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बहू बीमार थी, ससुरालवाले तांत्रिक के पास ले गए, उसने प्रेत-आत्मा बता गर्म चिमटों से शरीर छलनी किया

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 10:09 AM IST

Shriganganagar News - राजस्थान न्यूज: गांव में एक विवाहिता को ठीक करने के नाम पर तांत्रिक द्वारा उसे गर्म चिमटों से दाग दिया गया।

Sriganganagar News - rajasthan news daughter in law touch with hot rode for treatment
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  • ठीक करने के नाम पर तांत्रिक द्वारा महिला को गर्म चिमटों से दाग दिया गया।
  • उसके कान, हाथ व पैरों को छलनी तक कर दिया।

श्रीगंगानगर। इस खबर में दर्द है, अमानवीयता है, अंधविश्वास है और हैवानियत भी। गांव में एक विवाहिता को ठीक करने के नाम पर तांत्रिक द्वारा उसे गर्म चिमटों से दाग दिया गया। दागा भी इतना कि उसके कान, हाथ व पैरों को छलनी तक कर दिया। तबीयत बिगड़ी तो विवाहिता के पीहर वाले गांव पहुंचे और अपनी बेटी को यहां लाकर जिला अस्पताल में भर्ती करवाया।

नाथांवाली दो एमएल नेहरु कॉलोनी निवासी बनवारी लाल ने बताया कि उन्होंने अपने पुत्री सुनीता (35) का विवाह करीब बारह साल पहले 13 आरबी निवासी आशाराम के साथ किया था। दो दिन पहले हमें सूचना मिली कि सुनीता जल गई है। वहं गए तो पता लगा कि सुनीता को गर्म चिमटों से दागा गया था। दरअसल, वह कई दिन पहले बीमार हो गई थी। उसे झाड़-फूंक वाले के पास ले गए, जहां उसने कह दिया कि इसमें तो प्रेत आत्मा है। इसे तांत्रिक के पास ले जाओ।

तांत्रिक ने इसे गर्म चिमटे लगा दिए। फिर गांव के ही किसी जानकार ने मायकेवालों को यह खबर दी। उन्होंने 13 आरबी जाकर बेटी काे श्रीगंगानगर लाए और यहां अस्पताल में भर्ती कराया। गजसिंहपुर एसएचओ राजाराम ने बताया कि विवाहिता की हालत खराब है और वह बयान देने की स्थिति में भी नहीं है। बयान देने के बाद ही आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।

आज इस तस्वीर में देखिए...अमानवीयता, हैवानियत व अंधविश्वास

अमानवीयता कैसे...पिता बनवारीलाल ने बताया कि सुनीता को कुछ समय पहले बुखार हुआ था। डॉक्टर ने सात दिन की दवाई दी। अाराम नहीं मिला तो ससुरालवाले झाड़फूक करने वाले के पास ले गए। जहां उसने कह दिया सुनीता में ‘प्रेतआत्मा’ है।
हैवानियत कैसे...ससुरालवाले सुनीता को फिर तांत्रिक के पास ले गए, जहां उसने दावा किया कि वह प्रेतआत्मा को बाहर निकला फेंकेगा। इसके बाद उसने इलाज के नाम पर सुनीता के कान, हाथ और पैरों को गर्म िचमटों से दाग दिया, जहां उसकी हालत और खराब हो गई।
अंधविश्वास कैसे...सुनीता की शादी को 12 बरस हो गए थे। उसके दो बेटे भी हुए। उसके बाद वह बीमार रहने लगी। ससुरालवालों ने सुनीता का अच्छा इलाज नहीं करवाया बल्कि उस नीम-हकीमों व झाड़फूक करने वालों के पास ले गए। कइयों ने उसे ताबीज भी बांधे।

एमपी की तरह राजस्थान में भी बने अंधविश्वास पर सख्त कानून: पुरोहित
अंधविश्वास और झाड़-फूंक जैसे मामलों के लिए मध्यप्रदेश में तो सख्त कानून बना है, लेकिन यहां पीड़ित के बयानों के बाद जिसने गर्म चिमटा दागा, जिसके कहने पर दागा उसके खिलाफ तो कार्रवाई होगी ही। साथ ही जो युवती को झाड़-फूंक के लिए लेकर गए उनके खिलाफ घरेलू हिंसा के अंतर्गत तथ्य पाए जाने पर ही कार्रवाई होगी। इसमें डॉक्टर्स की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी, जिसमें घावों की प्रकृति के अनुरूप धाराएं जोड़ी जाएंगी। इस तरह का मामला सांडवा में कार्यकाल के दौरान सामने आया था, जिसमें अंधविश्वास के चलते युवक को गर्म चिमटों से दागा गया, जिसके बाद उसी मौत हो गई थी। मामले की गंभीरता से जांच कर पीड़ित को तांत्रिक के पास ले जाने वाले पुत्र व प|ी के खिलाफ चालान किया गया था।



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