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बाणगंगा का गला घोंटा, 29 साल बाद भी सूखी

कुंडला क्षेत्र में लगातार भले ही रुक-रुक कर तेज बारिश हुई हो, लेकिन दो दिन पूर्व बारिश होने के बावजूद अभी तक बाणगंगा...

Dainik Bhaskar

Aug 13, 2018, 07:25 AM IST
बाणगंगा का गला घोंटा, 29 साल बाद भी सूखी
कुंडला क्षेत्र में लगातार भले ही रुक-रुक कर तेज बारिश हुई हो, लेकिन दो दिन पूर्व बारिश होने के बावजूद अभी तक बाणगंगा नदी में 29 साल बाद भी पानी की आवक नहीं होने से नदी नहीं बह सकी। इससे अभी तक नदी सूखी दिखाई दे रही है। पालड़ी पंचायत क्षेत्र का रामसिंहपुरा का इलाका इस बार बारिश से पूरी तरह लबालब होता जा रहा है। कुंडला क्षेत्र में नियमित बारिश होने के बाद भी बाणगंगा नदी में एक इंच पानी भी नहीं बह सका। क्षेत्र में दूरदराज के कई नालों में पानी जरूर बह रहा है लेकिन पानी नदी के बहाव क्षेत्र तक नहीं पहुंच पा रहा है।

बुजुर्गों के अनुसार रामगढ़ बांध में पानी के आवक का मुख्य स्रोत बाणगंगा नदी है। इसमें 1981 में आई बाढ़ से बाणगंगा नदी में उफान देखा गया था। तेज बहाव से मैड़- शाहपुरा पुलिया तक टूट गई थी। इसके बाद सन् 1984 से 1989 तक तेज बारिश से बाणगंगा नदी निरंतर बहती थी लेकिन सन् 1989 के बाद से अनियमित बारिश बहाव क्षेत्र में दौलाज, बलेसर आदि स्थानों पर बने छोटे-बड़े एनिकटों के कारण नदी में पानी का बहाव नहीं देखा गया। इस बार क्षेत्र में हो रही नियमित बारिश से नदी में अभी पानी का बहाव शुरू नहीं हो सका।

एनिकटों की भरमार

कुंडला वासियों का कहना है कि सरकारी सिस्टम की लापरवाही व बहाव क्षेत्र के अतिक्रमणों के बावजूद क्षेत्र के तालाब, सर सहित अनेक एनिकटों में बरसात का पूरा पानी पहुंचा है। सर व तालाबों की 10 साल बाद रौनक लौटी है। लोगों ने बताया कि बाणगंगा नदी बहाव क्षेत्र में अभी तक अनेक जगहों पर अवरोध बने हुए है। लोगों ने बताया कि प्रशासन नदी बहाव क्षेत्र में छोटे-मोटे मिट्टी के अवरोधकों को अभी से हटवाने का कार्य शुरू कर दे तो नदी में पानी पहुंच सकता है।

मैड़. सूखी पड़ी बाणगंगा नदी।

अतिक्रमण है बाधक


दस साल बाद रामसिंहपुरा के सर में पहुंचा पानी


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