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अमेरिका का द न्यूयॉर्क टाइम्स | हिंदू नेतृत्व वाले भारत ने मुस्लिम बहुल कश्मीर राज्य पर शिकंजा कसा

2 वर्ष पहले
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पर दुनिया के 4 अखबारों का कवरेज

दुनिया में सबसे ज्यादा सैन्य मौजूदगी वाले इलाके में टकराव का खतरा बढ़ा

‘द न्यूयॉर्क टाइम्स ’ (अमेरिका) भारत सरकार ने एकतरफा रूप से कश्मीर राज्य की स्वायत्तता खत्म कर दी। संभावित अशांति से बचने के लिए सेना के हजारों जवान वहां भेजे गए हैं। विवादित क्षेत्र में ऐसा कदम, तनाव ही बढ़ाएगा। वहां पर नेट, मोबाइल फोन और लैंडलाइन तक बंद कर दिए हैं। इससे किसी को पता नहीं चल पा रहा है कि आखिर हो क्या रहा है।

ब्रिटेन का द टेलीग्राफ |पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कश्मीर में आत्मघाती हमले होने की आशंका जताई

‘द टेलीग्राफ’ (ब्रिटेन) पाकिस्तान ने कहा है कि वह कश्मीर के लोगों के लिए हरसंभव कोशिश करेगा। जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा छीन लिए जाने से पाकिस्तान गुस्से में है। पाक पीएम इमरान खान ने कहा है कि कश्मीर में आत्मघाती हमले हो सकते हैं। पाक सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा ने कहा है कि पाक सेना कश्मीरियों के साथ अाखरी सांस तक लड़ेगी।

फ्रांस का ले मॉन्डे | प्रधानमंत्री के दूसरे कार्यकाल का पहला बड़ा कदम, भारत ने अलगाव का जोखिम उठाया

‘ले मॉन्डे’ (फ्रांस) कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा छीनना, भारत के प्रधानमंत्री के दूसरे कार्यकाल का पहला बड़ा कदम है। इस फैसले से दुनिया में सबसे ज्यादा सैन्य मौजूदगी वाले इलाके में टकराव का जोखिम बढ़ गया है। इस फैसले से घाटी को मिले विशेषाधिकार पूरी तरह खत्म हो गए हैं। इससे घाटी के इलाकों से विस्थापित हो चुके हिंदुओं को वापस लौटने में मदद मिलेगी।

चीन का द ग्लोबल टाइम्स | कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा छीना, चीन की क्षेत्रीय संप्रभुता को कम आंका गया

‘द ग्लोबल टाइम्स’ (चीन) भारत के गृह मंत्री ने कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाला प्रावधान हटाने का प्रस्ताव रखा। पाकिस्तान ने इसकी निंदा की है। उसके मुताबिक यह विवादित क्षेत्र है। यह बात अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी जानता है। भारत की एकतरफा कार्रवाई कश्मीर की स्थिति को नहीं बदल सकती। बीजिंग ने फैसलेे पर विरोध जताते हुए कहा है कि चीन की क्षेत्रीय संप्रभुता को कम आंका गया है।

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