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चार साल में तीन बार आंदोलन, नहीं मानी एक भी मांग, सात तक काली पट्टी बांधकर विरोध

शहर के पंचायत समिति कार्यालय के सामने सोमवार को प्रदेश स्तरीय संवर्ग सुरक्षा सत्याग्रह आंदोलन के तहत ग्राम...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 06, 2018, 07:10 AM IST

चार साल में तीन बार आंदोलन, नहीं मानी एक भी मांग, सात तक काली पट्टी बांधकर विरोध
शहर के पंचायत समिति कार्यालय के सामने सोमवार को प्रदेश स्तरीय संवर्ग सुरक्षा सत्याग्रह आंदोलन के तहत ग्राम पंचायतों में कार्यरत ग्राम सेवक पदेन सचिवों ने 11 सूत्री मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद सचिवों ने मांगों को मुख्यमंत्री, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और जिला कलेक्टर के नाम विकास अधिकारी व तहसीलदार को 11 सूत्री मांग पत्र पर किए समझौतों को लागू करवाने की मांग को लेेकर ज्ञापन सौंपा। साथ ही 7 मार्च तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 8 मार्च को जयपुर संभाग के ग्राम सेवकों की ओर से जिला कलेक्टर झुन्झुनू को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

राजस्थान ग्राम सेवक संघ उपशाखा अध्यक्ष बाबूलाल सैनी एवं उपशाखा मंत्री गणेश नारायण शर्मा ने कहा कि जनहित की केन्द्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सबसे अधिक समर्पित होने के बाद भी ग्राम सेवक सरकार के उपेक्षात्मक रवैए से त्रस्त है। ग्राम सेवक संघ का 11 सूत्री मांग पत्र एक वर्ष से राज्य सरकार के पास सकारात्मक कार्रवाई के लिए विचाराधीन है, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2016 में आमरण अनशन व असहयोग आंदोलन करने पर समझौता करते हुए एक माह में मांगों पर कार्रवाई करने का भरोसा दिया था। लगातार मांग रखने पर 11 अप्रैल 2017 एवं 24 जून 2017 को भी समझौता करते हुए जल्द कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन अभी तक समझौतों को लागू नहीं किया जा रहा है।

जिला प्रतिनिधि ईश्वर सिंह ने कहा कि ग्राम सेवकों को इस दमनात्मक रवैए के विरोध में मजबूरन संवर्ग सुरक्षा सत्याग्रह करना पड़ रहा है। ग्राम सेवकों ने कहा कि 11 सूत्री मांगों पर कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान पदेन सचिव सीताराम यादव, अशोक कुमार मीणा, बिहारीलाल बुनकर, सुमन वर्मा, बालमृष्ण लाटा, किशन जाट सहित कई सचिव मौजूद रहे।

ज्ञापन में सरकार को 11 सूत्री मांग पर किए गए समझौतों को लागू करने का 15 मार्च तक अल्टीमेटम दिया। इसके बाद संवर्ग सुरक्षा सत्याग्रह को तेज करने की चेतावनी दी गई। अध्यक्ष बाबूलाल सैनी ने बताया कि ग्राम सेवक संवर्ग की वेतन विसंगति दूर करने, वर्षों से लम्बित पदोन्नति देने, विधानसभा में पदनाम परिवर्तन की घोषणा को लागू करने, ग्राम सेवक पद का चार्ज, ग्राम पंचायत कार्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था रखने, ग्राम सेवक पद पर समायोजित कार्मिकों के प्रकरण एवं 17 वर्षों से 4 हजार रुपए मासिक समेकित वेतनमान पर कार्यरत 42 ग्राम सेवकों को नियमित करने की मांग है, लेकिन समझौतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने बताया कि विभाग चार साल में 7 हजार ग्राम सेवकों की वरिष्ठता सूची जारी नहीं कर पा रहा है। वर्ष 2016 से पंचायत प्रसार अधिकारी की जारी अंतिम वरिष्ठता सूची के बाद भी सहायक सचिव पद पर पदोन्नति नहीं कर रहा है। साथ ही ग्राम सेवकों के पदोन्नति अवसरों को लगातार समाप्त कर रहा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना में सर्वें के 27 लाख लाभार्थी परिवारों का चयन, 14.68 लाख परिवारों का अपीलों के माध्यम से चयन, सरकार के निर्धारित लक्ष्यानुसार 80 हजार शौचालयों का निर्माण, 9 लाख पट्टे जारी करना, महानरेगा योजना में मानव दिवसों का सृजन करना, 6 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण कार्य सहित सभी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। वहीं बजट सत्र 2017 में पदनाम परिवर्तन की घोषणा भी लागू नहीं की गई है।

ग्राम सेवकों ने काली पट्टी बांध कर जताया विरोध

बस्सी | अपने 11 सूत्री मांगपत्र के समर्थन में ग्राम सेवक संघ ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन की प्रति विकास अधिकारी नीरू मीणा को सौंपकर अपना विरोध प्रदर्शन किया। सचिवों ने एसडीएम कार्यालय के सामने भी प्रदर्शन किया। ग्राम सेवक संघ के तहसील अध्यक्ष मिठ्ठनलाल दोपहरिया की अगुवाई में दिए ज्ञापन में ग्राम सेवकों ने पिछले चार सालों से लगातार सरकार द्वारा कार्मिकों के हितों पर कुठाराघात करने का आरोप लगाते हुए पूर्व में सरकार के साथ हुए लिखित समझौतों को लागू करवाने की मांग दोहराई। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े कार्यो के बहिष्कार का संकल्प लिया। साथ ही हाथ पर काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन किया। सरकार द्वारा मांगे नहीं स्वीकार किए जाने पर संघ द्वारा विरोध स्वरूप आगामी तीन दिन तक काली पट्टी बांध कर ही सारे काम किए जाएंगे तथा 8 मार्च को झूंझनूं में प्रधानमंत्री को ज्ञापन देने का निर्णय किया।

बगराना (बस्सी)| बगराना, विजयपुरा सुमेल आदि पंचायतों में राजस्थान ग्राम सेवक संघ के बैनर तले ग्रामसेवकों ने 11 सूत्री मांग को लेकर बाजू पर काली पट्टी बांध कर विरोध जताया। सुमेल पंचायत सचिव सुरेश जांगिड के अनुसार 24 जून 2017 को सरकार एवं ग्राम सेवक संघ के मध्य लिखित समझौता हुअा था लेकिन सरकार ने समझौते के विपरीत आदेश जारी कर ग्रामसेवकों के साथ सरेआम धाेखा किया। ग्राम सेवकों ने अब गांधीवादी तरीके से असहयोग आन्दोलन के तर्ज पर सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया।

बस्सी. एसडीएम कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करते ग्राम सेवक।

चार साल में तीन बार किया असहयोग आंदोलन

विराटनगर| राजस्थान ग्राम सेवक संघ पंजीकृत जयपुर की लंबित चल रही 11 सूत्रीय मांगों को मंगवाने के लिए सोमवार को उपशाखा अध्यक्ष रामेश्वरप्रसाद जाट के नेतृत्व में ग्राम सेवकों ने काली पट्टी बांधकर आक्रोश जताते हुए मुख्यमंत्री के नाम पर एसडीएम, विकास अधिकारी डॉ.सुमन को ज्ञापन दिया। उपशाखा अध्यक्ष जाट, राधेश्याम शर्मा, पूरण सैन ने कहा कि संघ द्वारा पिछले 4 साल में 11 सूत्री मांगे मनवाने को लेकर तीन बार असहयोग आंदोलन किया, लेकिन सरकार द्वारा सहमति व्यक्त कर करने के बाद भी मांगे पूरी नहीं की गई

जमवारामगढ़ . राजस्थान ग्राम सेवक संघ तहसील अध्यक्ष सांवलाराम मीना के नेतृत्व में ग्राम सचिवों ने एसडीएम नरेन्द्र मीना को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सरकार से अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर संवर्ग सुरक्षा सत्याग्रह आंदोलन को जारी रखने की चेतावनी दी। उन्होंने विकास अधिकारी को 8 मार्च को सामूहिक अवकाश पर रहकर आंदोलन करने के लिए सूचना पत्र व मांग पत्र सौंपा। तहसील अध्यक्ष सांवला राम मीना व महामंत्री प्रहलाद शर्मा ने कहा कि राजस्थान ग्राम सेवक संघ पिछले कई वर्षों से आंदोलन कर रहा है। हर बार सरकार उन्हें मांगें पूरी करने आश्वासन देती आ रही है।

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