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मुआवजे की सरकारी चाल देखिए; 2 साल में 3 फसलों पर आई प्राकृतिक आपदा, 1127 किसानों का ‌~ ‌1.74 करोड़ बकाया

एक वर्ष पहले
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ये दर्द: 2018 के खराबे का अभी तक मुआवजा नहीं मिला

जिले में दो साल में रबी की तीन फसलों पर प्राकृतिक आपदा की मार पड़ चुकी है। राहत के नाम पर सरकार की चाल बेहद सुस्त है। दो साल में तीन बार फसल खराबे की मार झेल चुके 1127 किसानों को 1.74 करोड़ रुपए मुआवजा नहीं मिला है। इसके लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। प्रशासनिक सुस्ती का आलम ये है कि नुकसान से प्रभावित किसान के रूप में चिह्नित हो चुके 1127 किसानों को सहायता राशि उपलब्ध करवाने लिए अभी तक एंट्रीज तक नहीं हुई हैं। वर्ष 2020 में तो किसानों पर दोहरी मार पड़ चुकी है। जनवरी-फरवरी में एक महीने तक पाकिस्तान से बार बार आने वाले टिड्‌डी दल ने तीन हजार हेक्टेयर में फसल खा ली। बॉर्डर में क्षेत्र इसका सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। अब तीन तहसीलों में ओलावृष्टि व अतिवृष्टि हो चुकी है।

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ओलावृष्टि से श्रीविजयनगर, पदमपुर, सूरतगढ़, सादुलशहर में 5 से 25% खराबा

ओलावृष्टि से तीन तहसीलों श्रीविजयनगर, सूरतगढ़ और सादुलशहर के 104 गांवों में प्रारंभिक सर्वे में फसलों को नुकसान होना सामने आया है। इसमें श्रीविजयनगर तहसील के 62 गांवों में 5 से 10 प्रतिशत, सूरतगढ़ तहसील के 16 गांवों में 5 से 25 प्रतिशत और सादुलशहर तहसील के 26 गांवों में 5 से 25 प्रतिशत, पदमपुर में 20 से 25% तक नुकसान का आंकलन प्रशासन ने किया है। खेत-खेत जाकर विस्तृत सर्वे करने से नुकसान का स्तर बढ़ने की आशंका है।

रबी 2018 में ओलावृष्टि व अतिवृष्टि से खेताें में खड़ी फसलों काे नुकसान हुआ। इसमें रावला क्षेत्र सर्वाधिक प्रभावित रहा। जिले में 1639 किसानों को 2 करोड़ 8 लाख रुपए की सहायता राशि मुआवजे के तौर पर वितरित की जा चुकी है। इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए 346 किसानों का करीब 43.90 लाख रुपए मुआवजा राशि अभी तक बकाया है। ऐसा ही हश्र रबी 2019 में प्राकृतिक आपदा के नुकसान की भरपाई के संबंध में हुआ। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार उस समय अनूपगढ़ तहसील के 5 और श्रीविजयनगर तहसील के 2 गांवों में सर्वाधिक नुकसान रिकाॅर्ड किया गया। इसमें से 1230 किसानों को 2 करोड़ 10 लाख 66 हजार रुपए मुआवजा दिया गया। ये मुआवजा राशि 10 महीने देरी से जारी हाे पाई। इस नुकसान से प्रभावित 342 किसानों की 58.57 लाख रुपए मुआवजा राशि अभी तक बकाया है। इस साल जनवरी में टिड्‌डी दल ने फसलों पर हमला बाेला। इसमें अनूपगढ़ व रावला क्षेत्र के 1131 किसानों की फसल बर्बाद हुई। इसमें से 692 किसानों को 1 करोड़ 69 हजार रुपए मुआवजा राशि स्वीकृत हुई है। वहीं 439 किसानों की 72.06 लाख रुपए मुआवजा राशि बकाया है। नुकसान से प्रभावित इन तीनों फसलों में 1127 किसानों को 1.74 करोड़ रुपए मुआवजा राशि अभी तक स्वीकृत होने का इंतजार है।

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देरी की 2 बड़ी वजह

1. सर्वे रिपोर्ट में देरी: फसल खराबे की प्रारंभिक और अंतिम सर्वे रिपोर्ट में मिलने में देरी हुई। इससे आपदा प्रबंधन विभाग को सहायता राशि के प्रस्ताव भेजे जाने में अनावश्यक देरी हुई।

2. एंट्री में विलंब: आपदा प्रबंधन विभाग के सॉफ्टवेयर में मुआवजा स्वीकृति से संबंिधत एंट्री करने में विलंब हो रहा है। प्रभावित किसानाें के बैंक खाते सहित अन्य जानकारियां अधूरी हाेने की वजह से एंट्री समय पर करने में दिक्कत अा रही है।

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रावला क्षेत्र के गांव 15 केएनडी बी के भालाराम पुरी के अनुसार टिड्‌डी दल ने उसकी 75 बीघा फसल चट कर ली। इसके बावजूद मुआवजा स्वीकृत नहीं हुआ। वर्ष 2018 में फूलाराम निवासी एक केवाईडी की 15 बीघा और सुंदरदेवी निवासी 9 पीएसडी की 12 बीघा फसल प्राकृतिक अापदा से खराब हुई लेकिन मुआवजा अभी तक नहीं मिला।

n रायसिंहनगर क्षेत्र में ओलावृष्टि से खराब फसलों का मुअावजा नहीं िमलने से िकसानों ने लगाया धरना।

n श्रीकरणपुर में मुआवजे की मांग को लेकर किसान संगठनों ने अाज पंचायती धर्मशाला में बुलाई बैठक।

n पदमपुर में अखिल भारतीय किसान सभा 19 को कलेक्टर के समक्ष पूर्व घोषित धरने में भी किसानों की इस पीड़ा को रखेगी।

पौंग बांध विस्थापित प्रकरण, हिस्सेदार किसानों सहित अन्य मामलों में कुछ मुआवजा प्रकरण लंबित हैं। इनका जल्द ही समाधान कर मुआवजा देने का प्रयास किया जा रहा है। ज्यादातर प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है।
शिवप्रसाद मदन नकाते, कलेक्टर, श्रीगंगानगर।

खराबे का सर्वे करने पहुंचा प्रशासन

मुआवजा कब तक मिलेगा पता नहीं?

_photocaption_ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नुकसान पदमपुर क्षेत्र में हुआ है। एसडीएम सुभाष कुमार व तहसीलदार वेद प्रकाश ने रिड़मलसर, रतनपुरा, जीवनदेसर, 27 एमएल, 69 एलएनपी, 70 एलएनपी व 73 एलएनपी गांवों में जाकर खराबे का जायजा लिया। एसडीएम सुभाष कुमार ने कहा कि प्रारंभिक जांच में रिड़मलसर, एलएनपी अाैर बीझबायला इलाके में अनुमानित 20 प्रतिशत खराबा सामने आया है।*photocaption*
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