वेतन के 11 हजार में से 70% पर्यावरण पर खर्च करते हैं नरपतसिंह, 6 वर्षों में 83 हजार पौधे लगाए

Shriganganagar News - भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर मिलिए बाड़मेर जिले के कोजणियों की ढाणी निवासी नरपत सिंह राजपुरोहित से।...

Bhaskar News Network

Mar 17, 2019, 06:11 AM IST
Sriganganagar News - rajasthan news narapat singh spent 70 out of 11 thousand wages on environment 83 thousand saplings in 6 years
भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर

मिलिए बाड़मेर जिले के कोजणियों की ढाणी निवासी नरपत सिंह राजपुरोहित से। पर्यावरण संरक्षण के लिए करीब तीन माह पहले घर से निकले राजपुरोहित देशभर में 24 हजार किलोमीटर साइकिल से यात्रा कर लोगों को पर्यावरण का महत्व व जीव जंतुओं की रक्षा का पाठ पढ़ा रहे हैं। जम्मू से यात्रा शुरू करने वाले राजपुरोहित शनिवार को श्रीगंगानगर पहुंचे। जहां शहरवासियों ने उनका फूल मालाएं पहनाकर स्वागत किया। नरपत सिंह बताते हैं कि वे देशभर की साइकिल राइड के माध्यम से लोगो में शिक्षा, पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने का प्रयास कर रहे हैं। राजपुरोहित का दावा है कि उन्होंने 6 वर्षों में 83 हजार पौधे लगाए हैं तथा 24000 किमी साइकिल से यात्रा कर विश्व रिकार्ड बनाना चाहते हैं। इसके अलावा पक्षियों के लिए 23 सौ परिंडे लगाए, 11 बार रक्तदान कर चुके हैं। हर माह 11 हजार सैलरी में से 70% पर्यावरण के कार्यों में लगाते हैं। नरपत सिंह का शहर आने पर खेतसिंह, अमरसिंह, विजयसिंह, घनश्याम राजपुरोहित, रामकुमार, जोगेंद्र धनराज, गणपत, अनिल, देवीसिंह व राजेश सहित अन्य ने स्वागत किया।

देशभर में 24 हजार किमी साइकिलिंग का लक्ष्य, बहन की शादी में बारातियों को 251 पौधे दिए

राजपुरोहित ने एक और बड़ा काम किया है। दहेज प्रथा के खिलाफ मुहिम छेड़ी तथा पहले खुद के घर से शुरुआत की। उन्होंने अपनी बहन की शादी में 251 पौधे दहेज के रूप में सभी मेहमानों व बारातियों को भेंट किए। नरपतसिंह बताते हैं कि अब वे साइकिलिंग के दौरान पौधे लगाओ, पर्यावरण बचाओ लिखे पोस्टर साथ लेकर चलते हैं। जहां भी रात गुजारते हैं युवाओं से अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित करते हैं। उनका मानना है कि देश के युवा पर्यावरण के प्रति जागरूक होंगे तो ही पर्यावरण संतुलन सही रह पाएगा। राजपुरोहित ने अब तक 132 हिरण, 5 मोर, 4 मोरनी, 4 खरगोश, 1 नील गाय, 1 बाज, 1 उल्लू बचाए हैं तथा 2 शिकारियों को पकड़वाया है।

श्रीगंगानगर. पर्यावरण प्रेमी साइकिलिस्ट नरपत सिंह का स्वागत करते शहरवासी।

पांचवीं कक्षा में अध्यापक से चॉकलेट देने के लालच में पौधरोपण का महत्व समझा

राजपुरोहित बचपन की बात बताते हुए कहते हैं कि जब वे गांव में ही राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की कक्षा 5 में पढ़ते थे तब वहां अध्यापक श्यामसुंदर जोशी बच्चों को पौधे लगाने पर चॉकलेट देते थे। जो बच्चा अधिक पौधे लगाता उसे अधिक चॉकलेट मिलती थी। धीरे-धीरे पौधे लगाने का महत्व खुद ही समझ आ गया। इसके लिए मां रेखा देवी, पिता करण सिंह ने पूरा साथ दिया। प|ी रेखा देवी गृहिणी हैं और दो बेटियां हैं।

X
Sriganganagar News - rajasthan news narapat singh spent 70 out of 11 thousand wages on environment 83 thousand saplings in 6 years
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना