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मामूली बारिश के बाद हालत खराब हुई ताे पार्षदों व दुकानदारों ने 5 घंटे तक धरना देकर जताया विराेध
मामूली बारिश के बाद शहर के हालात बद्तर हाे गए हैं। रविंद्र पथ पर डिवाइडर के दाेनाें तरफ बड़ी मात्रा में पानी जमा हाे गया है, नाले अाेवर फ्लाे हाे गए, इस वजह से गंदा पानी गलियाें में जमा हाे गया है। इस संबंध में अनेक बार प्रशासन व नगरपरिषद के अाला अधिकारियाें काे परेशानी बताई गई। लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। इससे गुस्साए स्थानीय लाेगाें, दुकानदाराें व पार्षदाें ने रविंद्र पथ पर गाेल बाजार चाैराहे पर दरियां बिछाकर धरना लगा लिया। इससे पहले लाेगाें ने चाैराहे से चाराें तरफ जाने वाले मार्गाें पर अवराेधक लगाकर वाहनाें की अावाजाही राेकी। धरने पर पूर्व पार्षद हरविंद्र पांडे, पवन गाैड़, हेमंत पाहूजा, पूर्व उप सभापति अजय दावड़ा, कमल नारंग, संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष तरसेम गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष नरेश शर्मा एवं गिरधारी गुप्ता सहित अन्य ने संबाेधित करते हुए कहा कि नगरपरिषद की नाकामी का ही नतीजा है कि अाज शहरवासियाें काे गंदे पानी के बीच रहना पड़ रहा है। बीते एक माह से यही हालात बने हुए हैं, नेता अाैर अधिकारी इन्हीं सड़काें से गुजरते हैं, लेकिन सभी खामाेश हैं। इससे पहले शहर की एेसी दुर्दशा कभी नहीं देखी।
धरने पर दीपक डूंगाबूंगा, पार्षद हेमंत रासरानिया, रामगोपाल यादव, सुशील चौधरी, रामू भुजियावाला, किशन उपनेजा, पाली कोचर, जसवंत सिंह, पप्पू बंसल, रोहताश स्याग, रंजन जसूजा, रंजीत सिंह एवं विकास चाैधरी सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।
मुख्य मार्ग बंद रखा, लेकिन समझाइश करने प्रशासन और नगरपरिषद से काेई नहीं अाया
धरने पर 8 से 10 पार्षदाें के साथ ही व्यापारी नेता, दुकानदार व वार्ड के अनेक लाेग माैजूद रहे। सुबह 11 से शाम 4 बजे तक धरना चला। इस दाैरान धरनार्थियाें ने नगरपरिषद प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने की वजह से दिनभर जाम की स्थिति बनी। अधिकारियाें काे इस संबंध में जानकारी भी दी गई। इसके बावजूद धरना स्थल पर न ताे जिला प्रशासन से काेई अधिकारी पहुंचा न नगरपरिषद से काेई जिम्मेदार बातचीत के लिए अाया। रविंद्र पथ पर पानी भरे रहने से सड़क बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हाे चुकी है। धरने पर पूर्व पार्षद हरविंद्र पांडे, संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष तरसेम गुप्ता अादि ने घाेषणा की कि शनिवार काे भी रविंद्र पथ पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा, वहीं मंगलवार काे पूरा बाजार विराेध स्वरूप बंद रखा जाएगा। दाेपहर बाद पब्लिक पार्क दुकानदारान एसाेसिएशन से जुडे दुकानदाराें ने अपने प्रतिष्ठानाें के शटर नीचे करते हुए धरने काे समर्थन दिया। अनेक दुकानदार धरना स्थल पर पहुंचे।
नगरपरिषद के लिए लगातार परेशानी बढ़ती जा रही है। शुक्रवार काे शुगर मिल गड्ढे पर छजगरिया माेहल्ले के लाेगाें ने जाकर माेटरें बंद करवा दी। वहीं दाे ई के किसानाें ने बंधा ताेड़कर पानी अागे जाना अवरुद्ध कर दिया। इस वजह से गड्ढे पर जाने वाला पानी बैक मारता हुए माैसम विभाग राेड पर अा गया। अायुक्त प्रियंका बुडानिया, सचिव लाजपत बिश्नाेई, स्वास्थ्य अधिकारी गाैतमलाल ने शहर में विभिन्न जगहाें पर जाकर पानी निकासी के प्रबंध देखे। गुरुनानक बस्ती गड्ढे पर दाे पंखियां लगाई गई हैं, जिसके माध्यम से पानी लिपट कर गड्ढे में डाला जा रहा है। 6 नंबर गड्ढे पर भी अतिरिक्त माेटर लगाई गई है। परेशानी की बात यह है कि किसान पानी नहीं ले रहे। तीनाें गड्ढे अाेवर फ्लाे चल रहे हैं, वहीं वैकल्पिक ताैर पर शुगर मिल के पास गड्ढा जहां पानी डाला जा रहा है, वह भी अब भरने के कगार पर है। माैसम विभाग अभी बारिश की चेतावनी दे रहा है। एेसे में थाेड़ी अाेर बारिश हुई ताे नतीजे गंभीर हाेंगे।
परेशानी... छजगरिया माेहल्ला वालों ने माेटरें बंद करा दी, किसानों ने पानी लेना बंद किया**
उदाराम चाैक पर श्याम पाइप स्टाेर के पास शुक्रवार काे दाेपहर चैंबर बनाने की बात काे लेकर बड़ा विवाद हुअा। कुछ पार्षद माैके पर पहुंचे जिन्हाेंने चैंबर नहीं बनाने की बात कही। इस पर वार्ड के महेश दिनाेदिया, पार्षद अमिल चलाना, अमन ढिल्लाे, दलजीत साेनी सहित करीब 50-60 जनाें ने चैंबर का काम रुकवाने अाए पार्षदाें का विराेध किया। उनका कहना था कि वार्ड में बीते डेढ़ माह से लाेग पानी भरने की समस्या से जूझ रहे हैं। गुस्साए स्थानीय लाेगाें ने सड़क पर ही दरी बिछाकर धरना लगा लिया। इस पर नगरपरिषद अमले ने जेसीबी लगवाकर चैंबर के लिए गड्ढा खाेद दिया। दिनाेदिया सहित अन्य का कहना है कि यहां 80 फुट से अधिक दूरी में एक भी चैंबर नहीं है। एेसे में नाले की सफाई नहीं हाेती, इसी वजह से सड़काें पर पानी खड़ा रहता है।
इधर...उदाराम चाैक पर चैंबर बनाने की बात काे लेकर विवाद, धरना-प्रदर्शन हुअा**