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65 लाख के कॉलेज भवन निर्माण में ठेकेदार ने छत में डाले पुराने सरिए, पिलर और दीवारों में आई दरारें

श्री प्रताप सिंह बारहठ राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रूसा परियोजना में करीब 65 लाख की लागत से भवन निर्माण का...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 08, 2018, 07:30 AM IST

65 लाख के कॉलेज भवन निर्माण में ठेकेदार ने छत में डाले पुराने सरिए, पिलर और दीवारों में आई दरारें
श्री प्रताप सिंह बारहठ राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रूसा परियोजना में करीब 65 लाख की लागत से भवन निर्माण का काम शुरू किया। पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने निर्माण में घटिया सामग्री लगा दी। छत की आरसीसी में पुराने सरिए लगा दिए गए। पिलर में कंक्रीट में सूखी सीमेंट डालकर उपर से पानी डाल दिया गया। अब घटिया निर्माण की परतें खुलने लगी हैं। कॉलेज प्रशासन ने ठेकेदार पर घटिया सामग्री उपयोग में लेने आ आरोप लगाया। पीडब्ल्यूडी ने ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सिर्फ नोटिस थमा दिया। घटिया सामग्री लगाने पर काम रुकवा दिया गया। काम पूरा नहीं होने से कॉलेज छात्रों को परेशान होना पड़ रहा है।

कॉलेज प्रशासन, पीडब्ल्यूडी और ठेकेदार के बीच तालमेल नहीं होने से काम अटका है। बीएसएस कॉन्ट्रेक्टर कंपनी देवली को निर्माण कार्य 17 सितंबर 2017 तक पूर्ण करना था, लेकिन अब तक नहीं हो पाया। कॉलेज प्रशासन की निर्माण समिति ने ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण करने की शिकायत पीडब्ल्यूडी को की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। लंबे समय से निर्माण कार्य बंद पड़ा है। प्राचार्य केसी लढ्ढा के निर्देशन में निर्माण कमेटी का गठन हुआ। जिसने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सार्वजनिक निर्माण विभाग से शिकायत की। जिस पर पीडब्ल्यूडी ने नोटिस देकर ठेकेदार को निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सीमेंट, कंक्रीट में सुधार के निर्देश दिए। ठेकेदार ने निर्देशों की पालना नहीं की। निर्माण कमेटी के सदस्य आरके सिंह ने बताया कि स्टेट डायरेक्टर को भी इस बारे में बताया। 9 फरवरी को उन्हें जयपुर पक्ष रखने तलब किया।

ठेकेदार ने रेजमाल से घिसकर पुराने सरिये छत की आरसीसी में लगाए

घटिया निर्माण की शिकायत पर रुका काम

ठेकेदार द्वारा किए कार्य की गुणवत्ता की शिकायत निदेशक को कर रखी है। 9 फरवरी को जयपुर अपना पक्ष रखेंगे। ठेकेदार द्वारा जी शेड्यूल के अनुसार कार्य नहीं किया गया। एतराज करने पर पीडब्ल्यूडी द्वारा उल्टा ठेकेदार को प्रोत्साहित किया। कार्य कोई भी करे हमें एतराज नहीं, लेकिन गुणवत्ता से समझौता नहीं करेंगे। केसी लढ्ढा, प्राचार्य

निर्माण कार्य में सीमेंट व सरिया की क्वालिटी घटिया उपयोग में ली गई। विज्ञान लैब की छत पर आरसीसी में पुराने सरिए रेजमाल से घिसकर लगा दिए गए। घटिया सामग्री लगाने से कई जगह दीवारों के बीच दरारें आ चुकी हैं। निर्माण कमेटी के सदस्य आरके सिंह ने बताया कि पुरानी निर्माण सामग्री काम में लेना गंभीर बात है। उन्होंने ने बताया कि करीब सवा साल पहले निर्माण शुरू हुआ था। उसमें पीसीसी में ही सीधा कंक्रीट व सीमेंट मिक्स कर डाल दिया गया। सुखी गिट्टी डालकर बाल्टी से पानी डाला गया। यह देखकर उन्होंने अधिकारियों को कार्य रोकने के निर्देश दिए। यूजीसी के नियमों के तहत 25 गुणा 30 साइज के कमरे होने चाहिए, लेकिन नियमों का ध्यान नहीं रखा गया।

पिलर में सरिए वेल्डिंग कर लगा दिए, मोटाई भी कम

गंभीर लापरवाही यह सामने आई कि जब पिलर उठाए गए तब सीमेंट पर्याप्त मात्र में नहीं होने से कंक्रीट गिरने लगी। कंक्रीट भी नजर आ रही है। सरियों को वेल्डिंग कर जोड़ा गया। जबकि सरियों को एक-दूसरे से बांधा जाता है। जब सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी को बताया तो उन्होंने गलती स्वीकार की। अभियंता शहजाद खान को शिकायत कर ऐसे सरियों की वेल्डिंग को तुड़वा दिया। फिजिक्स लैब की छत पर आरसीसी में पुराने सरियों का इस्तेमाल किया गया। सरिया की मोटाई भी 10 मिमी की जगह 8मिमी काम में ली गई थी।

ठेकेदार एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा नियमों की जमकर अवहेलना की गई। यूजीसी के मानदंडों के हिसाब से निर्माण कार्य नहीं होना पाया गया। आरके सिंह, सदस्य निर्माण कमेटी

मैंने चार-पांच महीने पूर्व ही ज्वाइन किया है। कई बार कार्य देखा। ठेकेदार की लापरवाही सामने आने पर उस पर पेनल्टी लगाकर नोटिस दिए हैं। महाविद्यालय प्रशासन का रवैया सकारात्मक नहीं होने से कॉलेज शिक्षा निदेशक को पत्र लिखा है। सरियों की लैब में जांच करवाई तो गुणवत्ता संतोष जनक पाई गई। बीपी दायमा,अधिशाषी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, शाहपुरा

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