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धानोता के सरकारी स्कूल में एक ही दिन में 101 बच्चों का प्रवेश

कार्यालय संवाददाता| शाहपुरा/अमरसर नामांकन को तरस रहे सरकारी स्कूलों के लिए अच्छी खबर है। शाहपुरा तहसील के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 23, 2018, 06:35 AM IST

धानोता के सरकारी स्कूल में एक ही दिन में 101 बच्चों का प्रवेश
कार्यालय संवाददाता| शाहपुरा/अमरसर

नामांकन को तरस रहे सरकारी स्कूलों के लिए अच्छी खबर है। शाहपुरा तहसील के धानोता ग्राम के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को एक ही दिन में 101 बच्चों को प्रवेश दिलाकर स्कूल प्रशासन ने एक मिसाल पेश की है। यह मिसाल नामांकन वृद्धि के लिए संघर्ष कर रहे अन्य सरकारी स्कूलों के शिक्षकों में मनोबल बढ़ाने का काम करेगी।

राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे द्वितीय चरण के प्रवेशोत्सव के तहत विद्यालय स्टाफ द्वारा धानोता ग्राम पंचायत क्षेत्र की गांव ढाणियों में डोर टू डोर सर्वे कर अभिभावकों को स्कूल द्वारा दी जा रही सुविधाओं एवं निजी स्कूलों से बेहतर पढ़ाई करवाने के बारे में जानकारी देकर अपने नौनिहालों को प्रवेश दिलाने का आग्रह किया जा रहा था। इस पर अभिभावकों ने शुक्रवार को एक ही दिन में 101 बच्चों को प्रवेश दिलाकर मिसाल पेश की है। नवप्रवेशित विद्यार्थियों का माल्यार्पण कर अभिनंदन कर लड्डू खिलाए गए। प्रधानाचार्य राजकुमार बुनकर ने बताया कि स्कूल में नामांकन वृद्धि को लेकर शिक्षकों के दो टीम पाल दल व पारीक दल बनाया गया था। जिसमें शामिल अध्यापक क्षेत्र में डोर टू डोर जाकर अभिभावकों से संपर्क कर यह उपलब्धि हासिल की है। टीमों द्वारा लगातार नामांकन वृद्धि के लिए प्रयास किए जा रहे है। नवप्रवेशित बालक जगतपुरा, मुरलीपुरा, रावपुरा, तिगरिया सहित आसपास के क्षेत्र से आए है। यहां गत सत्र में 563 नामांकन था। जिसमें से 115 विद्यार्थी 12 वीं पास करके उच्च शिक्षा के लिए चले गए। 101 में से 11वीं कक्षा में 58, 9वीं कक्षा में 28 एवं शेष बच्चे प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश लिया है।

अमरसर. धानोता के राउमा विद्यालय में प्रवेश लेने वाले 101 बच्चों का माल्यार्पण कर स्वागत करते प्रधानाचार्य।

स्कूल में सभी सुविधाएं व पर्याप्त स्टाफ, स्मार्ट क्लास के तहत ऑनलाइन पढ़ाई

इस विद्यालय में पर्याप्त स्टाफ होने से निजी स्कूलों से बेहतर शिक्षण माहौल है। यहां पर पानी बिजली सहित मूलभूत सुविधाएं मौजूद है। सुरक्षा को लेकर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए है। प्रत्येक कक्षा में ग्रीन बोर्ड लगे हुए है। विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों के लिए अलग से पूर्ण सुविधायुक्त प्रयोगशाला है, जिसमें छात्र छात्राएं कई प्रकार के मॉडल तैयार करना सीखते रहते है। सरकार की योजना के तहत स्कूल का चयन स्मार्ट क्लास में हुआ है। यहां पर 12वीं विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई करते है। इसके अलावा पहली कक्षा से लेकर पांचवीं तक के बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जाती है। ऑनलाइन पढ़ाई करवाने का कार्य डाइट गोनेर व कोटा द्वारा करवाई जाती है। स्मार्ट क्लास के तहत ऑनलाइन पढ़ाई कार्य अमरसर स्कूल में भी करवाई जा रही है।

पदमाक्षी पुरस्कार पाने वाली पहली स्कूल

गत सत्र में धानोता स्कूल शाहपुरा ब्लॉक में जिला स्तर पर सरकार द्वारा पदमाक्षी पुरस्कार पानी वाली पहली स्कूल है। जिसमें सरकार ने 12वीं कक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर छात्रा सरोज गोस्वामी को एक लाख नकद, स्कूल एवं लैपटॉप देकर सम्मानित किया था। उक्त विद्यालय के प्रधानाचार्य को उत्कृष्ट शिक्षण कार्य के लिए जिला कलेक्टर द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। स्कूल की स्थापना के बाद पहली बार दसवीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम 95 फीसदी रहा है। जबकि पहले 80 से 85 फीसदी के आसपास रहता था। यहां विज्ञान वर्ग का 90.90 एवं कला वर्ग का 92 फीसदी बोर्ड परीक्षा परिणाम रहा है।

निजी संस्थानों से बेहतर शैक्षणिक माहौल का मिला फायदा

शिक्षकों की मेहनत से उत्तरोत्तर सरकारी स्कूलों का शैक्षणिक स्तर उन्नत हुआ है, जिससे विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम दिनोदिन सुधर रहा है। निजी स्कूलों से बेहतर शैक्षणिक माहौल के चलते अभिभावकों ने बच्चों को प्रवेश दिलाया है। राजकुमार बुनकर, प्रधानाचार्य धानोता।

मनोबल बढ़ेगा

धानोता स्कूल में एक साथ 101 बच्चों का नामांकन होना गर्व की बात है। सरकारी स्कूलों में पहले से बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार हो रहा है। नामांकन वृद्धि के लिए संघर्ष कर रहे अन्य सरकारी स्कूलों के शिक्षकों में मनोबल बढ़ाने का काम करेगी। ब्रजभूषण चौहान, बीईईओ शाहपुरा।

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