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500 हेक्टेअर फसल में फड़का कीट का प्रकोप

शाहपुरा. मैड़ कुंडला क्षेत्र में बाजरे की फसल पर लगा फड़का कीट। कार्यालय संवाददाता | शाहपुरा शाहपुरा, विराटनगर...

Danik Bhaskar | Aug 02, 2018, 08:10 AM IST
शाहपुरा. मैड़ कुंडला क्षेत्र में बाजरे की फसल पर लगा फड़का कीट।

कार्यालय संवाददाता | शाहपुरा

शाहपुरा, विराटनगर एवं पावटा पंचायत समिति क्षेत्र के कई गांवों में खरीफ फसल पर फड़का कीट का प्रकोप छाया हुआ है। इससे करीब 500 हेक्टेअर में फसल फड़का कीट के प्रकोप से प्रभावित है। कृषि अधिकारी प्रभावित फसलों का जायजा लेकर किसानों को बचाव के उपाय बता रहे है। वहीं दूसरी ओर फसल में फड़का रोग लगने से किसान भी चिंतित है।

सहायक निदेशक कृषि विस्तार गिरधर सिंह देवल ने बताया कि शाहपुरा क्षेत्र के धवली, म्हार खुर्द, नयाबास, नवलपुरा, टोडी, उदावाला, शिवपुरी, विराटनगर क्षेत्र में भामोद, पालड़ी, नौरंगपुरा, जयसिंहपुरा, गोविंदपुरा धाबाई, लुहाकनां कलां, छीतोली एवं पावटा क्षेत्र में टसकोला, भोनावास, दांतिल, गुलाबगढ़, सुदरपुरा में फड़का कीट का प्रकोप है। फड़का कीट से बाजरा, मक्का, ज्वार आदि फसलों को नुकसान है। उन्होंने बताया कि कृषि अधिकारियों के किसानों की प्रभावित फसलों का जायजा लेकर फड़का कीट के नियंत्रण के उपाय बताए जा रहे है।

खेत के चारों ओर गहरी खाई बनाने की सलाह

सहायक कृषि निदेशक देवल ने बताया कि फड़का रोग मानसून की बारिश के बाद ही आता है। इलाके के कई गांव फड़का कीट के संसेटिव जोन में आते है। फड़का कीट की शिशु अवस्था में ही बचाव नियंत्रण कारगर है। खेत के चारों ओर विशेष तौर पर खरपतवार वाली और जगह- जगह 30-35 सेंटीमीटर चौड़ी एवं 60 सेंटीमीटर गहरी खाईयां खोदे। खरपतवार एवं खाइयों में क्यूनालफोस 1.5 प्रतिशत अथवा मेलाथियान 5 प्रतिशत चूर्ण थोड़ी मात्रा में डाल दें। फसल पर फड़का कीट का प्रकोप अधिक होने पर क्युनालफोस 1.5 प्रतिशत अथवा मेलाथियान 5 प्रतिशत चूर्ण 25 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर की दर से भुरकाव करें। कीटों के समन्वित प्रबंधन के लिए प्रकाशपाश का प्रयोग करना चाहिए।

उपाय बताए जा रहे हैं