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जन्म लेते ही बच्ची काे सड़क पर छाेड़ गए 2 लाेग अस्पताल में भर्ती, मंगलवार था-नाम िमला अंजनी

Shriganganagar News - तीन साल में छठा केस एक नवजात बच्ची काे जन्म के दाे घंटे बाद ही लावारिस छाेड़ दिया गया। घटना मंगलवार अल सुबह...

Feb 19, 2020, 11:51 AM IST
Sriganganagar News - rajasthan news as soon as she was born the girl was caught in the road admitted in 2 people hospital tuesday was named anjani
तीन साल में छठा केस

एक नवजात बच्ची काे जन्म के दाे घंटे बाद ही लावारिस छाेड़ दिया गया। घटना मंगलवार अल सुबह सुखाड़िया मार्ग से इंदिरा काॅलाेनी की अाेर जाने वाले रास्ते पर एसएस खुराना के क्लिनिक के पास हुई। गनीमत रही कि सुबह करीब 6 बजे बच्ची के राेने की अावाजें सुनकर सुबह की सैर करते वहां से गुजर रहे लाेगाें ने पुलिस काे सूचित किया। जवाहरनगर थाना के रात्रिकालीन ड्यूटी अधिकारी हवलदार ने बच्ची काे अपने कब्जे में लेकर जिला अस्पताल पहुंचाया। नवजात काे तत्काल ही जच्चा-बच्चा वार्ड की शिशु नर्सरी में भर्ती किया गया। डाॅ. संजय राठी ने नवजात का स्वास्थ्य परीक्षण किया। उन्हाेंने बताया कि बच्ची का जन्म रात काे 12 से 2 बजे के बीच का हाेने का अनुमान है। बच्ची का वजन 2 किलाे 400 ग्राम है। सामान्य जन्म पर नवजात का वजन 3.500किलाेग्राम तक हाेना चाहिए। वजन कम हाेने के कारण नवजात काे रेडिएंट वार्मर पर कृत्रिम श्वसन इकाई की मदद से इलाज दिया जा रहा है। बच्ची के रक्त के नमूने जांच के लिए भिजवाए गए। रिपाेर्ट में स्थिति सामान्य अाैर संताेषजनक पाई गई है।

स्वास्थ्य विभाग की अपील

बच्चों को फेंके मत, हमें दें

सीएमएचओ डा. मेहरड़ा ने बताया कि जिला अस्पताल में दो और सूरतगढ़ सीएचसी पर एक पालना गृह बनाया गया है। पालना गृह में छाेड़े नवजात के संरक्षण की जिम्मेदारी समाज कल्याण उठाता है। इसलिए बच्चे फेंके मत, हमें दें।

_photocaption_श्रीगंगानगर। जिला अस्पताल में लावरिस मिली बच्ची काे देखने पहुंची दंपती।*photocaption*

भले ही जिस मां ने इस मासूम काे जन्म देकर अपनाने के डर से लावारिस छाेड़ दिया हाे लेकिन इसे अपनाने के लिए अस्पताल में दंपती पहुंच गए हैं। भास्कर टीम नवजात बच्ची का पता करने जिला अस्पताल पहुंची। थाेड़ी ही देर में मदेरां के निकट एक एच बड़ा निवासी दारासिंह अपनी प|ी सुमन देवी के साथ अस्पताल पहुंच गए। उन्हाेंने अाते ही इलाज कर रहे डाॅ. संजय राठी से मासूमियत के साथ बच्ची गाेद देने का अाग्रह किया। बेहद साैम्य अाैर सहज दिख रहे इस दंपती काे डाॅ. राठी ने समझाया कि वे इस तरह से बच्ची काे किसी काे गाेद नहीं दे सकते। इसके लिए कानूनी प्रक्रिया अपनानी पड़ेगी। एेसा सुनकर बहुत उत्साह के साथ अस्पताल पहुंची सुमन के चहरे पर मायूसी छा गई। उन्हाेंने डाॅ. से कहा कि गाेद न दे सकाे ताे भी काेई बात नहीं लेकिन बच्ची काे एक बार गाेद में उठाकर देख लेने दें। उनके मासूम अाैर वात्सल्य से भरे इस सवाल का जवाब भी ना ही मिला। सुमन ने बताया कि उनके एक 14 साल का बेटा है। इसके बाद दूसरी संतान इसलिए नहीं पैदा की कि कहीं दूसरा भी बेटा ही न हाे जाए। वे एक बेटी काे घर का सदस्य बनाना चाहते हैं ताकि परिवार पूरा हाे जाए। दारासिंह ने बताया कि उनकी प|ी काे बेटी की बहुत चाहत है। उन्हाेंने बताया कि वह ताे खेत में काम कर रहा था। सुमन ने ही टीवी पर खबर देखी अाैर तत्काल मुझे फाेन कर घर बुलाया। मुझे ताे नहाने भी नहीं दिया अाैर सीधे खींचकर अस्पताल ले अाई। डाॅक्टर की अाेर से मना करने के बाद दंपती मायूस हाेकर वापस लाैट गए।


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_photocaption_बच्ची का वजन कम है। इसलिए उसे शिशु नर्सरी में भर्ती किया गया है। *photocaption*

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जवाहरनगर थाना की कार्यवाहक प्रभारी ज्याेति नायक ने बताया कि सुबह करीब 6 बजे किसी राहगीर ने पुलिस नियंत्रण कक्ष में फाेन पर सूचना दी थी कि खुराना पैलेस से इंदिरा काॅलाेनी की अाेर जाने वाली सड़क पर डाॅ. खुराना के क्लिनिक के बाहर रेहड़ी पर एक बच्चे के राेने की अावाजें अा रही हैं। इसकी सूचना पर ड्यूटी अधिकारी हवलदार राजपाल यादव माैके पर पहुंचे। उन्हाेंने कपड़ाें में लिपटे नवजात काे उठाकर जिला अस्पताल पहुंुचाया। पुलिस ने बच्ची काे भर्ती करवाने के बाद घटनास्थल के अासपास के सीसी कैमराें की जांच की। इसमें रात काे 4 बजकर 53 मिनट पर साइकिल पर अाए दाे व्यक्ति नवजात काे रेहड़ी पर छाेड़कर जाते दिखाई दे रहे हैं। अाराेपी जवाहरनगर एरिया की तरफ से अाए थे। पुलिस नवजात बच्ची काे लावारिस छाेड़ने वालाें तक पहुंचने के लिए लगातार जांच कर रही है। कुछ महत्वपूर्ण तथ्य मिले हैं। इनके अाधार पर अागे बढ़ा जा रहा है।

इस संबंध में अस्पताल की अाेर से बाल कल्याण समिति काे सूचित किया गया। समिति अध्यक्ष एडवाेकेट लक्ष्मीकांत सैनी, सदस्य जगदीश चंदेल व हुकमाराम नायक ने जिला अस्पताल पहुंचकर बच्ची का हालचाल जाना। समिति ने बच्ची की देखभाल के लिए अस्पताल में अाया नियुक्त की है। वह बच्ची काे दूध पिलाने अाैर कपड़े अादि बदलने का काम कर रही है। समिति ने पुलिस काे मामले की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। बच्ची काे गाेद दिए जाने तक अाया ही बच्ची की देखभाल करेगी।

डाॅ संजय राठी ने बताया कि 2018 में पहला बच्चा पालना गृह में अाया था। 2019 में दाे बच्चे पालना गृह में अाैर दाे बच्चे पुलिस ने भर्ती करवाए। 2020 का यह पहला ही मामला है। नवजात बच्ची का मंगलवार काे जन्म हुअा है। मंगलवार काे भगवान हनुमान का दिन माना जाता है। इसलिए नवजात बच्ची का नाम भगवान हनुमान की माता अंजनी के नाम पर रखा गया है। बच्ची के अस्पताल में पहुंचने पर स्टाफ में खुशी का माहाैल बना हुअा है।

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