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अधजला शव निंबाहेड़ा के युवक का, बंगाली चिकित्सक के साथ एमपी से कार में आया, आधे रास्ते तक पत्नी भी थी साथ

भोजपुर में तालाब के पास खाई में बुधवार सुबह मिले अधजले शव की शाहपुरा पुलिस ने शिनाख्त कर ली। शव चित्तौड़गढ़ जिले...

Dainik Bhaskar

Apr 13, 2018, 06:05 AM IST
अधजला शव निंबाहेड़ा के युवक का, बंगाली चिकित्सक के साथ एमपी से कार में आया, आधे रास्ते तक पत्नी भी थी साथ
भोजपुर में तालाब के पास खाई में बुधवार सुबह मिले अधजले शव की शाहपुरा पुलिस ने शिनाख्त कर ली। शव चित्तौड़गढ़ जिले के निंबाहेड़ा निवासी राजू उर्फ सलीम पुत्र शकूर मुसलमान का है। वह मध्यप्रदेश के दलोदा में रहकर चिनाई कार्य करता था। मंगलवार को एक बंगाली चिकित्सक के साथ कार से निंबाहेड़ा आया था। प|ी को वहां उतारने के बाद वह बंगाली चिकित्सक के साथ ही कार से काम के लिए जाने की कहकर निकला था। अब पुलिस बंगाली चिकित्सक के बारे में तलाश कर रही है।

मृतक के पिता निंबाहेड़ा निवासी शकूर उर्फ पप्पू ने गुरुवार सुबह शाहपुरा सेटेलाइट चिकित्सालय की मोर्चरी में रखे शव की शिनाख्त बड़े बेटे राजू उर्फ सलीम (32) के रूप में की। उसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम करा शव पिता और प|ी नाजमीन को सौंप दिया। सलीम मंगलवार सुबह 11 बजे प|ी नाजमीन को साथ लेकर एक परिचित बंगाली डॉक्टर की कार में बैठकर दलोदा (मध्यप्रदेश) से निंबाहेड़ा आए। राजू ने प|ी को घर से कुछ दूर उतार दिया और कहा कि वह किसी काम से बाहर जा रहा है, जो दो दिन बाद लौट आएगा। ऐसा कहते हुए जलोदा में रहने वाले बंगाली चिकित्सक के साथ ही उसकी लाल कार से रवाना हो गया। रवाना होते वक्त कहा कि अगर फोन नहीं लगे तो चिंता मत करना। नाजमीन ने निंबाहेड़ा में घर पहुंचकर पति को फोन भी किया था।

पहचान

आधार कार्ड निकुंभ रहते समय बनाया था ...मृतक की जेब में अधजला आधार कार्ड मिला था, जिसमें पते के स्थान पर निकुंभ लिखा था। राजू उर्फ सलीम करीब चार साल तक प|ी के साथ निकुंभ भी रहा। उस दौरान ही वहां उसका व प|ी का आधार कार्ड बना था। उसकी जेब में मिला अधजला आधार कार्ड प|ी का था। आधा जलने से प|ी का नाम व वाइफ ऑफ यानी डब्ल्यू जल गया और ओ रहने से पुलिस उसे सन ऑफ मान रही थी।

छोटे बेटे का निकाह कराने गईं मां को नहीं पता था कि बड़े बेटे की हत्या कर शव जला दिया

पल में क्या हो जाए कहा नहीं जा सकता। कुदरत का ऐसा ही खेल निंबाहेड़ा की रजा कॉॅलोनी में रहने वाले एक परिवार के साथ हुआ। जिस दिन छोटे बेटे का निकाह तय था। उसी दिन बड़े बेटे का जनाजा निकला। मां छोटे बेटे की बारात लेकर गई तो पिता बड़े बेटे का शव भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा से लेने निकले। रजा कॉॅलोनी निवासी शकूर के छोटे पुत्र सद्दाम का निकाह गुरुवार को हुआ। कपासन के जगपुरा में बारात गई, लेकिन किन हालात व रंग ढंग में निकली। यह दर्द परिवार से ज्यादा कोई नहींं समझ सकता। कारण, एक दिन पहले ही शकूर के बड़े बेटे राजू उर्फ सलीम(32) का शव भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा थाना क्षेत्र में एक खेत किनारे खाई में पड़ा मिला था। जिसकी हत्या होने की बात सामने आई। पुलिस ने अधजले शव को कब्जे में लेकर शाहपुरा सैटेलाइट अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। बुधवार शाम जैसे ही निंबाहेड़ा में परिवार को यह सूचना मिली, खुशियां काफूर हो गईं। हालांकि छोटे भाई सद्दाम का निकाह भी नहीं टाला जा सकता था। इसलिए परिवार में तय हुआ सलीम का शव लेने उसकी प|ी व पिता शाहपुरा जाएंगे। सद्दाम का कपासन में निकाह करवाने के लिए बारात लेकर माता शहनाज व बहन मुस्कान साथ जाएंगी। ऐसा ही हुआ। खुशियों वाले घर पर छाए गम के चलते गुरुवार को दिनभर ताले लटके रहे। कपासन में निकाह की रस्म सादगीपूर्ण ढंग से पूरी करवाने के बाद बारात शाम ढलने से पहले निंबाहेड़ा लौटी। तब नई दुल्हन के लिए घर के दरवाजे खुले, लेकिन घर में मातम पसरा था। शाहपुरा से सलीम का शव भी दोपहर दो बजे यहां पहुंचा। हालांकि परिजन शव लेकर सीधे कब्रिस्तान ही पहुंचे और गमगीन माहौल में दफनाया।

मृतक की प|ी और पिता ने शाहपुरा पहुंचकर की शव की शिनाख्त

दो महीने पहले दलोदा में बंगाली चिकित्सक के घर किया था काम...मूलत: जलोदा जागीर गांव का राजू उर्फ सलीम चिनाई कारीगर था। उसने करीब दो माह पहले मध्यप्रदेश के दलोदा में बंगाली चिकित्सक के घर की मरम्मत का काम किया था। तब उसकी बंगाली चिकित्सक से दोस्ती हो गई। इसके बाद बंगाली चिकित्सक दो-तीन बार उसके घर निंबाहेड़ा आया था। पुलिस का कहना है कि परिजनों ने आखिरी बार उसे बंगाली चिकित्सक के साथ ही देखा था। हालांकि परिजनों ने अभी तक किसी पर संदेह नहीं जताया और न पुलिस को कोई रिपोर्ट दी है।


मृतक के शाहपुरा क्षेत्र के ईंटमारिया व ढीकोला में दिखना बताया गया था। ईंटमारिया के मांगीलाल मेवाती के घर सात अप्रैल को शादी थी, जबकि राजू उर्फ सलीम मंगलवार को निंबाहेड़ा से निकला था। मेवाती का कहना हैं कि राजू उर्फ सलीम से हमारा न तो कोई रिश्ता और न ही कोई पहचान। वहीं ढीकोला निवासी इंसाफ उर्फ नेताजी का कहना हैं कि मृतक उसके बड़े भाई के साले का लड़का था, लेकिन वह हमारे यहां नहीं आया था।


राजू ने दो बार फोन पर मां से बात की थी

मंगलवार को ही राजू ने दो बार मां से भी फोन पर बात की थी। उसने गुरुवार को अपने छोटे भाई की शादी में समय पर आने की कहा था।


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