शाहपुरा

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किसानों ने चौथे दिन भी बांटी सब्जी

किसानों की पूर्ण कर्जमाफी सहित कई मांगों को लेकर चल रहे गांव बंद आंदोलन के चौथे दिन सोमवार को भी अमरसरवाटी क्षेत्र...

Danik Bhaskar

Jun 05, 2018, 06:25 AM IST
किसानों की पूर्ण कर्जमाफी सहित कई मांगों को लेकर चल रहे गांव बंद आंदोलन के चौथे दिन सोमवार को भी अमरसरवाटी क्षेत्र में किसानों ने दूध व सब्जियों को ग्रामीणों में बांट दिया। दूसरी ओर क्षेत्र में लगने वाली करीब 50 अस्थायी मंडियों में भी सब्जी नहीं आने से सन्नाटा परसा पड़ा है। शाहपुरा फल सब्जी मंडी में भी आंदोलन के चलते सब्जी की आवक घट गई। इससे सब्जियों के भावों में 20 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई।

किसान महापंचायत के युवा शाखा प्रदेशाध्यक्ष रामलाल घोसल्या, तहसील प्रभारी हनुमान जाट, तहसील अध्यक्ष शंकर लाल बराला सहित पदाधिकारियों ने चौमू अजीतगढ़ स्टेट हाइवे से सब्जी लेकर जाने वाले वाहन चालकों को फूल देकर आंदोलन में सहयोग करने की अपील करते नजर आए। किसान महापंचायत के पदाधिकारी आंदोलन को सफल बनाने के लिए किसानों से सम्पर्क कर अपील कर रहे है। मंडी में सब्जी नहीं जाने के कारण किसान परिवार की महिलाए भी पड़ोसियों व गैर किसान परिवारों में सब्जियां वितरित कर रही है।

डेयरियों में दूध की आवक घटी

अमरसरवाटी में तेजपुरा व हनुतिया बीएमसी दुग्ध संकलन केंद्रों में दूध की आवक बंद है तथा काफी डेयरियों में किसानों ने स्वत: ही दूध देना बंद कर दिया। नयाबास डेयरी के सचिव रामेश्वर घौसल्या ने बताया कि नयाबास दुग्ध संकलन केंद्र में आम दिनों में प्रतिदिन दो हजार लीटर दूध एकत्र होता है जो किसान आंदोलन के बाद घटकर आधी मात्रा में आवक रह गई है। यही स्थिति क्षेत्र में अन्य दुग्ध संकलन केंद्रों में है जहां दुग्ध की आवक घटकर आधी से कम हो गई।

अमरसरवाटी क्षेत्र की अस्थायी मंडियों में माल नहीं आने से सन्नाटा, शाहपुरा सब्जी मंडी में भी आवक घटी, भावों में भी बढ़ोतरी

शाहपुरा. शहर के फल सब्जी मंडी में माल की आवक कम होने से ठाले बैठे व्यापारी।

अमरसरवाटी में चल रही हैं करीब 50 अस्थायी सब्जी मंडियां

अमरसरवाटी क्षेत्र में धानोता, हनूतपुरा, अमरसर, करीरी, नयाबास, सेपटपुरा, बिलांदरपुर, मुरलीपुरा, गोविंदपुरा बासडी सहित कई स्थानों पर आढतिये करीब 50 जगह सब्जी की अस्थायी खरीद मंडी लगाते है। आंदोलन से पहले रोजाना जहां तकरीबन 10 हजार क्विंटल सब्जी आढतिये खरीदकर बड़ी सब्जी मंडियों में ले जाते थे। अब आंदोलन के चलते किसानों ने सब्जियां नहीं लाने से अधिकतर अस्थायी मंडियों में सन्नाटा है।

चोरी छिपे रात में सप्लाई

अमरसरवाटी क्षेत्र से कई गांवों में टमाटर, मिर्ची, ग्वार की फलिया सहित कई सब्जियों को किसान शाम को एकत्र करके रात में पिकअप व लोडिंग वाहनों मे भरकर पर्दे से ढंककर चोरी छिपे बाहर की सब्जी मंडियों में भेज रहे है।

आंदोलन ज्यादा समय चला तो पड़ेगा विपरीत असर

किसान नेता भगवान सहाय बांगड, रुडाराम कलवानिया, सोहनलाल, भैरुराम ने बताया कि किसानों की महंगी लागत की फसल होने तथा अधिक पशु रखने वाले पशुपालकों के समक्ष गांव बंद आंदोलन का समय 10 दिन रखने से परेशानी का सबब बन गया है। दूध व सब्जियों की बिक्री बंद सी हो जाने से आर्थिक स्थिति उभरकर सामने आ सकती है। ऐसे में 10 जून तक लंबे समय तक चलने पर गांव बंद आंदोलन पर विपरीत असर पड़ेगा। सब्जी मंडी के गुड्‌डू सैनी, मुरलीधर यादव आदि ने बताया कि पहले शाहपुरा सब्जी मंडी से प्रतिदिन 70 से 80 छोटी बड़ी गाडियां सब्जी खरीदकर बाहर भेजी जाती थी, लेकिन अब गांवबंद आंदोलन के चलते सब्जी की आवक काफी कम हो गई है। इससे अब प्रतिदिन 20 से 25 गाड़ियां ही सब्जी की बाहर जा पा रही है। माल कम आने से सब्जी के भावों में भी 20 से 30 प्रतिशत का इजाफा हो गया है।

तूंगा में किसानों ने पैदल मार्च निकाला, फालियावास व सांभरिया में दूध सड़कों पर बहाया

तूंगा। किसान आंदोलन के चौथे दिन इलाके के किसान संगठित होकर गांव बंद आंदोलन को शन्तिपूर्ण तरीके से गति देने में लगे है। सोमवार को कस्बे में देवगांव मोड़ स्थित संघ कार्यालय पर जुटे किसानों ने आंदोलन की आगामी रणनीति तैयार की तथा किसानों की समस्याओं का मुख्यमंत्री के नाम संबोधित मांग पत्र उपतहसीलदार को सौंपा। भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष रामनिवास पंचौली की अध्यक्षता में बैठक कर आगामी दिनों के किसान आंदोलन की रूपरेखा तैयार की। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तैयार किया। किसानों ने संघ का झंडा लेकर पैदल मार्च निकाला। उपतहसील कार्यालय पर किसानों ने नायब तहसीलदार के प्रतिनिधि कानूनगो सुरेश फौजदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर किसान हित में 14 मांगें रखी। ओमप्रकाश सैनी, कन्हैयालाल गढ़, लक्ष्मीनारायण तूंगा, ग्यासीलाल मीना लालगढ़, उपसरपंच प्रकाशचंद शर्मा, बाबूलाल शर्मा मौजूद रहे।

फालियावास। डेयरी बूथ संकलन केन्द्रों पर किसानों ने दूध लेकर जयपुर जा रही गाड़ी को रोककर 25 केन दूध सड़क व नालियों में बहाया। किसानों ने फालियावास क्षेत्र के आसपास जा रही सब्जी के ट्रक व पिकअप आदि को भी रोका।

साभंरिया। देवगांव मोड़ पर किसानों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया। आंदोलन के चलते देवगांव मोड़ पर किसानों ने 40 लीटर के सात केन दूध बहाया। किसान नेताओं ने सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि सरकार हमारी ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही है। जब तक सरकार केसीसी लोन माफ नहीं करती, बिजली बिलों में सुधार नहीं करवाती, फसलों का उचित दाम दिलवाने की घोषणा नहीं करती, रासायनिक खादों के दामों में सुधार नहीं करवाती। तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।

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