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ड्रॉप आउट बच्चों को पुन: स्कूल से जोड़ने पर रहेगा विशेष फोकस, प्रवेशोत्सव 26 अप्रैल से

शिक्षा विभाग ने वर्ष 2017-2018 में प्रवेशोत्सव दो चरणों में चलेगा। पहला चरण 26 अप्रैल से 9 मई तक चलेगा। दूसरा चरण 19 से 30 जून...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 20, 2018, 05:20 AM IST

शिक्षा विभाग ने वर्ष 2017-2018 में प्रवेशोत्सव दो चरणों में चलेगा। पहला चरण 26 अप्रैल से 9 मई तक चलेगा। दूसरा चरण 19 से 30 जून तक चलेगा। गत वर्ष शिक्षा विभाग द्वारा चलाए गए प्रवेशोत्सव के कारण नामांकन वृद्धि में उत्साहजनक सफलता मिली थी। कक्षा एक में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या 12 तक पहुंचते- पहुंचते काफी कम रह जाती है। अर्थात विद्यार्थी अपनी शिक्षा निरन्तर नहीं रख पाते है। प्रवेशोत्सव मात्र विद्यालय की एंट्री कक्षा में विद्यार्थी के प्रवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मध्य की कक्षाओं में ड्रॉप आउट हुए विद्यार्थियों को पुन: शिक्षा की मुख्यधारा में लाए जाने का भी प्रयास है। प्रवेशोत्सव अभियान को सफल बनाने के लिए सोशल मीडिया पर भी प्रचार प्रसार कर सकेंगे ताकि अभिभावकों तक सरकारी स्कूलों में सरकारी सुविधाओं की जानकारी मिल सकें।

प्रवेशोत्सव के तहत कक्षा 1 से नव प्रवेशी बालकों को चिह्नित कर नामांकित करवाना, अध्ययन की निरन्तरता के लिए अध्ययन निरन्तर नहीं रख पाने वाले छात्र-छात्राओं पर विशेष ध्यान देना, ड्रॉप आउट बच्चों को बैक टू स्कूल के लिए कार्ययोजना बनाना, मौसमी पलायन करने वाले बच्चों के लिए सर्व शिक्षा अभियान द्वारा संचालित गैर आवासीय विशेष शिक्षण शिविरों से उत्तीर्ण बच्चों को मुख्यधारा में प्रवेश दिलवाना, बाल श्रम में सलग्न ड्रॉप आउट व अनामांकित बच्चों को चिह्नित कर पूर्ववर्ती कक्षाओं में आगे अध्ययन के लिए प्रवेश दिलवाना, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय से उत्तीर्ण बालिकाओं के लिए शारदे छात्रावास अथवा अन्य विद्यालयों में उनके अध्ययन की निरन्तरता के लिए ट्रेकिंग प्लान बनाना, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बालकों को उच्चतम कक्षा पूर्ण होने तक उसी विद्यालय में अध्ययन करवाने के लिए अभिभावकों को प्रेरित करना है।

बोर्ड परीक्षा में प्रविष्ट हुए विद्यार्थियों को आगामी कक्षा में अस्थायी प्रवेश मिलेगा

शिक्षक बाबूलाल पलसानियां ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर इस वर्ष राजकीय विद्यालयों में अधिक से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन सुनिश्चित किए जाने के लिए प्रवेश प्रक्रिया को अपेक्षाकृत अधिक कारगार व प्रभावी बनाया गया है। राजकीय स्कूलों में 5वीं, 8वीं एवं 10वीं बोर्ड परीक्षा में प्रविष्ट होने वाले विद्यार्थियों को ठहराव उसी स्कूल में सुनिश्चित किए जाने के लिए बोर्ड परीक्षा समाप्ति के तत्काल पश्चात उसी विद्यालय में आगामी कक्षा में अस्थायी प्रवेश दिया जाकर कक्षाएं संचालित किया जाना सुनिश्चित किया गया है।

ये रहेगा प्रवेशोत्सव

बीईईओ ब्रजभूषण चौहान ने बताया कि 26 से 28 अप्रेल तक विद्यालयों में लक्ष्य समूह की सूचियां प्राप्त करना एवं कार्ड तैयार करना, स्वयं प्रवेश लेने वाले बच्चों को प्रवेश देना, बालक बालिकाओं एवं अध्यापकों की टोलियां गठन कर उनके अभिभावकों से विशेष रूप से सम्पर्क करना है, जिनके बच्चे विद्यालय में अनामांकित है। विद्यालय जाने वाले बच्चों की खोज करना है। 30 अप्रैल को एसडीएमसी की बैठक एवं शिक्षक अभिभावक परिषद की बैठक कर प्रवेशोत्सव के तहत बच्चों का नामांकन करवाने में जनसमुदाय का सहयोग प्राप्त करना। 1 मई को प्रार्थना सभा में नव प्रवेशित बच्चे का स्वागत करना, 2 मई को ढोल नंगाडों के साथ प्रवेशोत्सव रैली निकालना, 3 मई को जनप्रतिनिधियों व अभिभावकों की मौजूदगी में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम आयोजित करना, 4 मई को मोहल्ला बैठकों द्वारा विद्यालयों से वंचित बच्चों के अभिभावकों को प्रेरित करना, 5 मई को बाल सभा, स्थानीय स्तर पर खेलकूद गतिविधियों एवं ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम करना।

7 मई प्रभात फेरी निकालना व नव प्रवेशी बालक बालिकाओं को निशुल्क पाठय पुस्तकों का वितरण, 8 मई को समारोह कर नव प्रवेशी बालकों का स्वागत, पहचान पत्र, बैज इत्यादि जनप्रतिनिधियों द्वारा वितरण एवं 9 मई को प्रवेशोत्सव के दौरान किए गए कार्यों की समीक्षा एवं उपलब्धियों का प्रचार प्रसार एवं पखवाड़े के अंतर्गत किए गए कार्यों की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजने का कार्यक्रम है।

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