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वाल्मीकि समाज ने झाड़ू रैली निकाली कहा- इन पदों पर पहला हक हमारा

कार्यालय संवाददाता | शाहपुरा शहर के वार्ड 23 स्थित वाल्मीकि मोहल्ले से शुक्रवार दोपहर समाज के लोगों ने झाड़ू...

Danik Bhaskar | May 19, 2018, 07:05 AM IST
कार्यालय संवाददाता | शाहपुरा

शहर के वार्ड 23 स्थित वाल्मीकि मोहल्ले से शुक्रवार दोपहर समाज के लोगों ने झाड़ू लेकर रैली निकाली। समाज के लोग सफाई कर्मचारियों की भर्ती में वाल्मीकि समाज को ही प्राथमिकता देने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि इन पदों पर पहले हमारा हक है। खाली पद रहने पर दूसराें को मौका दिया जाए। रैली उपखंड कार्यालय तक गई। रास्ते में लोगों ने नारेबाजी की।

अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के जिलाध्यक्ष दामोदर वाल्मीकि, पार्षद नाथावत वाल्मीकि, रमेश टूंडलायत, किशनलाल, ओमप्रकाश वाल्मीकि, दिनेश वाल्मीक, भैरूराम आदि ने बताया कि सरकार प्रदेश में 21 हजार 136 सफाई कर्मचारियों की भर्ती कर रही है। इसमें वाल्मीकि समाज के अलावा भी अन्य समाजों के लोग भी आवेदन कर रहे है। वाल्मीकि समाज सफाई कार्य में दक्ष है। उन्होंने शाहपुरा नगरपालिका में भी 60 नए सफाई कर्मचारियों की भर्ती व प्रत्येक ग्राम पंचायतों में आबादी के अनुसार सफाई कर्मियों की भर्ती करने की मांग की। एसडीएम रवि विजय का कहना है कि वाल्मीकि समाज के लोगों ने नौ सूत्री मांग पत्र दिया है जिसको मुख्यमंत्री को भिजवा दिया गया। रैली में राकेश कुमार, अनिता सारवान, अशोक कुमार, पप्पूराम, मुन्नाराम, मिट्ठूलाल, सचिन, वीरू कुमार, लक्ष्मी देवी, गीता देवी, भारती, आंची देवी, प्रेम देवी, सुनीता मौजूद थे।

आरोप : सफाई काम वाल्मीकि समाज ही करता है, अन्य समाज के लोग भर्ती होकर कार्यालय में बैठते हैं

शाहपुरा. सफाई कर्मचारी भर्ती में वाल्मीकि समाज को वरीयता देने की मांग को लेकर आक्रोश रैली निकालते समाज के लोग।

सफाई कर्मी नहीं सफाई सैनिक का दर्जा दे सरकार

इसके अलावा सफाई कर्मचारी पद हटाकर सफाई सैनिक का दर्जा दिया जाना चाहिए। अन्य समाज के लोग नियुक्ति लेकर कार्यालयों में बैठेंगे और सफाई का कार्य दूसरे लोगों से करवाएंगे। अब तक झाडू थामकर वाल्मीकि समाज ही सफाई करता आया है।

सुनवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन तय

समाज ने आवेदन फार्मों की गहन जांच करने की बात की। आवेदनों में कई लोगों ने फर्जी कार्य अनुभव प्रमाण पत्र लगाए है जिनकी जांच कर निरस्त किया जाना चाहिए। अगर वाल्मीकि समाज की सुनवाई नहीं की जाती है तो इसको लेकर महारैली निकालकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।