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सिद्धचक्र महामंडल विधान के समापन पर 21 जोड़ों ने दी हवन में आहुतियां

Dainik Bhaskar

Feb 28, 2018, 07:00 AM IST

Shahpura News - दिगंबर जैनाचार्य चंद्रसागर महाराज ने कहा कि भगवान जिनेंद्र की शरण में रहने से जीव का कल्याण होता है। मानव संसार...

सिद्धचक्र महामंडल विधान के समापन पर 21 जोड़ों ने दी हवन में आहुतियां
दिगंबर जैनाचार्य चंद्रसागर महाराज ने कहा कि भगवान जिनेंद्र की शरण में रहने से जीव का कल्याण होता है। मानव संसार में अनादिकाल से बार-बार मानव जीवन में जन्म लेकर अनंत दु:खों को भोगता हुआ जीवन निर्वहन कर रहा है। जो मनुष्य भगवान के चरणों की शरण में रह कर भक्ति व भाव से स्मरण करता है उसका मोक्ष व गति प्राप्त होती है।

दिगंबर जैन पंचायत भवन में मंगलवार को मंडल विधान महोत्सव के समापन एवं विश्वशांति महायज्ञ की पूर्णाहुति पर धर्मसभा में आचार्य ने कहा कि यह संसार अनंत है। यानी जिसका कहीं कोई अंत नहीं है। ऐसे संसार का छेदन करने के लिए प्रभु भक्ति अहम है। इसी से मानव का कल्याण व जीवन की मुक्ति हो सकती है। दिगंबर जैन समाज के अष्टाह्निका पर्व के तहत पांच दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान महोत्सव का समापन हुआ। वासुपूज्य भगवान के सानिध्य में गोयल परिवार की ओर से विधान पूजा हुई। जैन शास्त्री पं. धरणेंद्र कुमार के नेतृत्व में चिरंजीलाल व गोयल परिवार सहित 21 श्रावक श्राविकाओं ने आहुतियां दीं। इंद्र-इंद्राणियों ने शांति पाठ किया। यज्ञ समापन के बाद वासुपूज्य भगवान को पालकी में विराजित कर गाजे-बाजों के साथ पुन: नया मंदिर पहुंचाया।

दिगंबर जैनाचार्य चंद्रसागर महाराज के सान्निध्य में हुआ 5 दिवसीय आयोजन

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