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नप बैठक 17 काे; 202 कराेड़ रुपए का बजट प्रस्तावित इनमें सर्वाधिक 14 करोड़ शहर की सफाई पर खर्च होंगे
यहां पर खर्च होगा पैसा|ट्रैक्टर मय ट्राली टेंपाे खरीद पर 10 लाख से बढ़ाकर 5 कराेड़ की
सभापति करूणा चांडक 17 मार्च काे अपना पहला बजट पेश करेंगी। शहर के विकास के लिए इस बार 202.83 कराेड़ रुपए का बजट प्रस्तावित है। सफाई व्यवस्था सुधारने, साैंदर्यीकरण व संसाधन जुटाने पर विशेष फाेकस रहेगा। परिषद का फाेकस सफाई व अपने संसाधनाें की वृद्धि पर है। ताकि घर-घर से कचरा संग्रहण, कचरा उठाव हाे सके। परिवहन अादि में परेशानी ना अाए।
परिषद मेंं 5 कराेड़ रुपए से ट्रैक्टर-ट्राली व टेंपाे, 6.50 कराेड़ रुपए गंदे पानी की निकासी, 1 कराेड़ रुपए कच्ची बस्तियाें पर, 9 कराेड़ रुपए कूडा कचरा सफाई पर खर्च करने का प्रस्ताव है।
नगर परिषद अधिकारियाें ने बजट बैठक काे लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। दूसरी तरफ कुछ पार्षद बजट बैठक के दिन सभापति व अायुक्त से घेरने की तैयारी में हैं।
भाजपा पार्षद करेंगे हंगामा: भाजपा पार्षद भी शहर की समस्याओं को लेकर बैठक में हंगामा करेंगे लेकिन एक समस्या यह भी है कि भाजपा ने अभी तक नेता प्रतिपक्ष भी तय नहीं किया है। बहराल नगरपरिषद ने बजट मीटिंग को लेकर सभी पार्षदों के साथ-साथ विधायक राजकुमार गौड़ को भी बैठक की सूचना दी है।
पार्षदाें का कहना है कि अधिकारियाें काे बैठक के दाैरान जवाब देना हाेगा कि पिछला बजट शहर में कहां खर्च हुअा। सभापति व अायुक्त से पूछा जाएगा कि पिछले बाेर्ड के अंतिम वित्तीय वर्ष में 192.18 कराेड़ का बजट पास हुअा। मदवार हुए खर्च का हिसाब मांगा जाएगा। पार्षदाें का कहना है कि पिछले बाेर्ड व नए बाेर्ड के अब तक के कार्यकाल शहरवासी टूटी सड़कें, सिल्ट से अटे नाले, बारिश के बाद बदतर हालात, पार्काें की दुर्दशा, गंदगी से परेशान रहे हैं। अधिकारियाें काे जवाब देना ही हाेगा कि हर साल 10-12 कराेड़ रुपए बजट बढ़ाकर पेश करने के पीछे क्या मंशा है। पार्षद संजय बिश्नाेई का कहना है कि बजट कापी में संशाेधित अंक 2019-20 का कालम दिया हुअा है। उन्हाेंने संदेह जताया कि इस कालम का उपयाेग करते हुए परिषद बिना बाेर्ड की स्वीकृति के की गई खरीद काे सही ठहराने का प्रयास करेगी। उन्हाेंने अाराेप लगाया कि अधिकारियाें ने बाेर्ड से स्वीकृति लिए बगैर ही लाखाें रुपए की खरीद की है। वहीं एक ही बारिश से शहर के हालात बदतर हाे गए।
10 कराेड़ की वृद्धि प्रस्तावित, पार्षद विकास पर हुए खर्च का हिसाब मांगेंगे, आरोप बगैर स्वीकृति के लाखों रुपए की खरीद
नगर परिषद के कार्यालय वाहन पर 2 लाख से बढ़ाकर 10 लाख, फर्नीचर पर 4.80 की बजाए 10 लाख, बिजली का समान क्रय करने 40 लाख की बजाए 1 कराेड़, संस्था के स्वयं कार्यक्रम उत्सव त्याैहार पर्व पर 40 लाख से बढ़ाकर 60 लाख, भूमि क्रय पर 2 लाख की बजाए 20 लाख, अावासीय भवन पर 60 लाख की जगह 1 कराेड़, गैराज पर 13 लाख की जगह 35 लाख, लेखन सामग्री 3.50 लाख की जगह 5 लाख, कंप्यूटर लेखन सामग्री पर 5 लाख, गाड़ियाें का बीमा 4 लाख से बढ़ाकर 10 लाख, दमकल पर 20 लाख सहित अन्य मदाें पर खर्च किया जाना प्रस्तावित है। पार्षदाें का अाराेप है कि हर बार बजट बढ़ाकर पेश किया जाता है, लेकिन अामजन बदहाली में हैं।
अपने संसाधन मजबूत करने पर अधिक खर्च हाेगा
गत वर्ष ट्रैक्टर-ट्राली/ मय टेंपाे खरीद पर 10 लाख रुपए का बजट रखा गया। इस बार यह बजट 5 कराेड़ रुपए प्रस्तावित है। अन्य सड़क पर 6 कराेड़ से घटाकर 1 कराेड़, पुल एवं पुलिया निर्माण पर 5 कराेड़, कच्ची बस्ती पर 3 कराेड़ से घटाकर 1 कराेड़, गंदे पानी की निकासी पर 6.50 कराेड़, अविकसित काॅलाेनी विकास पर 2 कराेड़, अन्य निर्माण कार्याें पर 5.50 कराेड़ की बजाए 2 कराेड़, कंकरीट व डामर सड़क पर 5-5 कराेड़ खर्च करने प्रस्ताव है। सफाई पर 9 कराेड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव है।
यहां से आएगा पैसा|भूमि विक्रय से 69.24 करोड़, तहबाजारी से 5 करोड़ रुपए
परिषद ने अगले वित्तीय वर्ष में अाय बढ़ाने के प्रयास भी किए हैं। मनाेरंजन कर की क्षतिपूर्ति से 20 लाख, बिजली उपकर से 2.50 कराेड़, चुंगी क्षतिपूर्ति से 41 कराेड़, तहबाजारी से 5 कराेड़, यूअाईटी से 2 कराेड़, बैंक बिल्डिंग व दूरदर्शन बिल्डिंग से किराया 45 लाख, जलदाय विभाग से 10 कराेड़, परमिट शुल्क से 40 लाख, भू उपयाेग/भूमि रूपांतरण से 60 लाख, जनता काे भूमि विक्रय 69.24 कराेड़ की अाय प्रस्तावित है।
बरसाती पानी में कागज की नाव चलाकर जताया रोष
उदाराम चाैक पर नया नाला बनाए जाने का काम चल रहा है। यहां बीते डेढ़ माह से लाेग सड़क पर पानी भरने की समस्या से परेशान रहे हैं। अनेक बार नगर परिषद के अधिकारियाें काे अवगत कराया, हर बार जल्द काम पूरा कर देने का अाश्वासन मिला। बुधवार बारिश के बाद हालात बदतर हाे गए। स्थानीय रजनीश मरवाह, महेश दिनाेदिया सहित अन्य का कहना है कि मुख्य सड़क व अासपास गलियाें में जमा पानी से अब दुर्गंध अाने लगी है। दाेपहर बाद दुकानदाराें ने कागज की नावें चलाकर विराेध प्रकट किया। ठीक यही स्थिति सीवरेज प्रभावित इलाकाें में रही है। बारिश के बाद यहां भयंकर कीचड़ जमा हाे गया। अत: अपील है कि नगरपरिषद बजट बैठक में पानी निकासी को प्रमुखता से हल करवाएं।
शहर की सबसे बड़ी समस्या पानी निकासी; अपील इसे सबसे पहले हल करवाने की कोशिश करे परिषद