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देसी शराब के 61 समूहाें के लिए एक भी आवेदन नहीं अब दुकानाें के अावंटन के लिए अाज निकलेगी लाॅटरी

एक वर्ष पहले
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शराब की दुकानाें के लिए पिछली बार की अपेक्षा कम अावेदन अाने के कारण जिले मेंं इस बार देसी शराब के 61 समूह खाली रहेंगे। इस बार अंग्रेजी शराब के लिए अावेदन पिछले साल की अपेक्षा ज्यादा अाैर देसी के लिए कम संख्या में आए हैं। दुकानों के आवंटन के लिए लॉटरी की प्रक्रिया गुरुवार को सुबह 11 बजे सुखाड़िया नगर स्थित कंगन पैलेस में होगी। बुधवार काे कलेक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते व जिला आबकारी अधिकारी प्रतिष्ठा पिलानिया ने बैठक कर लॉटरी की तैयारियों पर चर्चा की। पहले अंग्रेजी शराब की 41 और देसी शराब के 261 समूहों के आवंटन के लिए लाॅटरी निकाली जाएगी।

देसी शराब के 322 समूहों की 368 दुकानों के आवंटन के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे :जिले में अंग्रेजी शराब की 41 दुकानों व देसी शराब के 322 समूहों की 368 दुकानों के आवंटन के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। इसमें अंग्रेजी शराब की 41 दुकानों के लिए 1972 आवेदन और देसी शराब के 261 समूहों के लिए 1410 आवेदन आए हैं। देसी शराब के 61 समूहों के लिए एक भी आवेदन नहीं आया। इस बार अंग्रेजी व देसी शराब की दुकानों के लिए 3382 आवेदन आए हैं जो गत वर्ष की अपेक्षा 615 आवेदन कम हैं।

जिला अाबकारी अधिकारी पिलानिया के अनुसार देसी शराब में जिन समूहों के लिए आवेदन नहीं मिले हैं, उनके बारे में मुख्यालय से अगले दिनों में मिलने वाली गाइडलाइन के मुताबिक ही कार्रवाई की जाएगी।

सूरतगढ़ में सबसे ज्यादा आवेदन: अंग्रेजी शराब की दुकानों के लिए सूरतगढ़ शहर में सबसे ज्यादा आवेदन मिले हैं। सूरतगढ़ जोन की 5 दुकानों के लिए 731 आवेदन मिले हैं। जो जोन वाइज के हिसाब से सर्वाधिक है। देसी शराब में 24 एएस घड़साना में सर्वाधिक 45 आवेदन मिले हैं। आबकारी विभाग को 3382 आवेदनों से 10 करोड़ 14 लाख 60 हजार रुपए आय हुई है।

शराब की दुकानों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि दो बार बढ़ानी पड़ी थी

इस बार देसी में राजस्थान निर्मित शराब यानी आरएमएल के उठाव की अनिवार्यता 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने की वजह से शराब ठेकेदार का रुझान देसी शराब की दुकानों के प्रति कम है। ठेकेदारों के लिए अनुसार इस शराब की बिक्री कम है।

देसी की दुकानों के लिए पिछले साल की अपेक्षा आधे से भी कम आवेदन मिले हैं। अगत वर्ष 2606 आवेदन मिले थे, जो इस बार के आवेदन संख्या 1410 की अपेक्षा 1196 कम है। अंग्रेजी शराब की दुकानों के प्रति रुझान बढ़ा है। इसमें गत वर्ष 1391 आवेदन मिले थे। इस बार 615 के इजाफे के साथ 1972 आवेदन मिले हैं। इस बाद ठेकेदारों का रुझान कम होने की वजह से शराब की दुकानों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि दो बार बढ़ानी पड़ी थी। फिर भी पिछले साल की अपेक्षा कम आवेदन मिले।
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