातुर्मास की घोषणा

अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के फूलडोल महोत्सव में रविवार को थाल का तीसरा जुलूस निकला। देशभर से आए संतों व...

Danik Bhaskar | Mar 05, 2018, 06:35 AM IST
अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के फूलडोल महोत्सव में रविवार को थाल का तीसरा जुलूस निकला। देशभर से आए संतों व रामस्नेही भक्तों ने आचार्य रामदयाल महाराज को चढ़ावा पेश किया। गाजे-बाजे के साथ चढ़ावा पेश करने पहुंचे संतों ने बारादरी पहुंचकर आचार्य को प्रणाम कर आशीर्वाद लिया। पांच दिवसीय मुख्य फूलडोल के तीसरे दिन सुबह 11 बजे बारादरी में आचार्य के चातुर्मास की विनती के लिए आई अर्जियों का वाचन शुरू हुआ। चित्तौड़गढ़ के संत रमताराम महाराज, दिग्विजय राम महाराज व जोधपुर के संत हरिराम महाराज ने अर्जियों का वाचन किया। अर्जियों का वाचन पंचमी को सुबह 11 बजे तक होगा। इसके बाद दोपहर 12 बजे आचार्य रामदयाल महाराज अपने चातुर्मास की घोषणा करेंगे। टोंक से 33वीं पदयात्रा शाहपुरा पहुंची। पदयात्रा में शामिल वरिष्ठ संत रामनिवास महाराज, कोमल राम महाराज व संत परसराम महाराज की अगुवाई में 200 पदयात्री रामद्वारा के मुख्य गेट से सूरज पोल तक दंडवत करते हुए पहुंचे। बारादरी में आचार्य को चढ़ावा पेश कर आशीर्वाद लिया।

गाजे-बाजे के साथ अणभै वाणी का जुलूस निकाला गया। जुलूस सदर बाजार होकर रामनिवास धाम पहुंचा, जहां संतों ने जुलूस की अगवानी की। आचार्य रामदयाल महाराज ने बारादरी में प्रवचन दिए। रामस्नेही अनुयायियों ने आचार्य से आशीर्वाद लेकर स्तंभ जी के दर्शन कर मन्नत मांगी। सुबह सूरत वालों की तरफ से रामस्नेही संत पप्पूराम व कल्लू बहन ने चढ़ावा पेश किया। इससे पहले महंत निर्मल राम, बड़ौदा के संत रामप्रसाद महाराज, इंदौर के संत अमृत राम, संत राम विश्वास आदि बैंडबाजों के साथ जुलूस के रूप में चढ़ावा पेश करने बारादरी पहुंचे। नगर पालिका की ओर से आयोजित किए जा रहे पांच दिवसीय फूलडोल मेले के तीसरे दिन रस्साकसी व महिलाओं के लिए मटकी दौड़ प्रतियोगिता हुई।

फूलडोल महोत्सव


संत रामनिवास की अगुवाई में टोंक से शाहपुरा पहुंची पदयात्रा, आचार्य के दर्शन करने दंडवत करते पहुंचे

अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय की मुख्य पीठ शाहपुरा में पांच दिवसीय मुख्य फूलडोल में तीसरे थाल के जुलूस में उमड़ा जन सैलाब, रामस्नेही भक्तों ने स्थंभजी के दर्शन किए

अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के टोंक रामद्वारा से 33वीं रामस्नेही पदयात्रा रविवार दोपहर रामनिवास धाम पहुंची। वरिष्ठ संत रामनिवास महाराज की अगुवाई में शाहपुरा पहुंची पदयात्रा की रामस्नेही भक्तों ने गाजे-बाजे के साथ अगवानी की। पदयात्रा का कादीसहना में जीएसएस अध्यक्ष हितेंद्र सिंह राणावत की अगुवाई में स्वागत किया गया। रामस्नेही संप्रदाय के वरिष्ठ संत रामनिवास महाराज, संत कोमलराम महाराज, संत परसराम के सान्निध्य में पहुंची पदयात्रा में महाप्रभु रामचरण महाराज की झांकी भी थी। गाजे-बाजे के साथ कलिंजरी गेट से पदयात्रा का नगर प्रवेश हुआ। बालाजी की छतरी, सदर बाजार, कुंड गेट होकर पदयात्रा रामधाम पहुंची। पदयात्रा के साथ चल रहे संतों से भक्तों ने आशीर्वाद लिया। पदयात्रा में शामिल भक्त राम नाम का जाप करते हुए चल रहे थे। इस दौरान पदयात्रा समिति के अध्यक्ष रूपनारायण चौधरी, मंत्री बाबूलाल संडीला, सत्यनारायण सोरन, बलदेव लवादर, अनिल राजसमंद, कुलदीप महाजनपुरा, लालचंद सवाईमाधोपुर, राजेश विजयवर्गीय टोंक, शिवराज, बाबूलाल गुप्ता गुढ़ा, रवि विजयवर्गीय आदि मौजूद थे।

रामस्नेही संप्रदाय के पीठाधीश्वर आचार्य रामदयाल महाराज के चरण स्पर्श करने को लेकर रामस्नेही भक्तों में होड़ मच गई। बारादरी में आरती के बाद आचार्य के विश्राम के लिए लौटने पर श्रद्धालुओं ने आचार्य के चरण स्पर्श करने के लिए अपनी हथेलियां बिछा दी।

तस्वारिया में पदयात्रा का रात्रि विश्राम, संत प्रवचन हुए... पंडेर. टोंक रामद्वारा से रवाना हुई 33वीं पदयात्रा शनिवार रात पंडेर होकर तस्वारिया पहुंची। महाप्रभु स्वामी रामचरण त्रिशताब्दी प्राकट्य महोत्सव के तहत संत समागम पदयात्रा वरिष्ठ संत रामनिवास महाराज, संत कोमलराम महाराज, संत परसराम महाराज के सान्निध्य में तस्वारिया पहुंची। तस्वारिया में संत रामनिवास महाराज ने प्रवचन दिए।