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3 लाख किसान निहाल

केंद्र सरकार का आखिरी बजट गुरुवार को आया। लेकिन पूरा बजट कुछ वर्गों पर ही केंद्रित रहा। इनमें भी सबसे ज्यादा...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 07:35 AM IST
केंद्र सरकार का आखिरी बजट गुरुवार को आया। लेकिन पूरा बजट कुछ वर्गों पर ही केंद्रित रहा। इनमें भी सबसे ज्यादा किसानों व गरीबों पर। किसानों को सपने दिखाए गए कि उन्हें ऋण ज्यादा दिया जाएगा। कृषि उपकरण भी अब सस्ते हो जाएंगे। फसलों का एमएसपी बढ़ाकर किसानों की आमदनी भी बढ़ाई जाएगी। किसानों ने इस बजट पर खुशी भी खूब जताई, लेकिन सबका एक सवाल भी था कि सरकार इन घोषणाओं को पूरा कब तक करेगी? यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि मोदी सरकार काफी पहले से किसानों की आमदनी बढ़ाने के दावे कर रही है, लेकिन आज तक वो पूरे नहीं हुए। हां, फसलों की लागत जरूर बढ़ गई है। इस बजट से खुशी पाने वाला दूसरा गरीब तबका है। गरीबों को सरकार अब पांच लाख तक का बीमा क्लेम देगी। उज्जवला में फ्री गैस कनेक्शन देगी। बजट से सबसे ज्यादा निराशा मध्यम वर्ग को मिली है।

उन्हें आयकर सीमा बढ़ने की पूरी-पूरी उम्मीद थी, जो पूरी नहीं हो पाई। इससे इन लोगों का बचत बढ़ाने का सपना पूरा नहीं हो पाया। हालांकि सीनियर सिटीजन और उद्यमियों को आंशिक राहत देकर डैमेज कंट्रोल का प्रयास किया गया है। बहरहाल, श्रीगंगानगर कृषि प्रधान जिला है और सरकार की घोषणाओं से 2.68 लाख किसानों को लाभ होना तय है।

अंतिम बजट में मोदी के केंद्र में किसान व गरीब...तो मध्यम वर्ग व महिलाओं को सबसे ज्यादा नाखुशी

किसान बोले

घोषणा- मछली पालकों को मिलेंगे किसान क्रेडिट कार्ड

असर|सोलर पंप्स सस्ते करने की घोषणा से जिले में हर साल लाभ लेने वाले किसानों की संख्या बढ़ेगी। मछली पालन वाले किसानों के लिए केसीसी देने की घोषणा इलाके के किसानों के लिए खुशखबर है। हर साल जिले में लगभग 600 सिंचाई पानी की डिग्गियां बन रही हैं। अब किसान केसीसी का फायदा लेकर मछली पालन कर सकेंगे।

घोषणा- टमाटर, प्याज व आलू के लिए ऑपरेशन ग्रीन

असर|सरकार ने आलू, टमाटर, प्याज उगाने वालों के लिए ऑपरेशन ग्रीन चलाने की घोषणा की है। इसके लिए 500 करोड़ का फंड भी रखा गया है। यहां यह घोषणा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां टमाटर का उत्पादन ठीक-ठाक होता है। बुवाई नहीं करने का बड़ा कारण इनका जल्दी खराब होना भी होता है। अब ग्रीन हाउस बनने के बाद किसानों का टमाटर व आलू के प्रति रूझान बढ़ेगा।

तीन डी में खेत में बनी ढाणी में लेपटॉप पर बजट देख चर्चा करते किसान।

...और इन तीन वर्गों में सबसे ज्यादा मायूसी, क्योंकि उम्मीदों के मुताबिक इन्हें कोई राहत नहीं

लंबे समय बाद ऐसा बजट आया कि रसोई के किसी उत्पाद को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई। यहां तक कि रसोई गैस व राशन में भी कोई बदलाव नहीं किया गया। गृहिणी सरोज घोड़ेला ने कहा कि आभूषणों में भी कोई रियायत नहीं दी गई।

रसोई

घोषणा- किसानों को दिए जाएंगे 11 लाख करोड़ के ऋण

असर|सरकार ने 11 लाख करोड़ रुपए के लोन देने की घोषणा की है। पूर्व में कॉ-ऑपरेटिव बैंक के जरिए विभिन्न मियादी लोन लगभग 1000 करोड़ रुपए मिलता रहा है। लगभग 1000 करोड़ रुपए किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए लोन मिलता रहा है। एक लाख ऋणी किसानों को इसका फायदा होगा। केसीसी से लोन लेना भी आसान होगा।

लागत पहले ही ज्यादा, सो खरीफ का समर्थन मूल्य दोगुना हो

सरकार ने घोषणा की है कि अब शेयर मार्केट से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन लेने वालों पर भी दस फीसदी कर लगेगा। इससे यहां 50 हजार से ज्यादा लोगों में निराशा हुई है। कारोबारी गौरव ने बताया कि यहां 50 हजार से ज्यादा लोग हैं, जो शेयर बाजार में निवेश करते हैं।

शेयर

एमएसएमई में 250 करोड़ तक के टर्न ओवर वाली कंपनियों पर कॉर्पोरेट टैक्स 30 से घटाकर 25 प्रतिशत करके राहत दी है। लेकिन लघु व मध्यम उद्योगों को कोई ज्यादा राहत नहीं मिली। उद्याेगपति सुनील अग्रवाल बताते हैं, सरकार को इन पर भी ध्यान देना चाहिए था।

उद्योग

क्योंकि..कृषि उपकरण सस्ते होंगे, फसलों के दाम बढ़ने से आय भी बढ़ेगी, सबका एक ही सवाल- सरकार ये वादे कब व कैसे पूरे करेगी?

खुश भी नाराज भी

सीनियर सिटीजन को 50 हजार की छूट, करदाताओं को भूले

बजट में सीनियर सिटीजन यानी जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है, उन्हें कुछ राहत दी है। इसके तहत बैंक डिपोजिट व पोस्ट ऑफिस डिपोजिट पर मिलने वाले ब्याज पर अगले वर्ष से 50 हजार की छूट दी गई है। ब्याज पर टीडीएस कटवाने के लिए सीनियर सिटीजन के लिए सीमा 10 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपए की है। सीए नीरज चावला ने बताया, वेतन भोगी कर्मचारी को दी गई 40 हजार रुपए की वैधानिक छूट से जिन कर्मचारियों की इनकम 5 लाख रुपए से कम है उन्हें दो हजार रुपए, 5 से 10 लाख रुपए आय वालों को 8000 व 10 लाख रुपए से अधिक की आय वालों को 12 हजार रुपए की सालाना बचत होगी। इस सालाना बचत का कुछ लाभ जो सैस 3 प्रतिशत से बढ़ा कर 4 प्रतिशत किया गया है उससे कुछ कम हो जाएगा।

तत्काल असर| पेट्रोल 18 व डीजल 11 पैसे महंगा हुआ

केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट के बाद लोगों को पेट्रोलियम उत्पादों के दाम में कमी की पूरी उम्मीद थी जो पूरी नहीं हुई। शाम तक चर्चा थी कि सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर 2 रुपए सेस कम कर दिया है। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। श्रीगंगानगर पेट्रोलियम एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश जैन ने बताया कि कंपनी की ओर से पेट्रोल के दाम में 18 और डीजल के दाम में 11 पैसे की बढ़ोत्तरी की गई है। नई दरें रात 12 बजे बाद लागू हो गई हैं। जैन ने बताया कि सरकार ने पेट्रोल से 2 रुपए लीटर सेंट्रल एक्साइज घटाई, वहीं 2 रुपए लीटर सेस बढ़ा दिया। केंद्र सरकार पहले 6 रुपए लीटर सेस लेती थी, अब 8 रुपए लीटर लिया जाएगा। श्रीगंगानगर में शुक्रवार को पेट्रोल 78.94 व डीजल 71.32 रुपए लीटर मिलेगा।

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