• Hindi News
  • Rajasthan
  • Shahpura
  • एकल महिला के रूप में बेटी का पालन, सैकडों किशोरों को दे रही हैं प्रशिक्षण
--Advertisement--

एकल महिला के रूप में बेटी का पालन, सैकडों किशोरों को दे रही हैं प्रशिक्षण

बस्सी| झुंझनू स्थित चिडावा निवासी सुनीता शर्मा की उम्र करीब 44 साल है। बीते 11 साल से वह बस्सी क्षेत्र में 11 से 20...

Dainik Bhaskar

Mar 08, 2018, 06:45 AM IST
एकल महिला के रूप में बेटी का पालन, सैकडों किशोरों को दे रही हैं प्रशिक्षण
बस्सी| झुंझनू स्थित चिडावा निवासी सुनीता शर्मा की उम्र करीब 44 साल है। बीते 11 साल से वह बस्सी क्षेत्र में 11 से 20 आयुवर्ग के किशोरों-युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दे रही है। वर्तमान में दूसरा दशक परियोजना में कार्यरत सुनीता शर्मा परियोजना के तहत छत्तीसगढ़, यूपी, बिहार, झारखण्ड, मध्यप्रदेश एवं पश्चिम बंगाल में भी इसी आयुवर्ग के किशोरों के साथ काम कर रही संस्थाओं को प्रशिक्षण दे चुकी है। सुनीता शर्मा एकल महिला के रूप में अपनी बेटी अभिषेक का ना केवल पालन कर रही है, बल्कि वे उसे समानता का पाठ भी शुरू से ही पढ़ा रही है। सुनीता ने बीते 11 साल में बस्सी में कार्यरत अपनी संस्था के माध्यम से उपखण्ड की 22 ग्राम पंचायतों के 80 गांवों में करीब 36 महिला मंचों और 38 युवामंचों का गठन करवा चुकी है।

कुछ करने का मन में जज्बा होना चाहिए

पावटा| पावटा प्रधान रेखा मीणा का परिवार पूरे सामाजिक रीति रिवाज से बंधा हुआ था। शिक्षा भी अधूरी रही। शादी के बाद ससुराल पक्ष के लोगों के समक्ष पढ़ाई करने की बात रखी तो पति बृजमोहन एवं ससुर रामनिवास ने उनके हौसले को देखकर बीए एवं बीएड करवा दिया। ससुराल पक्ष में राजनीति से जुड़े होने के कारण नवसृजित पावटा पंचायत समिति में प्रधान पद का चुनाव लड़ा और पहली प्रधान बनने का अवसर प्राप्त किया। इसके बाद लगातार बालिका शिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण के लिए तमाम कार्यों को प्रोत्साहित कर रही हूं। जहां भी मौका मिलता है तो महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना व बेटियों को पढ़ाई करवाने के लिए प्रेरित करती हूं।

महिलाओं में योग के प्रति ला रही है जागरूकता

शाहपुरा| शहर की न्यू कॉलोनी निवासी राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सेवानिवृत शिक्षिका श्यामाकंवर चौहान राजकीय सेवा से सेवानिवृत होने के बाद भी महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर काफी गंभीर है। वे महिलाओं को स्वस्थ रखने के लिए नियमित योग करने के लिए जागरूक कर रही है। इसके अलावा जयगुरूदेव धर्मप्रचारक संस्था से जुड़ी होने के नाते लोगों को मांसाहारी से शाहाकारी बनने के लिए प्रेरित करती है। उनका मानना है कि मांसाहारी भोजन खाने से व्यक्ति के शरीर में कई तरह की बीमारियां हो जाती है। शाकाहारी बनकर ही स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है। पुरस्कृत शिक्षक फोरम राजस्थान से जुड़ी होने के कारण वह बच्चों में परीक्षा का डर मन से निकालने के लिए एक माह पहले ही बोर्ड कक्षाओं के परीक्षा उपयोगी नोट्स तैयार करके सरकारी स्कूलों में बच्चों तक पहुंचाती है। इससे बच्चों को परीक्षा की तैयारी में काफी मदद मिलती है। उन्होंने महिला दिवस पर महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि महिलाओं को कभी भी घर तक सीमित नहीं रहकर समाज में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। वर्तमान में महिलाओं का स्थान पुरुषों के बराबर है।

X
एकल महिला के रूप में बेटी का पालन, सैकडों किशोरों को दे रही हैं प्रशिक्षण
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..