• Home
  • Rajasthan News
  • Shahpura News
  • कहीं केबल जमीन पर तो कहीं पेड़ों के सहारे झूल रही है बिजली की लाइनें
--Advertisement--

कहीं केबल जमीन पर तो कहीं पेड़ों के सहारे झूल रही है बिजली की लाइनें

जयपुर जिले के शाहपुरा क्षेत्र के ढाणी गुजरान में ट्रांसफार्मर फटने से हुए भीषण हादसे में लोगों की दर्दनाक मौत हो...

Danik Bhaskar | May 11, 2018, 06:55 AM IST
जयपुर जिले के शाहपुरा क्षेत्र के ढाणी गुजरान में ट्रांसफार्मर फटने से हुए भीषण हादसे में लोगों की दर्दनाक मौत हो जाने के बाद भी बिजली निगम के अधिकारी व कर्मचारी अपने कार्य के प्रति सजग नहीं हुए है। ग्रामीण व किसान बिजली की शिकायत लेकर निगम कार्यालय तक जाता तो है, लेकिन इस पर निगम के अधिकारी कोई ध्यान नहीं देते है। इसका नतीजा है कि आज क्षेत्र के कई खेतों में बिजली की केबल जमीन पर ही रखी हुई है, तो कहीं पर पेड़ और लकड़ियों के सहारे बिजली की केबल कम ऊंचाई पर झूल रही है। जो कभी भी बड़े हादसों का कारण बन सकते है। इसके अलावा ट्रांसफार्मर रखने के हालत तो और भी ज्यादा खराब है। एक तो ट्रांसफार्मर कम ऊंचाई पर रखे हुए है और लाइनों के तार तो और भी कम ऊंचाई पर ही खुले छोड़ रखे है।



हादसे होते रहते है, लेकिन बिजली निगम पर नहीं होता है कोई असर

बधाल. एक खेत में झूलते तार दिखाते किसान।

बिजली लाइनों की समय पर नहीं होती है मरम्मत : किसानों ने बताया कि खेतों से गुजर रही बिजली लाइनों की समय पर मरम्मत व रख रखाव नहीं होने से यह ढीले होकर लटक जाते है। बिजली निगम के कर्मचारियों ने इन्हें कसकर ऊंचा करने के बजाय इनके नीचे कही तो लकड़ी लगाकर सहारा दे दिया, तो कही पर पेड़ों में लटका कर छोड़ दिया। कई गांवों में मुख्य आबादी व सड़क किनारों पर बिजली के ट्रांसफार्मर जमीन से कुछ ही ऊंचाई पर लगे हुए है। ऐसे में हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है।

फसल को लेकर चिंतित हंै किसान : किसानों ने बताया कि खेतों में लटक रहे तारों से आपस में भिड़ने से चिंगारिया उठती रहती है। इससे हमेशा फसलों में नुकसान होने का डर सताता रहता है। कई स्थानों पर तार इतने नीचे लटके हुए है कि फसल की बोआई करते समय लकड़ी या पाइप लगाकर ऊंचे कर कार्य करने की मजबूरी हो जाती है।

पोल गाड़ते समय नहीं भरा सीमेंट का फाउंडेशन : क्षेत्र में लगे बिजली के पोल टेढ़े-मेढ़े नजर आ रहे है। ऐसे में यह पोल यदि गिर गए, तो लाइनों में फाल्ट आने से बिजली उपकरण तो फूंकेंगे ही, साथ ही बड़े हादसे का सबब भी बन सकते है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पोल लगाते समय बिजली निगम की ओर से इन्हें सीमेंट का फाउंडेशन नहीं भरा गया। सिर्फ गड्ढा खोदकर पोल लगा दिए गए। बरसात के मौसम में मिट्टी के कटाव होने से, मिट्टी धंसने व तेज हवा चलने से यह पोल टेढ़े-मेढ़े हो गए। ऐसे में यह कभी भी गिर सकते है। ऐसे में बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना हुआ है।

घटिया केबल लेते हैं काम में : किसानों ने आरोप लगाते हुए बताया कि फीडर सुधार कार्य के दौरान निगम के अधिकारियों की अनदेखी के चलते ठेकेदारों ने कई स्थानों पर पुराने ही तार छोड़ दिए गए। जो केबल लगाई गई है, वो घटिया होने के कारण आए दिन तार टूटने जैसी घटनाएं हो रही है।

अधिकारी कर्मचारी नहीं करते हैं सुनवाई

किसानों ने बताया कि ढीले तारों व टेढ़े-मेढ़े पोलों सहित अन्य समस्याओं को लेकर कई बार निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों का अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। वही निगम की ओर से जब-जब भी चौपाल लगाया जाता है, उस समय भी अवगत कराते है, लेकिन चौपाल महज खानापूर्ति ही साबित हो रही है। एलटी व 11 हजार बिजली लाइन एक ही पोल पर गुजरती हुई क्षेत्र में नजर आ रही है।

मुझे आज ही जानकारी मिली है : कनिष्ट अभियंता रमेश यादव ने बताया कि ग्राम लालपुरा में जमीन पर पसरी केबल की आज ही जानकारी मिली है। यदि किसी भी जगह पर ढीले तार या आड़े-तिरछे पोल लगे हुए है, तो किसान मेरे पास तुरंत आकर समस्या से अवगत करवाएं और उनकी समस्या का जल्दी ही समाधान करवा दिया जाएगा।