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सीरिया: दुनिया के सबसे हिंसाग्रस्त शहर से 5 महीने तक लाइव रिपोर्टिंग करने वाली दोनों बहनें सुरक्षित जगह पर पहुंचाई गईं

यूरोप के इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस के प्रेसीडेंट डॉ. केरिम किनिक घोउटा से सुरक्षित जगह इदलिब लेकर पहुंचे।...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:05 AM IST
यूरोप के इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस के प्रेसीडेंट डॉ. केरिम किनिक घोउटा से सुरक्षित जगह इदलिब लेकर पहुंचे। उन्होंने यह फोटो ट्वीट की।

दमिश्क| नूर और अला। 8 और 10 साल की ये दोनों बहनें सीरिया के घोउटा की हैं। बीते 5 माह से टि्वटर के जरिए दुनिया के सबसे हिंसाग्रस्त शहर घोउटा से लाइव रिपोर्टिंग कर रही थीं। वीडियो तक पोस्ट कर रही थीं। यहां के लोगों को बचाने की गुहार लगा रही थी। छह दिन पहले इन्होंने ट्वीट कर बताया था कि हमने सबकुछ खो दिया है। घर और अपने सपने भी। शनिवार रात दोनों बहनें अपनी मां शामजा खातिब के साथ सुरक्षित जगह इदलिब पहुंची। नूर ने कहा कि विनाश, भूख और दहशत। इतना कुछ होने के बाद हम इदलिब पहुंच चुके हैं।

नूर 10 साल और अला 8 साल की

नूर और अला के वीडियो को 5 लाख से ज्यादा बार देखा गया




बहनों ने 6 दिन पहले मदद मांगी थी। रेडक्रॉस की टीम उन्हें घोउटा से इदलिब लेकर आई

5 माह के 273 ट्वीट का मजमून

हम हर पल यहां मर रहे हैं, जिंदगी तहखानों में दफन हो रही, कोई तो इसे रोके

हम नूर और अला हैं। 10 और 8 साल के हैं। घोउटा में रहते हैं। जो कुछ हम यहां देख रहे हैं वो युद्ध है। हम खेलना चाहते हैं। स्कूल जाना चाहते हैं और शांति से रहना चाहते हैं। हर दिन बमबारी, बमबारी और सिर्फ बमबारी...। हमें प्लेन से नफरत है। ये रोजाना बच्चों को मार रहे हैं। हमें आश्चर्य होता है कि इस पर कोई कुछ नहीं बोल रहा है। दो साल का करीम अपनी दादी और पापा के साथ रहता है। दो दिन पहले हुई बमबारी में उसने पापा को खो दिया। बमबारी के चलते स्कूल बंद हैं। आज 45 दिन हो गए हैं। बच्चे तहखानों में रहने को मजबूर हैं। लेकिन ये प्लेन तहखानों को भी तबाह कर देते हैं। यहां जिंदगी बदतर होती जा रही है। बमबारी जीवन का हिस्सा बन चुकी है। हर दिन कोई न कोई दम तोड़ रहा है। मेरे अरबी भाषा के टीचर भी मारे गए। प्लीज कोई इस पागलपन को रोके। हमारा घर भी तबाह हो गया। अला जख्मी हो गई। हमारा घर छूट चुका है और हमारे सपने भी। हम अभी जोबार में है। मैं इस युद्ध को खत्म होते देखना चाहती हूं।