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ग्राम पंचायत सहायक भर्ती के एक साल में चार चरण, फिर भी अधूरी रह गई भर्ती

प्रदेश में लगभग हर भर्तियों की तरह ग्राम पंचायत सहायक भर्ती विवादों में उलझकर पूरी नहीं हो सकी है। एक साल के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 29, 2018, 07:00 AM IST

प्रदेश में लगभग हर भर्तियों की तरह ग्राम पंचायत सहायक भर्ती विवादों में उलझकर पूरी नहीं हो सकी है। एक साल के कार्यकाल के लिए पंचायती राज विभाग एवं शिक्षा विभाग ने ग्राम पंचायत सहायकों की भर्ती शुरू की थी। भर्ती शुरू होने के डेढ़ साल बाद प्रदेश की सभी 9891 ग्राम पंचायतों को ग्राम पंचायत सहायक नहीं मिल सके है। भर्ती के लिए सरकार ने एक साल की अवधि में चार चरण किए है, लेकिन सरकार अभी तक सभी ग्राम पंचायतों में अभ्यर्थियों को इन पदों पर नियुक्ति नहीं दे सकी है।

खास बात है कि सरकार ने ग्राम पंचायत सहायकों की नियुक्ति एक साल के लिए की थी। जिन ग्राम पंचायतों में पहले चरण में यानी 17 फरवरी 2017 को हुई चयन प्रक्रिया के तहत मई 2017 में नियुक्त हुई थी उनका एक साल का कार्यकाल मई महीने में पूरा हो रहा है। इसके बावजूद सरकार शेष रही ग्राम पंचायतों में भर्ती का चौथा चरण 3 अप्रैल को कराने का कार्यक्रम घोषित किया है। अब सवाल यह भी खड़े हो रहे है कि जब सरकार को एक साल की अवधि के लिए ही इन पदों पर नियुक्ति की जानी थी तो 3 अप्रैल हो रहे भर्ती के चौथे चरण क्या औचित्य है। चौथे चरण में नियुक्त होने वाले अभ्यर्थियों का कार्यकाल कितना होगा। इस पर अभी असमंजस बना हुआ है और भर्ती में जिन अभ्यर्थियों का कार्यकाल मई में समाप्त हो रहा है। उसको बढ़ाने को लेकर भी सरकार ने अभी तक कोई स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किए है।

ग्राम पंचायत स्तर पर एसडीएमसी पर था भर्ती का जिम्मा

पग्राम पंचायत स्तर पर भर्ती का जिम्मा विद्यालय विकास एवं प्रबंधन समिति ( एसडीएमसी) को दिया गया था । इसमें अभ्यर्थी की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं कक्षा पास की रखी गई थी। भर्ती के स्पष्ट नियम नहीं होने की वजह से एसडीएमसी ने अपने स्तर पर ही भर्ती के मापदंड तय किए थे। जिसके कारण भर्ती में कई तरह के विवाद खड़े हो गए। इस कारण कई ग्राम पंचायतों में भर्ती पूरी नहीं हो सकी है। कई ग्राम पंचायतों तो ऐसी भी है जिनमें एसडीएमसी ने दो बार चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी नियुक्ति नहीं हो सकी है।

6 हजार प्रतिमाह मानदेय, वो भी समय पर नहीं मिल पा रहा

सरकार ने ग्राम पंचायत सहायकों को मानदेय ग्राम पंचायतों के खाते से देने का प्रावधान रखा था लेकिन नियुक्ति के पश्चात ग्राम पंचायत सहायकों का कार्यस्थल पीईईओ(पदेन पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी) के अधीन किए जाने से नाराज सरपंच एवं ग्राम सेवकों ने पंचायत सहायकों को मानदेय देने से इंकार कर दिया। प्रदेश की ऐसी कई ग्राम पंचायतें हैं जिनमें ग्राम पंचायत सहायकों को कई महीनों से मानदेय नहीं मिल पाया है। कई बार शिकायत दर्ज कराने पर भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।पंचायत सहायकों ने सरकार से मांग की है कि उनके मानदेय की समस्या का समाधान शीघ्र किया जाए

पारदर्शिता होनी चाहिए भर्तियों में

भर्ती के मापदंड तय नहीं होने से चयन प्रक्रिया विवादों में रही है। एसडीएमसी द्वारा भेदभाव पूर्ण तरीके से चयन किए जाने तथा अलग अलग मापदंड अपना कर भर्ती कराने के कई मामले अदालत में आए है। जो अभी भी कोर्ट में विचाराधीन है। सरकार को निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के लिए भर्ती कराने से पहले ही सभी मापदण्ड एवं चयन प्रक्रिया तय कर देनी चाहिए। ताकि भर्ती में किसी प्रकार के विवाद खड़े नहीं हो पाते और अभ्यर्थियों को समय पर नियुक्ति मिल सकती। एडवोकेट संदीप कलवानिया, हाईकोर्ट, जयपुर

भर्ती आंकड़े एक नजर में

प्रदेश में कुल ग्राम पंचायत 9891

पदों की संख्या 27 हजार

भर्ती का प्रथम चरण 17 फरवरी 2017 को

द्वितीय चरण अक्टूबर 2017 में

तीसरा चरण जनवरी 2018 में

चौथा चरण 3 अप्रैल 2018 को प्रस्तावित

प्रदेश के करीब एक लाख अभ्यर्थियों ने भर्ती में भाग लिया है।

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