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45 बेटियों का सामूहिक अानंदकारज, कन्या भ्रूण हत्या राेकने, बेटा-बेटी में भेदभाव नहीं करने की शपथ दिलाई

एक वर्ष पहले
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भारत पाक सीमा के नजदीक गांव 18 एफ में मंगलवार काे एक साथ 45 बारात का स्वागत करने के लिए पूरा गांव उमड़ा रहा। माैका था गांव में 14वें सालाना रूहानी कीर्तन दीवान के अंतिम दिन अायाेजित सामूहिक विवाह समारोह का। इस समाराेह में 45 बेटियों का आनंद कारज से विवाह संपन्न करवाया गया। पूरे गुरमत रीति रिवाज के साथ ये जाेड़े परिणय सूत्र में बंधे। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी यहां करीब 25 हजार से अधिक संगत जुटी। इस दाैरान संगत की सेवा के लिए सैकड़ाें सेवादाराें ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियां संभाली। इस विवाह की खास बात यह रही कि इसमें हर काेई बेटियाें व बेटाें के माता-पिता के रूप में दिखाई दिया अाैर सभी ने अाशीर्वाद स्वरूप उपहार भी भेंट किए। शादी के बाद इन जाेड़ाें काे कन्या भ्रूण हत्या राेकने व लिंग के अाधार पर बेटा-बेटी में भेदभाव नहीं करवाने का संकल्प दिलवाया गया।

संत बाबा गुरपाल बोले- जरूरतमंद कर्ज उठाकर बेटी की शादी न करें, हम करवाएंगे

इस सामूहिक विवाह जैसे सामाजिक सराेकार के लिए संत बाबा गुरपाल सिंह को 2016 में दिल्ली में 1000 बेटियाें की शादी करवाने पर वर्ल्ड रिकॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है। शादी से पहले हरप्रीत सिंह कमालु वाले व संत अंग्रेज सिंह ने संगत काे प्रवचन सुनाकर निहाल किया। ताे वहीं दर्शन सिंह बाठां वाले ने अपने रंगा विच मालक..., सारी दुनिया मनावे हाेलियां खालसे दा हाेला अा गया... व असी सिक्खी दा नहीं छड़ना राह अारया तुं चीरी जांई वे... कीर्तन सुनाकर संगत काे भक्ति रस से सराबाेर कर दिया। इसके बाद जत्थेदार बाज सिंह ने एेसे गुरु ताे बल बल जाइये अाप मुक्त माेहे तारे..., लाेकां दियां हाेलियां ते खालसे दा हाेला है... व खालसा मेरा रूप है खास खालसे में हूं कराें निवास... कीर्तन कर संगत काे भक्तिभाव से जाेड़ दिया। वहीं संत बाबा गुरपाल सिंह ने विच खालसे निवास है मेरा मेरा प्यारा खालसा..., खालसा मेरा रूप है खास विच खालसे में हूं कराें निवास... व सब किछ तेरा मैं किछ नाहीं... शबद कीर्तन गायन कर गुरु की भक्ति करने का संदेश दिया।

शादी से पहले नशाें से दूर रहने के लिए कबड्डी प्रतियाेगिता करवाई गई। जिसमें विभिन्न टीमाें ने उत्साह पूर्वक भाग लिया अाैर अपनी प्रतिभा का लाैहा मनवाया। चिकित्सा जांच शिविर का अायाेजन किया गया। इसमें बठिंडा से कैंसर राेग विशेषज्ञ डाॅ परविंद्र संधु व गाइनाेक्लाेजिस्ट डाॅ. मिनी संधु ने अपनी सेवाएं दी। इस दाैरान मरीजाें की जांच कर प्रबंध समिति के द्वारा निशुल्क दवाईयां वितरित की गई।

समाराेह में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली व युगांडा से पहुंची संगत: सेवादार सरबन सिंह ने बताया कि इस समाराेह में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली व युगांडा से 25 हजार से अधिक संगत इन बेटियों व बेटाें काे आशीर्वाद देने के लिए पहुंचे। जत्थेदार बाज सिंह व मैनेजर नवजोत शर्मा ने बताया कि इस आयोजन की शुरुआत 2007 में संत बाबा गुरपालसिंह ने की थी। इस दाैरान 11 बेटियों की शादी करवाई गई। तब से लेकर अब तक हजाराें बेटियों का विवाह करवा चुके हैं।

संगत ने उपहार स्वरूप यह भेंट किया:सेवादार व जत्थेदार बाज सिंह व डायरेक्टर शमशेर सिंह ने बताया कि संगत के द्वारा 1 पेटी, सूट, सिलाई मशीन, पंखा, बैड, कुर्सियां, प्रेस, सर्दी-गर्मी के बिस्तर सहित अन्य सामान उपहार स्वरूप भेंट किया गया। इस कड़ी में इन जाेड़ाें काे रसोई में इस्तेमाल हाेने वाला राशन तथा नकदी भी उपहार के रूप में दिए गए। मंच का संचालन जसविंद्र सिंह जोश ने किया।

_photocaption_समागम के दौरान प्रवचन करते संत बाबा गुरपालसिंह।*photocaption*
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