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9 बेटियों को पद्माक्षी पुरस्कार में मिली स्कूटी

भीलवाड़ा. महिला आश्रम में बालिका शिक्षा फाउंडेशन की अोर से रविवार को हुए समारोह में गार्गी व पद्माक्ष्री पुरस्कार...

Danik Bhaskar | Feb 05, 2018, 06:55 AM IST
भीलवाड़ा. महिला आश्रम में बालिका शिक्षा फाउंडेशन की अोर से रविवार को हुए समारोह में गार्गी व पद्माक्ष्री पुरस्कार प्राप्त छात्राएं अतिथियों के साथ।

भास्कर संवाददाता| भीलवाड़ा

रविवार बेटियों पर गर्व का दिन रहा। जिले की 649 होनहार बेटियों का शिक्षा विभाग ने सम्मान किया। पहली बार पद्माक्षी पुरस्कार में 7 छात्राओं तथा आर्थिक पिछड़ा वर्ग (सामान्य) की 2 छात्राओं को स्कूटी दी गई।

शिक्षा विभाग की ओर से रविवार सुबह सुवाणा ब्लॉक तथा जिला मुख्यालय का गार्गी पुरस्कार वितरण समारोह हुआ। मुख्य अतिथि सांसद सुभाष बहेड़िया ने 354 छात्राओं को गार्गी पुरस्कार से नवाजा। इन्हें प्रशस्ति पत्र के साथ 3 हजार रुपए का चेक दिया गया। इसी प्रकार 285 छात्राओं को बालिका प्रोत्साहन के रूप में 5 हजार रुपए के चेक व प्रशस्ति पत्र दिए। राज्य ओपन बोर्ड परीक्षा में जिले में टॉप रहने पर एक छात्र को एकलव्य पुरस्कार से सम्मानित किया। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक प्रथम अशोक कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी प्रांरभिक द्वितीय राधेश्याम शर्मा, एडीईओ तेजकरण बहेड़िया, जगजितेंद्र सिंह एवं अशोक पारीक मौजूद थे।

75 % से अधिक अंक पर पुरस्कार

बेटियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए बालिका शिक्षा फाउंडेशन की ओर से पद्माक्षी व गार्गी पुरस्कार दिए गए। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं एवं 12वीं परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने पर ये पुरस्कार छात्राओं को दिया जाता है। हर साल समारोह बसंत पंचमी पर होता है लेकिन इस वर्ष मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव के कारण आचार संहिता लगी हुई थी। इसलिए भीलवाड़ा में सम्मान समारोह 22 जनवरी की बजाय 4 फरवरी को हुआ।

नियमित पढ़ाई और समय प्रबंधन से इनको मिली कामयाबी

पायल बांगड़

स्कूल
: महिला आश्रम

कक्षा : 12वीं

उपलब्धि : 91.80 प्रतिशत

सफलता कैसे : निरंतर पढ़ाई, बोर्ड के पिछले प्रश्नपत्रों को हल

सुगना गुर्जर

स्कूल
: राउमावि बेमाली

कक्षा : 12वीं कला

उपलब्धि : 84.40 प्रतिशत

सफलता कैसे : नियमित अध्ययन बोर्ड के पिछले प्रश्नपत्रों को हल

पहली बार पद्माक्षी में मिली स्कूटी

माशि बोर्ड की 12वीं कक्षा में एससी, एसटी, अल्पसंख्यक, ओबीसी, एसबीसी, सामान्य वर्ग, बीपीएल तथा दिव्यांग वर्ग से प्रत्येक जिले में टॉप करने वाली छात्रा को पद्माक्षी पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपए दिए जाते हैं। इस वर्ष से नकद राशि के साथ ही पुरस्कार में छात्रा को स्कूटी भी दी गई। परिवहन विभाग स्कूटी का निशुल्क पंजीयन करेगा।

भास्कर संवाददाता| भीलवाड़ा

रविवार बेटियों पर गर्व का दिन रहा। जिले की 649 होनहार बेटियों का शिक्षा विभाग ने सम्मान किया। पहली बार पद्माक्षी पुरस्कार में 7 छात्राओं तथा आर्थिक पिछड़ा वर्ग (सामान्य) की 2 छात्राओं को स्कूटी दी गई।

शिक्षा विभाग की ओर से रविवार सुबह सुवाणा ब्लॉक तथा जिला मुख्यालय का गार्गी पुरस्कार वितरण समारोह हुआ। मुख्य अतिथि सांसद सुभाष बहेड़िया ने 354 छात्राओं को गार्गी पुरस्कार से नवाजा। इन्हें प्रशस्ति पत्र के साथ 3 हजार रुपए का चेक दिया गया। इसी प्रकार 285 छात्राओं को बालिका प्रोत्साहन के रूप में 5 हजार रुपए के चेक व प्रशस्ति पत्र दिए। राज्य ओपन बोर्ड परीक्षा में जिले में टॉप रहने पर एक छात्र को एकलव्य पुरस्कार से सम्मानित किया। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक प्रथम अशोक कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी प्रांरभिक द्वितीय राधेश्याम शर्मा, एडीईओ तेजकरण बहेड़िया, जगजितेंद्र सिंह एवं अशोक पारीक मौजूद थे।

75 % से अधिक अंक पर पुरस्कार

बेटियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए बालिका शिक्षा फाउंडेशन की ओर से पद्माक्षी व गार्गी पुरस्कार दिए गए। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं एवं 12वीं परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने पर ये पुरस्कार छात्राओं को दिया जाता है। हर साल समारोह बसंत पंचमी पर होता है लेकिन इस वर्ष मांडलगढ़ विधानसभा उपचुनाव के कारण आचार संहिता लगी हुई थी। इसलिए भीलवाड़ा में सम्मान समारोह 22 जनवरी की बजाय 4 फरवरी को हुआ।

अनिता मीणा

स्कूल
: महिला आश्रम

कक्षा : 12वीं

उपलब्धि : __ प्रतिशत

सफलता कैसे : पास बुक्स की बजाए मूल किताबों से अध्ययन

अमृता पारीक

स्कूल
: राउमावि शाहपुरा

कक्षा : 12वीं साइंस

उपलब्धि : 94.00 प्रतिशत

सफलता कैसे : परीक्षा के तनाव से बचने के लिए नियमित अध्ययन

आयुषी सोनी

स्कूल
: सिग्मा ग्लोबल एकेडमी

कक्षा : 12वीं साइंस

उपलब्धि : 94.40 प्रतिशत

सफलता कैसे : जुलाई से ही टाइम मैनेजमेंट कर नियमित पढ़ाई

दुर्गा बलाई

स्कूल
: आदर्श विद्या मंदिर करेड़ा

कक्षा : 12वीं कला

उपलब्धि : 90.80 प्रतिशत

सफलता कैसे : निरंतर पढ़ाई, बोर्ड के पिछले प्रश्नपत्रों को हल किया

स्नेह शर्मा

स्कूल
: महिला आश्रम

कक्षा : 10वीं

उपलब्धि : 95.63 प्रतिशत

सफलता कैसे : प्रतिदिन कम से कम 6 से 7 घंटे अध्ययन