पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Sriganganagar News Rajasthan News Councilors Surrounded Stp Employees For 2 Hours When The City Was Flooded

शहर में पानी भरा तो पार्षदों ने एसटीपी कर्मचारियाें का 2 घंटे तक घेराव किया

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

शहर में गुरुवार व शुक्रवार काे हुई 20.6 एमएम बारिश के बाद बिगड़े हालात से गुस्साए पार्षदाें व वार्ड 56 के निवासियाें ने शनिवार शुगर मिल एसटीपी पर धावा बाेल दिया। सुबह करीब 11:30 बजे एसटीपी पर लाेग इकट्ठे हुए। वहां माैजूद कर्मचारियाें से एसटीपी का काम बंद हाेने व पानी निकासी के लिए अब तक किए प्रयासाें का जवाब मांगा। एसटीपी बना रही फर्म एसएन एनवायराे टेक के अधिकारियाें ने यूअाईटी से रुपए नहीं मिलने की बात कहकर पल्ला झाड़ने का प्रयास किया ताे लाेग अाैर अाक्राेशित हाे गए। बपार्षद प्रहलाद साेनी, पूर्व पार्षद अभिषेक दाधीच, विनाेद नायक का कहना था कि इतनी ही परेशानी थी ताे ठेका ही नहीं लेना था। बारिश के बाद लाेग घराें में कैद हाे गए हैं, उन्हें क्या जवाब दें?..। इसके बाद प्रदर्शनकारियाें ने एसटीपी परिसर में ही दरियां बिछा लीं तथा धरना लगा लिया। इस दाैरान धरनार्थियाें ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने पर पूर्व पार्षद शिवलाल सेन, गुरतेज सिंह, सरपाल, राजेश शर्मा, राजीव वर्मा, अमित मेहरा राजेंद्र वर्मा, रविंदर सिंह सहित अनेक लाेग माैजूद रहे। पार्षदाें ने दाेपहर 12 से 2 बजे तक धरना प्रदर्शन व घेराव किया।

अाराेप:- यूअाईटी रुपए ही नहीं दे रही काम कैसे करें: एसएन एनवायराे टेक के असिस्टेंट मैनेजर एम देवनाथ का कहना िक यूअाईटी ने बीते सवा साल से एक भी रुपए का भुगतान नहीं किया है। एेसे में फर्म से संबद्ध अन्य फर्माें, कर्मचारियाें व लेबर का भुगतान नहीं हाे सका है। इसी वजह से वर्षा जल निकासी व एसटीपी पर अागे काम नहीं हाे सका है। इस संबंध में कंपनी के उच्चाधिकारियाें ने कलेक्टर, न्यास सचिव व अायुक्त काे कई बार लिखित ताैर पर निवेदन भी किया, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। यदि न्यास की अाेर से 50 लाख रुपए दे दिए जाएं ताे अागामी 1 माह में काम पूरा कर दिया जाएगा।

जवाब: काम नहीं करेंगे ताे भुगतान भी नहीं हाेगाा: यूअाईटी एक्सईएन मंगत सेतिया ने धरना स्थल पर ही बताया कि शुगर मिल एसटीपी पर 16 कराेड़ रुपए खर्च होने थे। इसमें से 14 कराेड़ का भुगतान कर दिया गया है। वर्ष 2012 में कंपनी काे एसटीपी निर्माण के लिए दाे साल का ठेका दिया गया। 8 साल में भी काम पूरा नहीं किया गया है। कलेक्टर ने हाल ही 31 मार्च तक एसटीपी का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। फर्म ने यूअाईटी काे सूचित किए बिना बैंक गारंटी के रुपए निकाल लिए। यूअाईटी सचिव डाॅ. हरितिमा का कहना है कि इसके बाद भी हालात नहीं सुधरे ताे फर्म काे ब्लैक लिस्टेड भी किया जा सकता है।

पूर्व पार्षद सुरेंद्र स्वामी का कहना है कि विभागाें जिनमें नगरपरिषद, यूअाईटी व एसटीपी निर्माण कर रही कंपनी के बीच अापसी तालमेल का न हाेना ही शहरवासियाें के लिए परेशानी का सबब बना हुअा है। वर्षा जल निकासी याेजना के तहत बरसाती पानी की निकासी के लिए शुगर मिल एसटीपी से लेकर साधुवाली लिंक चैनल तक पाइप लाइनें बिछाई गईं। यहां अाेवर ब्रिज से 10 फीट की पाइप लाइन का मिलान करना था, लेकिन सभी ने एक-दूसरे की जिम्मेदारी बता काम लटकाए रखा। पूर्व पार्षद रामस्वरूप नायक का कहना है कि विराेध प्रदर्शन के बाद अानन-फानन में शनिवार ही शाम काम शुरू कर दिया गया है। यूअाईटी अधिकारियाें ने धरना स्थल पर ही अाश्वासन दिया कि रविवार काे शाम तक पाइप का मिलान कर दिया जाएगा। वहीं, अगले 15 दिन में इस पाइप लाइन से लिंक चैनल में पानी जाने लग जाएगा।
खबरें और भी हैं...