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सेपटपुरा: अब तक 37 मोरों की मौत व 4 घायल

भास्कर न्यूज | अमरसर/शाहपुरा सेपटपुरा गांव में पिछले एक पखवाड़े से राष्ट्रीय पक्षी मोरों के मरने व घायल होने के...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 06:50 AM IST
भास्कर न्यूज | अमरसर/शाहपुरा

सेपटपुरा गांव में पिछले एक पखवाड़े से राष्ट्रीय पक्षी मोरों के मरने व घायल होने के चल रहे सिलसिले में रविवार को पशुपालन विभाग के आला अधिकारियों ने सेपटपुरा गांव का दौरा किया। सेपटपुरा में गत एक पखवाड़े में 37 मोरों की मौत हो चुकी जबकि 4 मोर घायल हो चुके हैं। ग्रामीण मुख्यमंत्री कार्यालय, डिप्टी स्पीकर राव राजेंद्र सिंह, जिला प्रशासन सहित कई जगह मोरों की मौत पर अंकुश लगाने के उपाय करने की मांग कर चुके है, मगर अभी तक पुख्ता इंतजाम नहीं हो सके है। अतिरिक्त निदेशक डाॅ.प्रकाश भाटी ने बताया कि घायल मोरों के सैंपल लेकर जालंधर व बरेली भिजवाए जाएंगे। जांच रिपोर्ट आने पर ही मोरों के मरने व घायल होने का वास्तविक वजह पता चल पाएगी।

पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डा.प्रकाश भाटी, संयुक्त निदेशक डा.जेआर बैरवा व वरिष्ठ चिकित्सक के साथ रविवार दोपहर गांव पहुंचे तथा सेपटपुरा में मोरों के आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पशु चिकित्सक डा.बीएल यादव, डा.बीएल बराला व डाॅ.ओमप्रकाश जाखड़ से मोरों के घायल होने तथा उनके उपचार व उपचार के पश्चात भी मरने के लक्षणों की जानकारी प्राप्त की। टीम ने मोरों के ठहराव, मृत होने, घायल होने के स्थानों की जानकारी प्राप्त कर सैंपल उठाए।

रेंजर रघुवीर मीना, वनपाल दया शंकर टेलर, बनवारी मान, अर्जुन कलवानिया, एलएन यादव, जगदीश सिंह से मोरों के दाने- पानी की व्यवस्था की जानकारी प्राप्त कर वन विभाग के कर्मचारियों से दिन में मोरों के ठहरने, चुंगा पानी करने की बारीकी से रैकी करने के निर्देश दिए। सरपंच भैंरुराम घोसल्या, समाजसेवी भगवान सहाय गौरा, पंसस रामसिंह सेपट, खूबाराम सेपट, महावीर सेपट, प्रकाश सेपट, हुकुम चंद आदि ने अधिकारियों से पोस्टमार्टम की जांच रिपोर्ट मंगवाकर मोरों के मरने पर अंकुश लगाने के उपाय करने की मांग की।

नायब तहसीलदार भीमसेन सैनी व पटवारी रामनिवास मीना ने अधिकारियों को क्षेत्र की भौगोलिक व कृषि की स्थिति से अवगत करवाया। टीम ने जीवित व घायल मोरों के लक्षणों का निरीक्षण किया तथा मोरों के लिए उत्तम श्रेणी का दाना व स्वच्छ जल साफ पात्रों में रखने की हिदायत दी। रेंजर रघुवीर मीना ने बताया कि वन विभाग की टीम मोरों की हर गतिविधियों की रैकी कर रही हैं। पोस्टमार्टम के लिए सैंपल जमा करवा दिए हैं। शीघ्र जांच रिपोर्ट आने पर मौत पर अंकुश लगाने के उपाय किए जाएंगे। नायब तहसीलदार भीमसेन सैनी ने बताया कि किसानों व ग्रामीणों से भी नालियों में गंदे पानी का ठहराव नहीं होने देने तथा मोरों पर नजर रखने में वन विभाग की टीम का सहयोग करने की अपील की गई हैं।

मौका निरीक्षण

पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक व संयुक्त निदेशक ने उठाए नमूने, जांच रिपोर्ट के बाद ही मौत का होगा खुलासा

अमरसर. सेपटपुरा मोरो की मौत के बाद वनविभाग के अतिरिक्त निदेशक व संयुक्त निदेशक की टीम मोरो के ठहराव स्थल के सैंपल लेते हुए।