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त्रिवेणी धाम में भागवत में सुनाई कृष्ण-रुक्मिणी विवाह की कथा

त्रिवेणीधाम संत शिरोमणि नारायणदास महाराज के सानिध्य में अजीतगढ़ निवासी हरि शंकर और गौरी शंकर के द्वारा...

Danik Bhaskar | Jun 03, 2018, 06:15 AM IST
त्रिवेणीधाम संत शिरोमणि नारायणदास महाराज के सानिध्य में अजीतगढ़ निवासी हरि शंकर और गौरी शंकर के द्वारा अयोध्या(उत्तर प्रदेश) के वासुदेव घाट स्थित महाराज श्री के काठिया मन्दिर में 28 मई से 3 जून तक चल रही भागवत कथा महोत्सव के 6 वे दिन शनिवार को कथा वाचक वृन्दावन धाम के सुदर्शन दास महाराज ने कृष्ण-रुक्मणि विवाह की भव्य कथा सुनाई। प्रवचन के दौरान कहा कि परमात्मा की भक्ति अनवरत करने से व्यक्ति मोक्ष प्राप्त कर सकता है। कृष्ण-रूकमणि विवाह से पहले कृष्ण द्वारा कंस के राज्य में योद्धाओं को मारने की कथा के बारे में बताया।जालपाली धाम (श्रीमाधोपुर)के संत रामलखन दास महाराज , त्रिवेणी से रघुनंदन दास महाराज, संतदास महाराज जयपुर, सियाराम दास महाराज जयपुर, इस दौरान हरिशंकर, गौरी शंकर हरितवाल, विष्णु सेठी, अग्रवाल समाज अजीतगढ़ अध्यक्ष प्रकाश बोहरा, पूर्व आयुर्वेद अधिकारी विमल शर्मा, महेश शर्मा, कैलाश शिखवाल, प्रभु दयाल मीना, ग्यारसीलाल टेलर, गजानंद शर्मा, सांवर, उमेश,पवन, रामावतार, केदार, हेमराज , सरदार यादव , जगदीश जाट, दीपक चौधरी , मोहन लाल कुड़ी, नितिन जोशी, विकास बड़सीवाल, समेत अनेक साधु संत समेत अजीतगढ़, शाहपुरा, साईवाड़ समेत भक्त उपस्थित थे।

गढ़टकनेत में 251 महिलाओं ने निकाली कलशयात्रा

अजीतगढ. गढ़तकनेत में मंगल कलश यात्रा के दौरान मौजूद महिलाएं।

अजीतगढ़ | गढटकनेत स्थित श्री सीताराम मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय संगीत में नानी बाई का मायरो शनिवार से शुरू हुआ। इससे पूर्व शनिवार को सुबह 9:00 बजे गाजे बाजे के साथ 251 कलशों सहित महिलाओं ने विशाल एवं भव्य कलश यात्रा कालिदास महाराज के मंदिर से रवाना की, कलश यात्रा कस्बे के प्रमुख मार्गो से होती हुई श्री सीताराम मंदिर तक पहुंची ।कलश यात्रा में महिलाओं द्वारा लगाए जा रहे जयकारों से समूचा गांव भक्ति में बन गया। कलश यात्रा के दौरान जगह -जगह पुष्प वर्षा भी की गई। कार्यक्रम संयोजक नरेन्द्र बावलिया ने बताया कि कथा व्यास पंडित मनीष शास्त्री द्वारा मुख्य यजमान राजेंद्र प्रसाद से विधि विधान पूजा अर्चना करवा कर कथा का शुभारंभ किया गया। कथा मे पंडित जगदीश शर्मा, बाबूलाल जांगिड़ सहित अनेक लोग मौजूद थे।

संत शिरोमणि के सानिध्य में अयोध्या के काठिया में चल रही है कथा