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ऑनलाइन सिस्टम से परेशानी; डीएल के लिए आज आवेदन तो 6 माह बाद मिलेगा, टेस्ट में फेल तो 3 माह और इंतजार

Dainik Bhaskar

May 02, 2018, 06:45 AM IST

Shriganganagar News - ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को आसान करने के लिए शुरू किया गया ऑनलाइन सिस्टम सुविधा की जगह दुविधा बनता...

ऑनलाइन सिस्टम से परेशानी; डीएल के लिए आज आवेदन तो 6 माह बाद मिलेगा, टेस्ट में फेल तो 3 माह और इंतजार
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को आसान करने के लिए शुरू किया गया ऑनलाइन सिस्टम सुविधा की जगह दुविधा बनता जा रहा है। आप कितने ही वाहन चलाने में दक्ष हों या प्रशिक्षण लिया हो, लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना है तो कम से कम छह माह लगेंगे। अब यहां ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए कतार में भले ही खड़ा ना होना पड़े, लेकिन आवेदन करने के बाद भी ड्राइविंग लाइसेंस आप के हाथ में आने में करीब आधा साल लग ही जाएगा। जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय में लर्निंग लाइसेंस के लिए तीन माह व स्थायी लाइसेंस के लिए दो माह की वेटिंग चल रही है। नए वाहन खरीदकर लाइसेंस बनाने वाले लोगों के लिए भी अब नई परेशानी खड़ी हो गई है। विभाग की ऑनलाइन प्रक्रिया में लग रहे समय के कारण आम लोगों को परेशानी भुगतनी पड़ रही है। लाइसेंस होने के बाद ही सड़क पर वाहन चलाने की अनुमति होती है। हर माह 1000 से ज्यादा लोग लाइसेंस के लिए आवेदन कर चुके होते हैं, लेकिन लाइसेंस नहीं मिलता। ऐसे में आए दिन गाड़ियों के चालान हाेते हैं। वहीं अनेक वाहन सीज कर दिए जाते हैं।

अक्टूबर में आवेदन के लाइसेंस अब जारी हो रहे, 1000 वेटिंग में

लाइसेंस बनवाने के लिए डीटीओ पहुंचा तो जवाब मिला ऑनलाइन आवेदन करो: घड़साना निवासी राजेंद्र कुमार 25 अप्रैल को लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए डीटीओ कार्यालय आया। करीब आधा घंटे चक्कर लगाने के बाद विभाग के एक कर्मचारी के पास पहुंचा। जहां जाते ही जवाब मिला कि यहां आने की बजाय ऑनलाइन आवेदन करो। इस पर राजेंद्र घर लौट गया।

परेशानी ये भी...बिना लाइसेंस-आरसी वाहन चलाते पकड़े गए तो सीज का प्रावधान

यातायात प्रभारी कुलदीप चारण ने बताया कि अगर चालक के पास लाइसेंस नहीं है और खुद के नाम की आरसी की गाड़ी चलाते पकड़ा जाए जो मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 5/180 में 500 रुपए का जुर्माना लगाया जाता है। गाड़ी किसी और की बिना लाइसेंस चलाते पकड़ा जाए तो मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 3/181 में 15 सौ रुपए जुर्माना का प्रावधान है। अगर गाड़ी की आरसी मौके पर साथ नहीं है और लाइसेंस भी नहीं है तो गाड़ी सीज हो जाएगी। अगर चालक अपना लाइसेंस बाद में चालान भरते समय प्रस्तुत कर दे तो 100 रुपए जुर्माना राशि वसूल कर छोड़ा जाता है।

परिवहन निरीक्षक बोले- 32 से ज्यादा लाइसेंस जारी करने में आती है दिक्कत

परिवहन निरीक्षक हेतराम सीला ने बताया कि 32 से ज्यादा लाइसेंस ऑनलाइन जारी करने में ऑनलाइन सिस्टम में दिक्कत आती है। नेट की स्पीड धीमी हो जाती है, जिससे काम रुक जाता है। विभाग की वेबसाइट अपडेट हुई है लेकिन अब भी रोजाना 48 लाइसेंस जारी हो सकते हैं। नेट स्पीड बढ़ाने के लिए पत्र लिखे गए हैं।

भास्कर नॉलेज|लर्निंग के 150 तो ड्राइविंग लाइसेंस का शुल्क 300 रुपए

लर्निंग लाइसेंस- इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। कंप्यूटराइज्ड टेस्ट दीजिए व 2 दिन में लाइसेंस बन जाएगा। शुल्क 150 रुपए रहेगा। ड्राइविंग लाइसेंस-लर्निंग के एक माह के भीतर आप ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं। शुल्क 300 रुपए है। टेस्ट में फेल हुए तो 300 दुबारा देने होंगे। इसका समय भी दो दिन ही निर्धारित है।

सर्वर इतना धीमा आवेदन अक्टूबर में, लाइसेंस मिला अप्रैल में: सादुलशहर निवासी अमित ने बताया कि सर्वर इतना धीमा है कि पहले तो ऑनलाइन फार्म ही अक्टूबर में सबमिट हुआ। इसके तीन महीने बाद लर्निंग लाइसेंस मिला। अब अप्रैल 24 अप्रैल को लाइसेंस मिला है। इस बीच तीन बार पुलिस ने लाइसेंस नहीं होने की बात कहकर चालान भी काट दिया।

समस्या की वजह ये भी

रोजाना 48 लर्निंग, पक्के और डुप्लीकेट हो सकते हैं जारी

परिवहन सूत्रों के अनुसार ऑनलाइन प्रक्रिया में लाइसेंस जारी होने की अधिकतम सीमा तय है। एक दिन में अधिकतम 48 आवेदकों को लर्निंग लाइसेंस जारी किया जा सकता है। इतने ही आवेदकों को पक्का लाइसेंस जारी कर सकते हैं और इतने ही आवेदकों को डुप्लीकेट लाइसेंस जारी किए जा सकते हैं। विभाग के सॉफ्टवेयर में ही यह संख्या तय है। पूरा तकनीकी सिस्टम भारत भर में ऑनलाइन है। इस कारण सर्वर डाउन और खराब इंटरनेट नेटवर्क का भी सामना करना पड़ता है। अब लाइसेंस धारकों को भारत स्तर के लाइसेंस जारी हो रहे हैं। अर्थात अगर किसी क्रमांक नंबर का श्रीगंगानगर के व्यक्ति को लाइसेंस जारी हुआ है तो यह जरूरी नहीं कि उससे अगला ही क्रमांक भी यहीं के व्यक्ति का हो। क्रम संख्या पूरे भारत में एक ही चल रही है। इस कारण विभाग चाहकर भी इससे अधिक लाइसेंस जारी नहीं कर सकता। श्रीगंगानगर में छह माह बाद लाइसेंस हाथ में आ रहा है। वह भी तब जब धारक ऑनलाइन और ऑफ लाइन लाइसेंस की परीक्षा पास कर लेता है। अगर परीक्षा में फेल हो गया तो दोबारा तीन माह तक ओर इंतजार करना पड़ेगा।

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