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माता-पिता ओबीसी में व बच्चे एसटी में

छारसा ग्राम पंचायत में रहने वाले एक परिवार की जाति की जांच पंचायत समिति पांच माह का लंबा समय व्यतीत करने के बाद भी...

Danik Bhaskar | Mar 11, 2018, 07:25 AM IST
छारसा ग्राम पंचायत में रहने वाले एक परिवार की जाति की जांच पंचायत समिति पांच माह का लंबा समय व्यतीत करने के बाद भी पूरी नहीं कर पाई है। जिसका परिणाम है कि एक परिवार में माता पिता ओबीसी में होने के बावजूद उनके पुत्रों ने एसटी में होने का प्रमाण पत्र बनवा लिया है। उक्त मामले में ग्राम पंचायत ने जिला कलेक्टर को पत्र देकर परिवार पर फर्जी राशन कार्ड बनवाने का आरोप लगाते हुए शिकायत की है।

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत छारसा ने कलेक्टर, उपखण्ड अधिकारी शाहपुरा व विकास अधिकारी शाहपुरा को पत्र देकर अवगत करवाया था कि छारसा निवासी कालूराम व मालीराम राणा के राशन कार्डों में जाति राणा होना दर्ज है। जबकि इनके पुत्र मेघराज व रामचरण ने फर्जी तरीके से उपखण्ड कार्यालय शाहपुरा से जाति मीणा होना दर्ज करवा लिया है। उक्त व्यक्ति अनुसूचित जन जाति के प्रमाण पत्रों से सरकारी अनुचित लाभ उठा रहे है। जिसपर जिला कलेक्टर ने विकास अधिकारी कुलदीप सिंह चौहान को पांच माह पूर्व उक्त परिवार की जाति की जांच करने के आदेश दिए थे। विकास अधिकारी ने उक्त मामले में छारसा पंचायत सचिव सावित्री देवी को पत्र देकर संबंधित व्यक्तियों का रिकार्ड पंचायत समिति में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। जिसपर पंचायत ने रिकार्ड भी उपलब्ध करवा दिया था। पंचायत समिति ने राज़ू पुत्र गरीबा, रामचरण पुत्र मालीराम को बयानों के लिए पंचायत समिति में जरिए नोटिस बुलाया था। यहां तक कि ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी को भी विकास अधिकारी ने उक्त व्यक्तियों के एसआर रजिस्‍टर व जाति संबंधी रिकार्ड उपलब्ध करवाने के लिए पत्र दिया था। रिकार्ड उपलब्ध कराने के बावजूद भी पांच समय का लंबा समय व्यतीत होने के बाद भी इस परिवार की जातिगत जांच पूरी नहीं हो पाई है। जिससे परिवार में माता-पिता रिकार्ड में ओबीसी में दर्ज है वही पुत्रों ने गलत तरीके से एसटी में प्रमाण पत्र बनवा लिया है। परिवार एसटी का प्रमाण पत्र बनवाकर अनुचित सरकारी लाभ ले रहें है। मामले में विकास अधिकारी को अवगत करवाकर शीघ्र जांच पूरी करने व गलत तरीके से बनाए प्रमाण पत्र को निरस्त कराने की मांग की है।

लिखित में जानकारी ली है

विकास अधिकारी कुलदीप सिंह चौहान का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। मामले में संबंधित व्यक्तियों के रिकार्ड लिए जा रहे हैं। एसडीएम कार्यालय ने किस आधार पर एसटी का प्रमाण- पत्र बनाया है उनसे लिखित में जानकारी ली गई है।

प्रशासन की लापरवाही

सरपंच सीताराम पांडला का कहना है कि कालूराम पंचायत रिकार्ड में राणा है व ओबीसी में दर्ज है। पंचायत ने कालूराम का मृत्यु प्रमाण पत्र भी राणा के नाम से जारी किया है। यहां तक जमीन बेचने के दौरान परिवार ने राजस्व रिकार्ड में राणा ही अंकित किया हुआ है। इसके बावजूद कालूराम के पुत्रों ने अपनी जाति मीना बताकर गलत एसटी का प्रमाण पत्र जारी करवा लिया है। जिसकी शिकायत जिला कलेक्टर से कर इसे निरस्त करवाने के लिए लिखा गया है। प्रशासन जांच में शिथिलता बरते हुए है।