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पहले कश्मीर बंद होता तो लोग पत्थर फेंकते, फायरिंग होती थी, पिछले 48 घंटे में यहां एक भी गोली नहीं चली

2 वर्ष पहले
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जयपुर। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री राम माधव का कहना है कि कश्मीर में कर्फ्यू पहले भी लगते थे लेकिन पहले लाेग इसके विरोध में बाहर निकलते थे, पत्थर फेंकते थे, गोलियां चलानी पड़ती थीं। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब कर्फ्यू लगाए जाने के 48 घंटे बाद भी एक भी गोली नहीं चली। राम माधव ने यह बात बुधवार को शिक्षक मंथन संस्थान की ओर से इन्द्रलोक सभागार में ‘भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और शिक्षा’ संगोष्ठी कार्यक्रम मुख्यवक्ता के रूप में संबोधित करते हुए बोली। उन्होंने कहा कि धारा 370 में बदलाव सरकार सिर्फ इसलिए नहीं कर पाई कि उसके पास स्ट्रेंथ है बल्कि इसलिए क्योंकि इसे लेकर लोगों में व्यापक सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृृृृृृृढ़ इच्छा शक्ति व देश के नागरिकों की मानसिकता बदल कर व व्यापक सहमति बनाकर यह कार्य संभव हुआ है। अभी पूरे देश में जम्मू कश्मीर सहित खुशी का माहौल हैं। वहां के लोग विकास चाहते है जो अब संभव होगा।

देश की मानसिकता बदली है...अब राम मंदिर गर्व की बात है

उन्होंने कहा कि अब देश की मानसिकता में बदलाव हो रहा है। राम मंदिर अब शर्म की नहीं गर्व की बात हो गई है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता भी अब समय की मांग है।

शिक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में बदलाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि आजादी के 70 सालों बाद भी हम देश में कोई ऐसा शैक्षणिक संस्थान खड़ा नहीं कर पाए जो दुनिया के टॉप 100 में शामिल हो सके। उन्होंने कहा कि एज्युकेशन में क्वालिटी की बहुत ज्यादा जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में यह भ्रांति फैलाई गई कि शिक्षा किसी वर्ग तक ही थी। यह झूठ है, हमारे देश में उस समय सभी के लिए शिक्षा उपलब्ध थी। लेकिन अंग्रेजों का दृष्टिकोण घृणापूर्ण था। मेकाले ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करने की योजना बनायी और वो भारतीयता को जड़ से खत्म करना चाहते थे।

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