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स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा पीना कारगर, बढ़ाएगा रोग प्रतिरोधक क्षमता

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 06:55 AM IST

Shriganganagar News - भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर इलाके में स्वाइन फ्लू के रोगी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को...

Sriganganagar News - rajasthan news ayurvedic decoction will be effective for preventing swine flu it will increase disease resistance
भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर

इलाके में स्वाइन फ्लू के रोगी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को जागरूक करने के साथ ही आयुर्वेदिक काढ़ा इस्तेमाल करने की भी सलाह दी है। इसके लिए प्रशासन की ओर से जिला अस्पताल में लोगों को निशुल्क काढ़ा भी वितरण किया जा रहा है ताकि लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सके और वह बीमारी से दूर रहें। आम लोग अस्पताल समय के दौरान आयुष विभाग में जाकर यह काढ़ा पी सकते हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो सर्दी के मौसम में खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्ग और किसी भी अन्य बीमारी से पीड़ित मरीजों को ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए। इससे ना केवल खुद गंभीर बीमारी से बचा जा सकेगा, बल्कि आसपास के लोगों को भी गंभीर मौसमी बीमारियों से बचाया जा सकेगा। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि हालांकि विभाग की तरफ से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। वहीं, आगामी दिनों में उच्चाधिकारियों से विचार-विमर्श कर सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में जाकर भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने का निर्णय लिया गया है। जब विद्यार्थी और शिक्षक इस जागरूकता अभियान में साथ होंगे तो आसानी से स्वाइन फ्लू को कंट्रोल किया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर इलाके के कर्मचारियों को भी मौसमी बीमारियों से बचाव के तरीके बताए जाएंगे। डॉ. बंसल के मुताबिक आमजन यदि अंग्रेजी दवाओं से परहेज करें तो वे आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक पद्धति द्वारा भी अपना इलाज करा सकते हैं। इसके अलावा घरेलू उपाय किए जाकर भी बीमारियों से बचा जा सकता है।

स्वाइन फ्लू में आयुर्वेद की यह औषधियां कारगर

आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉ. बलदेव राज अरोड़ा ने बताया कि स्वाइन फ्लू को वातश्लेश्मिक ज्वर कहा जाता है। इसके लिए वातश्लेश्मिक ज्वर क्वाथ, गोजिह्वादि क्वाथ का काढ़ा बनाकर उपयोग किया जाता है। इसके अलावा त्रिभुवन रस, लक्ष्मीविलास रस, महालक्ष्मीविलास या लक्ष्मी विलास रस, संजीवनी वटी टेबलेट स्वाइन फ्लू रोग के इलाज में कारगर साबित होती है।

घरेलू उपायों से भी कर सकते हैं उपचार

डॉ. अरोड़ा के मुताबिक स्वाइन फ्लू से बचने के लिए घरेलू उपाय भी कर सकते हैं। औषधीय पादप इसमें वासा, तुलसी पत्र, बादियान के फूल, छोटी कंटेली, हल्दी, गिलोय, सोठ, भारंगी, तालीशपत्र, मुलेठी, काली मिर्च, लोग भूम्यामलकी, कालमेघ, गुलवनपशा को काढ़ा के रूप में बनाकर उपयोग कर सकते हैं। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और व्यक्ति बीमारियों से दूर रहता है।

हाई रिस्क ग्रुप वाले बरतें सावधानी

सीएमएचओ डॉ. बंसल के मुताबिक स्वाइन फ्लू से घबराएं नहीं, बीमारी का पता समय पर लगने पर इलाज संभव है। इसके लिए डॉक्टर से परामर्श और उपचार लिया जाए तो साधारण फ्लू की तरह यह भी कुछ दिनों में ठीक हो जाता है। हाई रिस्क ग्रुप वाले वाले मरीजों को विशेष सतर्कता बरतनी होती है। इसके साथ ही 65 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्ति, गर्भवती, लीवर रोगी, कैंसर का उपचार ले रहे रोगी और एचआईवी रोगी के स्वाइन फ्लू की चपेट में आने की अधिक आशंका रहती है।

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