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सरकार कह रही- मानसून इस साल भी सामान्य रहेगा

बेमेतरा(छग)। पानी के लिए रात से कतार लगती है। कब तक खड़े हों, तो बर्तनों पर नाम लिख उसकी लाइन लगाई। ‌‌‌वर्ष अनुमान...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 04:55 AM IST
बेमेतरा(छग)। पानी के लिए रात से कतार लगती है। कब तक खड़े हों, तो बर्तनों पर नाम लिख उसकी लाइन लगाई।

‌‌‌वर्ष अनुमान वास्तविक

2017 96% 95%

2016 106% 97%

2015 93% 86%

पिछले साल भी सामान्य कहा था, पर 15% जिलों में बाढ़ आई, 38% जिले सूखे रहे थे



इस सामान्य का हमारे लिए क्या मतलब

वो सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं

क्या पूर्वानुमान का मतलब देशभर में अच्छी बारिश से है?

नहीं। क्योंकि देश के 640 जिलों में से 238 में रेन पैटर्न बदला है। आईआईटी बॉम्बे ने रिसर्च किया है। 112 साल के डेटा का विश्लेषण कर बताया कि राजस्थान में 9%, तो गुजरात में 26.2% ज्यादा बारिश होने लगी है। जहां पहले अच्छी बारिश होती थी वहां कम हो रही है। इसके नुकसान ज्यादा हैं, फायदा कम।



बदले हुए रेन पैटर्न का असर सबसे ज्यादा कहां हो रहा?

अमेरिकी इंस्टीट्यूट एमआईटी की रिसर्च के मुताबिक 15 सालों में उत्तर-मध्य भारत के कुछ इलाकों में अच्छा पानी बरसा है। जबकि यूपी, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, असम, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, अरुणाचल और नगालैंड जैसे ज्यादा बारिश वाले राज्यों में लगभग हर दूसरे-तीसरे साल सूखे की नौबत आ रही है।

इस साल अधिक बारिश कब होने की संभावना जताई है?

मौसम विभाग कह रहा है कि जून व सितंबर में देश के ज्यादातर हिस्सों में अच्छी बारिश होगी। जुलाई-अगस्त में बारिश कुछ कम रह सकती है। लेकिन वह भी सामान्य के आसपास ही रहेगी। जून में एलपीए (लॉन्ग पीरियड एवरेज)की 111%, जुलाई में 97%, अगस्त में 96% और सितंबर में 101% बारिश होगी।