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बघेरे ने युवक को जख्मी किया, लोगों ने भगाया, फिर लौटा तो पत्थरों से मार डाला

आंतेला के नीलका में रविवार सुबह एक मादा बघेरे ने मकान के बाहर पानी भर रहे युवक पर हमला कर गंभीर घायल कर दिया। शोर...

Dainik Bhaskar

Apr 09, 2018, 07:05 AM IST
बघेरे ने युवक को जख्मी किया, लोगों ने भगाया, फिर लौटा तो पत्थरों से मार डाला
आंतेला के नीलका में रविवार सुबह एक मादा बघेरे ने मकान के बाहर पानी भर रहे युवक पर हमला कर गंभीर घायल कर दिया। शोर सुनकर ग्रामीणों ने पत्थर फेंक कर युवक को बघेरे के चंगुल से छुड़वाया। ग्रामीणों ने गंभीरावस्था में घायल युवक को निजी वाहन की सहायता से शाहपुरा सीएचसी ले गए या, जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे जयपुर रेफर कर दिया। हमले के कुछ देर बाद बघेरा वापस मकानों की तरफ आ गया। बचाव में ग्रामीणों ने पत्थर फेंके, जिससे वह गंभीर घायल हो गया। कुछ देर बाद बघेरे ने दम तोड़ दिया। घटनाक्रम के अनुसार आंतेला के नीलका में एक बघेरे ने रविवार सुबह करीब 6:15 बजे सड़क किनारे लगे नल पर पानी भर रहे महेश (30) पुत्र प्रभुदयाल बुनकर पर हमला कर दिया। बचने के लिए युवक करीब 8 फुट नीचे खेत में जा कूदा, जिसके बाद बघेरे ने पीछे से कूदकर युवक को जख्मी कर दिया। शोर सुनकर ग्रामीण दौड़ पड़े। उन्होंने पत्थर फेंक कर युवक को बघेरे के चंगुल से छुड़वाया। बाद में बघेरा दूर खेत में जाकर छिप गया। ग्रामीणों ने घायलावस्था में युवक को निजी वाहन की सहायता से शाहपुरा के राजकीय चिकित्सालय में भर्ती करवाया, जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे जयपुर रेफर कर दिया। इधर कुछ देर बाद बघेरा फिर से घरों की ओर दौड़ पड़ा। ग्रामीणों ने कमरे के अंदर घुसकर अपनी जान बचाई। बाद में बघेरा एक मकान की छत पर जाकर बैठ गया। ग्रामीणों ने बघेरे को भगाने के लिए दूसरे मकान की छत से पत्थर फेंके। एक पत्थर बघेरे के आंख के ऊपर सिर पर जा लगा जिससे वह निढ़ाल होकर नीचे आ गिरा। कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। सूचना पर ग्रामीण एकत्र हो गई। ग्रामीणों ने मामले की जानकारी वन विभाग को दी। सूचना पर एसीएफ नेकीराम चौधरी, रेंजर सूरजमल जाट, वनपाल प्रभुदयाल यादव, सहायक वनपाल बंशीधर जाट, रामसिंह जाट, वृक्षपाल सुल्तान यादव मौके पर पहुंचे और बघेरे के शव को बोरे में डालकर बीलवाड़ा चौकी ले गए। बघेरे के हमले के बाद क्षेत्र में दहशत हो गई। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार यहां करीब 5 बघेरे हैं।

घरों में दुबके रहे लोग

युवक पर हमला करने के बाद ग्रामीणों ने बघेरे पर पत्थर फेंके, जिसके बाद वह दूर खेतों में जाकर छिप गया। कुछ देर बाद बघेरा फिर से मकानों की तरफ लौट आया, जिसे देख ग्रामीण सहम गए और बचाव में कमरों में घुस गए। बघेरा दो बार मकान के सहारे लगी लोहे की सीढ़ी पर चढ़ा और उतरा। उसने बाहर रखी पानी की टंकी पर उछलकूद की।

छत पर बैठा तो मिला मौका

काफी देर तक मकानों के पास चहल-कदमी करने के बाद बघेरा एक मकान की छत पर जाकर बैठ गया। ग्रामीणों को बाहर निकलने का मौका मिला। उन्होंने बघेरे को भगाने के लिए दूसरी छत पर जाकर पत्थर फेंके। एक पत्थर बघेरे के सिर पर जा लगा। कुछ देर शांत बैठे रहने के बाद वह निढ़ाल होकर नीचे आ गिरा। दहशत के चलते ग्रामीण पास भी नहीं गए। काफी देर हरकत नहीं करने पर ग्रामीण बघेरे के पास गए तो वह मृत मिला।

पोस्टमार्टम कर दफनाया बघेरे का शव

बीलवाड़ी चौकी में डॉक्टरों की तीन दिवसीय टीम ने वन विभाग के अधिकारियों व विराटनगर पुलिस की मौजूदगी में बघेरे के शव का पोस्टमार्टम किया। वन अधिकारियों ने बताया कि बघेरे की लंबाई 1.76 सेमी व ऊंचाई 65 सेमी थी। पोस्टमार्टम के बाद शव को बीलवाड़ी रेंज में ही दफनाया गया। बघेरा करीब 15 के बीच 18 माह का था।

पैंथर के सिर में चोट लगने से हुई मौत

रेंजर सूरजमल जाट ने बताया कि ब्रेन में चोट लगने से बघेरे की मौत हुई है। बघेरा शर्मिला जीव है। वैसे दिन के समय यह आबादी में नहीं आता है, लेकिन भूखा होने के कारण शिकार की तलाश में यह आबादी में प्रवेश कर गया। मृत बघेरा करीब 4 दिन से भूखा था।

बघेरे के हमले से घायल महेश कुमार।

भाबरू. बघेरे के शव की जांच करते हुए वन विभाग के अधिकारी।

मैड़ क्षेत्र में भी पैंथर का मूवमेंट, पुलिस भी रात्रि गश्त से सहमी

मैड़|
तेवड़ी ग्राम पंचायत में एक माह से माता मंदिर के पास पैंथर को कैद करने के लिए रखा पिंजरा भले ही खाली पड़ा हो, लेकिन पैंथर ने अब प्रतापगढ़ मार्ग पर स्थित पुलिस चौकी के सामने वाली पहाड़ी में धाक जमाकर पुलिस प्रशासन सहित आमलोगों में खौफ पैदा कर दिया। इसके चलते अब पुलिस भी रात्रि गश्त करने से गुरेज कर रही है। वहीं रात्रि के समय पैंथर मार्ग में मिलने वाले श्वानों का शिकार कर अपनी उदरपूर्ति कर भूख शांत कर रहा है। इसके चलते पुलिस की शिकायत पर वन महकमे ने प्रकरण को गंभीरता से लेकर अब पैंथर को पकड़ने के लिए त्वरित रूप से चौकी के सामने वाली पहाड़ी पर पिंजरा लगाने का रविवार को पुलिस प्रशासन को भरोसा दिया। पुलिस सब इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र चौधरी ने बताया कि इन दिनों चौकी के सामने पहाड़ी पर पैंथर रात्रि के समय हलचल कर रहा है। जहां आसपास के श्वानों को मुंह में दबोचकर पहाड़ी पर ले जाकर उदर शांत कर रहा है। यह नजारा आसपास के रिहायशी लोगों सहित पुलिस कार्मिक अपनी आंखों से अनेक बार देख चुके है। कांस्टेबल मुरलीधर, प्रकाश चंद मीणा, महेन्द्र सैनी भी कई बार वन्यजीव दिखाई दे चुका है। वन विभाग से कहकर शीघ्रही पुलिस चौकी के सामने वाली पहाड़ी पर पिंजारा रखवाया जाएगा।

पिंजरा लगाने की तैयारी


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बघेरे ने युवक को जख्मी किया, लोगों ने भगाया, फिर लौटा तो पत्थरों से मार डाला
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