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शाहपुरा भाजपा के ग्रामीण मंडल अध्यक्ष चौधरी के खिलाफ ज्यादती व रुपए ऐंठने का मुकदमा

बनेड़ा क्षेत्र की एक महिला ने भाजपा ग्रामीण मंडल के अध्यक्ष रामप्रसाद चौधरी पर यौनशोषण और रुपए ऐंठने का आरोप...

Dainik Bhaskar

Feb 05, 2018, 06:55 AM IST
बनेड़ा क्षेत्र की एक महिला ने भाजपा ग्रामीण मंडल के अध्यक्ष रामप्रसाद चौधरी पर यौनशोषण और रुपए ऐंठने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। जांच डीएसपी सुरेशकुमार सांवरिया कर रहे हैं।

थानाधिकारी देरावरसिंह भाटी के अनुसार इस्तगासे से दर्ज केस में आरोप है कि पति अपने साढू की हत्या के आरोप में शाहपुरा जेल में बंद था। उसे 13 जनवरी, 2017 को अजमेर जेल भेज दिया। मुकदमे की पैरवी कैलाश सुवालका कर रहे थे। एक दिन कोर्ट में वकील रामप्रसाद पिता धन्ना चौधरी निवासी नाला की सेवनी उसे कोर्ट में मिला। उसने आश्वासन दिया कि वह 15 दिन में उसके पति को रिहा करा देगा। इसके बदले फीस 1.50 लाख रुपए मांगे। अगले दिन फीस लेकर आई तो उसने कहा कि वह कार्यालय में लेगा। जिस पर वह उसके मकान स्थित कार्यालय पर गई। वकील ने जूस पिलाया।

इसके बाद वह बेहोश हो गई। होश आने पर वकील ने मुझे धमकी देकर चुपचाप रहने की बात कही। 14 नवंबर 2017 को उसके पति रिहा होकर घर आ गए। जिसके बाद उसके पति को डेढ़ लाख रुपए देने की बात कही। जिस पर वह दोनों शाहपुरा कोर्ट आए और वकील चौधरी से रुपए वापस मांगे। जिस पर उसने उन्हें धमकाया वह जातिगत अपमानित किया।

अधिवक्ता रामप्रसाद चौधरी ने बताया कि 3 वर्ष पूर्व एक एक्सीडेंट का मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें पार्टी का वकील था। बाद में यह मर्डर केस में तब्दील हो गया था। जिसमें उक्त महिला की पति को सजा हो गई। वह चाहते थे कि मामला एक्सीडेंट में ही रहे। मेरे ऊपर लगे सभी आरोप राजनीतिक साजिश है। मैं कभी उस महिला या उसके पति से नहीं मिला। सभी आरोप बेबुनियाद हैं।

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अभिभाषक संस्था चौधरी के समर्थन में

इधर, अधिवक्ता रामप्रसाद चौधरी के समर्थन में शाहपुरा अभिभाषक संस्थान की शनिवार को बैठक हुई। इसमें बताया कि अधिवक्ता चौधरी की छवि को धूमिल करने तथा ब्लैकमेल करने की नीयत से आरोप लगाए गए हैं। संस्थान के अध्यक्ष हितेश शर्मा और पूर्व अध्यक्ष अनिलकुमार शर्मा ने मामले को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया। संस्था को जब महिला ने पहला पत्र दिया था उसमें कहीं भी दुष्कर्म जैसी बात का जिक्र नहीं है। पत्राचार में दुष्कर्म के आरोप लगाए जा रहे हैं। निर्णय लिया कि उक्त महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वरिष्ठ अधिवक्ता जयंत ओझा, त्रिलोकचंद नवलखा, प्रणवीरसिंह चौहान की अगवाई में कमेटी का गठन भी किया गया।

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