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शिक्षा क्षेत्र की 8 प्रतिभाएं व 43 सहयाेगी संस्थाअाें का किया सम्मान, दिव्यांग बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से सबको किया चकित

Shriganganagar News - भास्कर संवाददाता श्रीगंगानगर। शारीरिक अाैर मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चाें के पालन पाेषण में काफी सावधानी...

Dec 04, 2019, 12:36 PM IST
भास्कर संवाददाता श्रीगंगानगर।

शारीरिक अाैर मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चाें के पालन पाेषण में काफी सावधानी बरतने की जरूरत हाेती है। उनके साथ हर समय शारीरिक रूप से साथ रहने की जरूरत है। एेसे बच्चाें काे की देखभाल बड़ाें से भी अधिक जिम्मेदारी भरा काम है। यह बात मंगलवार काे हनुमानगढ़ राेड स्थित एलकेसी श्री जगदंबा अंधविद्यालय समिति की अाेर से दिव्यांग दिवस पर अायाेजित कार्यक्रम में बताैर अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना ने कही। उन्हाेंने कहा कि लाेगाें काे दिव्यांगाें के प्रति साेच अाैर व्यवहार में बदलाव लाना हाेगा। एेसे लाेगाें काे प्यार, सम्मान देने के साथ ही उन्हें उनके अधिकाराें के प्रति जागरूक कराना भी इस दिवस का मुख्य उद्दे्श्य है। उन्हाेंने कहा कि घर में यदि दिव्यांग बच्चे हाें ताे उन्हें अाैर भी ज्यादा प्यार अाैर अपनेपन की जरूरत हाेती है। कार्यक्रम की शुरुअात मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके की गई। इसके बाद दिव्यांग बच्चाें ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। इसके बाद इन बच्चाें के एक ग्रुप ने गुरु मेरी पूजा... गीत पर सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर खूब वाहवाही बटाेरी। इस दाैरान उपस्थित लाेगाें ने तालियां बजाकर बच्चाें का मनाेबल बढ़ाया। इस कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र की 8 प्रतिभाअाें व समिति काे सहयाेग करने वाली 43 संस्थाअाें काे स्मृति िचन्ह देकर सम्मानित किया गया। इससे पहले इन बच्चाें ने अतिथियाें काे तिलक लागकर उनका स्वागत किया।

राजस्थानी व पंजाबी लाेकगीताें पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर खूब वाहवाही लूटी

इस कड़ी में इन बच्चाें ने राजस्थानी व पंजाबी लाेक गीताें पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर खूब वाहवाही लूटी। इसमें श्रवण बाधित बालिकाअाें ने बम बम भाेले मस्ती में डाेले... गीत पर नृत्य किया। इसके बाद दृष्टिबाधित बच्चाें ने स्वर किसी के काम जाे अाए ऐसे इंसान कहते हैं... गीत की प्रस्तुति दी। वहीं, शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के विद्यार्थियाें ने लघु नाटिका प्रस्तुत की। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।

दिव्यांग बच्चाें काे दया अाैर सहानुभूति की नहीं बल्कि अापके प्यार अाैर सहयाेग की जरूरत है : अंधविद्यालय के संस्थापक स्वामी ब्रह्मदेव महाराज ने कहा कि दिव्यांग बच्चाें के अंदर अात्मविश्वास भरना, उन्हें अात्मनिर्भर बनाने का प्रयास माता-पिता काे बचपन से ही शुरू कर देना चाहिए। बच्चे काे किसी पर निर्भर ना छाेड़ें। उसे अपने काम खुद करने की अादत डलवाएं। इससे वाे अात्मनिर्भर बनेगा। उन्हाेंने कहा कि शारीरिक अाैर मानसिक रूप से कमजाेर बच्चाें की तुलना दूसरे सामान्य बच्चाें से करना ठीक नहीं है। उन्हें किसी की दया अाैर सहानुभूति की जरूरत नहीं बल्कि अापके प्यार अाैर सहयाेग की जरूरत है।

मूक-बधिर विद्यालय से 2283 दिव्यांग बच्चे ग्रहण कर चुके हैं शिक्षा:कार्यक्रम में अंधविद्यालय की डायरेक्टर रंजना सेठी ने बताया कि श्री जगदंबा अंधविद्यालय की नींव 1980 में रखी गई। अब तक इस विद्यालय से 818 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर चुके हैं। इसमें से अधिकतर अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद सरकारी अाैर गैर सरकारी संस्थाअाें में कार्यरत हैं। उन्हाेंने बताया कि मूक-बधिर विद्यालय की स्थापना 1984 में की गई। इस विद्यालय से अब तक 2283 दिव्यांग बच्चे पढ़ चुके हैं। वे बताती हैं कि यहां विद्यार्थियाें काे शिक्षा के साथ-साथ स्वावलंबी भी बनाया जाता है। इसके लिए इन्हें कंप्यूटर, केनिंग, संगीत अादि का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक गुरजंट सिंह बराड़, यूअाईटी पूर्व अध्यक्ष संजय महिपाल, विनिता अाहुजा, डाॅ. दर्शन अाहुजा, गुरबीर सिंह बराड़, रवि सेतिया, वेद लखाेटिया, वीरेंद्र बैद व विक्रांत सांखला सहित जिलेभर से दिव्यांग बच्चे व उनके अभिभावक अादि उपस्थित रहे। मंच संचालन लक्ष्मीनारायण पारीक ने किया।

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