सरकारी स्कूलों में हर सप्ताह 48 कालांश पढ़ा रहे हैं शिक्षक, विभाग ने 42 ही निर्धारित किए

Shriganganagar News - राज्य के स्कूलों में जितनी कक्षा उतने शिक्षक नहीं रखने से पहली से पांचवीं में पढ़ा रहे शिक्षकों को नियम से अधिक...

Feb 15, 2020, 11:35 AM IST

राज्य के स्कूलों में जितनी कक्षा उतने शिक्षक नहीं रखने से पहली से पांचवीं में पढ़ा रहे शिक्षकों को नियम से अधिक काम करना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग में शिक्षा का अधिकार कानून 2009 के तहत कक्षा 1 से 5 को एक इकाई मानकर शिक्षकों के पद रखे गए थे। प्रशासनिक सुधार विभाग की अनुमति से पदों के पुनः निर्धारण के लिए लागू न्यू स्टाफिंग पैटर्न 2015 में भी यही फार्मूला लागू रखा गया। इसी स्टाफिंग पैटर्न में शिक्षक ग्रेड थर्ड को एक सप्ताह में अधिकतम 42 व रोजाना 7 कालांश पढ़ाना तय किया हुआ है। स्कूल में रोजाना 8 कालांश लगते हैं। सोमवार से शनिवार 6 दिन की गणना से 5 कक्षाओं में 240 कालांश एक सप्ताह में होते हैं। एक शिक्षक के 42 कालांश से 240 कालांश के लिए 6 शिक्षक चाहिए। लेकिन सभी 5 कक्षाओं में कुल 60 विघार्थियों पर 2, 90 पर 3,120 पर 4 और 150 होने पर 5 शिक्षकों के पद रखे गए हैं। पांच कक्षाओं से कम शिक्षक होने पर दो या तीन कक्षाओं को एक साथ समूह में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। अलग-अलग समूह को पढ़ाने वाले शिक्षक रोजाना 8 और सप्ताह में 48 कालांश पढ़ा रहे हैं। जबकि विभाग की अाेर से 42 कालांश ही निर्धारित हैं।


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