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गंगनहर को दस साल से नहीं मिल रहा उसके हिस्से का पानी-1.41 एमएएफ है हमारा हिस्सा

भास्कर संवाददाता | श्रीगंगानगर गंगनहर को एक दशक से उसके हिस्से का पानी नहीं मिल रहा है। जब बांधों में पानी कम...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 06:35 AM IST
भास्कर संवाददाता | श्रीगंगानगर

गंगनहर को एक दशक से उसके हिस्से का पानी नहीं मिल रहा है। जब बांधों में पानी कम होता है तो जल संसाधन विभाग राजस्थान फीडर और भाखड़ा नहर प्रणाली के साथ साथ गंगनहर के पानी में कटौती कर देता है, जबकि गंगनहर के हिस्से का अधिकांश पानी सतलुज बहाव क्षेत्र में से है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के गठन के बाद से गंगनहर के किसानों के साथ दोगला व्यवहार किया जा रहा है। गंगनहर के किसानों को उनके हिस्से का पानी नहीं मिलता। राज्य सरकार गंगनहर के किसानों को आम तौर पर यह तर्क देकर टाल देती है कि बांधों में पानी कम है, इसलिए गंगनहर का हिस्सा घट गया। जबकि सच्चाई यह है कि गंगनहर के हिस्से के पानी में बीबीएमबी का सीधे तौर पर कोई लेना देना नहीं है। चूंकि गंगनहर सर्किल चीफ इंजीनियर नॉर्थ के अंतर्गत कार्य करता है। चीफ इंजीनियर पानी का बंटवारा करते हैं, किसान संगठन चीफ इंजीनियर पर मनमानी करने का आरोप लगाते रहे हैं और दिनों दिन गंगनहर के किसानों के हिस्से पर कैंची चलती आ रही है

1965 के बाद बढ़ा 0.31 एमएएफ पानी

देश के विभाजन के बाद 1965 तक 1 से 10 जुलाई तक 2360, 10 से 20 जुलाई 2410 एवं 21 से 31 जुलाई तक 2370 क्यूसेक पानी मिलता रहा है। इसी प्रकार 1 से 10 अगस्त तक 2170, 11 से 20 अगस्त 2030 एवं 21 से 31 अगस्त तक 2380 क्यूसेक शेयर तय था। सितंबर के पहले दस दिन 2510, बीच के दस दिन 2520 एवं 21 से 30 सितंबर तक 2100 क्यूसेक पानी निर्धारित किया हुआ था। 1965 में नदी जल बंटवारे के दौरान राज्य को जो पानी दिया गया उसमें सरकार ने गंगनहर के हिस्से में 0.31 एमएएफ पानी बढ़ाकर 1.41 एमएफ कर दिया। इससे रोजाना 150 क्यूसेक पानी में बढ़ोतरी मानी जाती है। अब राज्य सरकार ने अपनी मनमानी के जरिए जुलाई में 1800, अगस्त में 2000 एवं सितंबर में 2200 क्यूसेक पानी निर्धारित कर दिया है।

बांधों में पानी के कम अथवा ज्यादा का गंगनहर पर नहीं होता असर

आंकड़ों में स्पष्ट है कि 2003 के सितंबर में राज्य को 9800 क्यूसेक डे पानी मिला। इसके बावजूद गंगनहर को 2300 क्यूसेक दिया गया। 7200 इंदिरा गांधी नहर में और अाईजीएफ-एसएफ लिंक को 300 क्यूसेक पानी दिया गया। इससे स्पष्ट होता है कि बांधों में पानी के कम अथवा ज्यादा का गंगनहर पर कोई असर नहीं होता और न ही राजस्थान फीडर अथवा भाखड़ा के साथ गंगनहर के हिस्से का कोई लेना-देना है।

िकतना पानी िमला

सितंबर राज्य गंगनहर

का हिस्सा को मिला

1995-12000 2500

1996-12000 2500

1999-12280 2720

2003-09800 2300

2005-12300 2500

2006-09200 2200

2011-12000 2500

2013-12000 2200

चीफ इंजीनियर गंगनहर के पानी में से करते हैं कटौती


बांध में पानी कम होगा तो शेयर घटेगा