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धूम्रपान से दूरी बनाकर राेक सकते हैं कैंसर के 50% मामले : डाॅ. अराेड़ा

एक वर्ष पहले
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कैंसर के मरीजाें की तादाद में लगातार बढ़ाेतरी हाे रही है। सन् 2040 तक कैंसर के मरीजाें की संख्या में दाेगुनी वृद्धि हाेने की अाशंका है। कैंसर के कारकाें से दूरी बनाए रखने पर करीब 50 प्रतिशत मामलाें काे राेका जा सकता है। समय-समय पर शरीर की जांचें अवश्य करानी चाहिए। यह बात लॉयंस क्लब सेंट्रल, विकास, ग्रेटर एवं अरोड़वंश मंदिर ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में तहसील के नजदीक मुकेश ऑडिटोरियम में शनिवार काे अायाेजित कैंसर एवं लीवर जागरुकता शिविर में बताैर मुख्य वक्ता मैक्स सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल साकेत दिल्ली के प्रिंसिपल कंसल्टेंट जीअाई अाॅकाे सर्जरी डॉ. असित अरोड़ा ने कही।

उन्होंने बताया कि धूम्रपान, शराब, माेटापा व प्रदूषण कैंसर के प्रमुख कारक हैं। इसके साथ ही समय-समय पर अपने सामान्य चेकअप करवाते रहना चाहिए। किसी भी बीमारी के लक्षण प्रदर्शित होने पर उसका कुशल डाॅक्टर से परामर्श लेकर इलाज करवाना चाहिए। शिविर में बड़ी संख्या में महिलाएं व पुरुषाें सहित अनेक युवा शामिल थे।

इन तीन उपायाें से कम किया जा सकता है कैंसर का खतरा


ये शामिल हुए : शिविर में सेंट्रल क्लब अध्यक्ष अाशीष अराेड़ा, रुचिका चुघ, अशोक वाट्स, विनोद सेठी, बंटी कटारिया, प्रशांत छोडा, अरुण लोहिया, अरोड़वंश ट्रस्ट के अध्यक्ष कपिल असीजा, ट्रस्ट के सचिव दीपक मिड्ढा, चंद्रमोहन शर्मा, सोनू नागपाल डॉ. संदेश त्यागी, केवल सचदेवा, जगदीश जांदू व महेश पेड़ीवाल शामिल हुए।


महिलाओं में होने वाले कैंसर: ब्रेस्ट, सर्वाइकल, कोलोरेक्टल और मुंह का कैंसर


2. धूम्रपान-शराब से बनाएं दूरी: धूम्रपान के कारण फेफड़ों, मुंह, ब्लैडर, किडनी, सर्विक्स, आहार नली और गले के कैंसर की आशंका बढ़ जाती है। यह आशंका केवल धूम्रपान करने वालों में ही नहीं, उनके परिवार के सदस्यों में भी होती है। अगर धूम्रपान के साथ शराब भी पीते हैं तो कैंसर की आशंका दोगुनी हो जाती है। इसलिए धूम्रपान, तंबाकू और शराब को आज से ही छोड़ना शुरू कर दीजिए।

3. कैंसर स्क्रीनिंग करवाएं : कैंसर के थोड़े से लक्षण नजर आने पर स्क्रीनिंग (जांच) करवाने में हिचकिचाए नहीं। वक्त रहते कैंसर के पकड़ में आने पर इसका उपचार संभव है।

तपाेवन ट्रस्ट के अध्यक्ष महेश पेड़ीवाल के मुताबिक ट्रस्ट द्वारा 2015 में कैंसर जांच वैन शुरू की गई थी। जिलेभर में अब तक 20 हजार लाेगाें की जांच की जा चुकी है। इसमें 1.5 प्रतिशत लाेगाें में कैंसर मिला है।

1. वजन को नियंत्रित रखें: बढ़ता वजन केवल डायबिटीज या दिल की बीमारियों के लिए ही जिम्मेदार नहीं है। मोटापे से ब्रेस्ट, पेनक्रियाटिक, गाल ब्लैडर, आहार नली का कैंसर होने की आशंका अधिक होती है। इसलिए अपने रूटीन में रोजाना सुबह या शाम आधे घंटे की वॉक अादि जरूर करें**
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