निजी स्कूलों काे सत्र शुरू हाेने से एक माह पहले सार्वजनिक करनी हाेगी पाठ्य पुस्तकों की सूची

Shriganganagar News - निजी स्कूलाें में पढ़ने वाले विद्यार्थियाें के लिए अच्छी खबर है। शिक्षा सत्र 2020-21 काे देखते हुए शिक्षा विभाग ने...

Feb 15, 2020, 11:35 AM IST

निजी स्कूलाें में पढ़ने वाले विद्यार्थियाें के लिए अच्छी खबर है। शिक्षा सत्र 2020-21 काे देखते हुए शिक्षा विभाग ने अधिकतर निजी स्कूलों की अाेर से की जा रही माेटी कमाई पर नियंत्रण करना शुरू कर िदया है। सत्र शुरू हाेने से एक माह पहले ही प्रत्येक प्राइवेट स्कूल काे पाठ्य पुस्तकों की सूची सार्वजनिक करनी हाेगी। अधिकारियाें ने बताया कि विभाग की अाेर से हर बार की तरह इस बार भी स्पष्ट अादेश हैं कि उनके लेखक, प्रकाशकों के नाम अाैर कीमत सूचना पट्ट अाैर शाला की वेबसाइट पर अाॅनलाइन जारी करनी हाेगी। निजी स्कूल संचालकों काे राजस्थान पाठ्य पुस्तक मंडल तथा सीबीएसई से संबद्धता रखने वाले स्कूल एनसीईआरटी की अाेर से जारी पुस्तकें खरीदने के निर्देश विद्यार्थियों काे देने हाेंगे। इन पुस्तकों की सूचना उन्हें एक माह पहले स्कूल के सूचना पट्ट पर चस्पा करनी हाेगी ताकि अभिभावक खुले बाजार से पाठ्य पुस्तकें खरीद सकें। पुस्तकों के साथ ही ड्रेस, टाई, जूते, बैल्ट अाैर काॅपियां तक स्कूल में बेचने पर पाबंदी लगा दी है। किसी भी शिक्षण सामग्री या ड्रेस पर स्कूल का नाम अंकित नहीं हाेगा। स्कूल संचालक दुकान विशेष से पुस्तकें व अन्य सामग्री खरीदने का दबाव नहीं बना सकेंगे। शिक्षा विभाग की इस गाइडलाइन काे लेकर निजी स्कूल संचालकों की मनमानी पर अंकुश लगेगा।

डीईअाे प्रारंभिक दयाचंद बंसल ने बताया कि निजी स्कूलों में विद्यार्थियों की यूनिफाॅर्म पांच साल तक बदली नहीं जा सकेगी। स्कूल हर साल-दाे साल में यूनिफाॅर्म में बदलाव करते हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक भार पड़ता है। अाम ताैर पर साप्ताहिक ड्रेस काेड बदलता रहता है। निजी स्कूलों की पाठ्य पुस्तकें अाैर ड्रेस कम से कम पांच दुकानों पर उपलब्ध हाेनी चाहिए। यह शिकायत हर साल अाती है कि कुछ नामचीन स्कूलों की पाठ्य पुस्तकें उनके पास वाली बुक शाॅप पर ही मिलती हैं। उनकी कीमत भी मनमर्जी की वसूली जाती है।

दयाचंद बंसल ने बताया कि नया सत्र शुरू हाेने से पहले ही प्राइवेट स्कूल संचालकों काे एक बार अाैर पाबंद किया जाएगा। इन निर्देशों की पालना नहीं करने वाले स्कूलों की क्रमोन्नति अाैर सीबीएसई से संबद्धता निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

प्राइवेट स्कूलों में विद्यार्थियों को पुस्तकें अाैर ड्रेस स्कूल से ही दी जाती हैं, इसलिए लगाई पाबंदी

हर साल नए शिक्षा सत्र में प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश के वक्त विद्यार्थियों की पाठ्य पुस्तकें अाैर ड्रेस स्कूल से ही दी जाती हैं। स्कूल संचालक फीस के साथ उसकी राशि भी वसूल करते हैं। कुछ स्कूल एेसे भी हैं, जिनकी पाठ्य पुस्तकें उन्हीं की अाेर से निर्धारित बुक शाॅप पर ही मिलती हैं। यह अभिभावकों पर आर्थिक भार है। इसे लेकर अभिभावक समय-समय पर शिक्षा अधिकारियों अादि से मिलकर शिकायत करते रहते हैं।

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