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लाइन बंद का सिस्टम खराब,बैक डेट में जारी किए सुरक्षा उपकरण, वो भी आधे

2 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता, श्रीगंगानगर।

शट डाउन के दौरान बिजली चलाने से फतूही रोही में बिजली कर्मी टेक्निकल हेल्पर नरेश कुमार की मौत के बाद तीसरे दिन शनिवार काे जांच अधिकारी एक्सईएन सिटी जेएस पन्नू जीएसएस कोनी पहुंचे। प्रारंभिक जांच में कोनी जीएसएस की की फतूही फीडर का बिजली बंद करने के लिए लगाया गया स्विचिंग सिस्टम वेक्यूम सर्किट ब्रेकर (वीसीबी) भी खस्ता हालत पाया गया। मैन वीसीबी के बाद सप्लाई डायरेक्ट की हुई थी। जांच अधिकारी एक्सईएन जेएस पन्नू ने एम एंड पी लैब के टेक्निकल स्टाफ के साथ जीएसएस और 11 केवी लाइन की चार जगह कॉमन मीटर रीडिंग इंस्ट्रूमेंट से हादसे के समय लाइन में करंट की स्थिति जानने के लिए रीडिंग की। दैनिक भास्कर की ओर से हादसे के बाद विद्युत निगम की जांच सुस्त रफ्तार से होने व नियमों की पालना नहीं होने का समाचार प्रकाशित हाेने के बाद शनिवार को जांच शुरू की गई। शनिवार को बिजली कर्मियों के बयान दर्ज किए गए। अभी तक हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज नहीं किए गए हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 27 जून काे शाम करीब 5:30 बजे जिस समय हादसा हुआ, उस समय कोनी जीएसएस पर निगम के कर्मचारी महेंद्र सहारण की ड्यूटी थी। फतूही रोही में 11 केवी लाइन का उड़ा फ्यूज बांधने के लिए ट्रांसफार्मर पर चढ़े कर्मचारी नरेश कुमार ने महेंद्र सहारण से ही मोबाइल पर संपर्क कर काेनी जीएसएस से शट डाउन लिया था। शुक्रवार को हादसे के बाद फरार हुआ महेंद्र सहारण शनिवार को भी ड्यूटी पर नहीं आया।

हादसे के दिन सुबह 8:00 बजे से रात 8:00 बजे तक महेंद्र सहारण की ड्यूटी थी। जांच में सामने अाया कि फतूही लाइन का वीसीबी खराब पड़ा है। बताया जा रहा है िक जिस समय शट डाउन लिया गया, उस समय फतूही जीएसएस से निकलने वाले फतूही सहित तीनों फीडरों की बिजली एक बार बंद हो गई थी

कल मिलेगी एनालिसिस रिपोर्ट: इसके बाद होगी आगे की कार्रवाई

काेनी जीएसएस पर मैन स्विच की वीसीबी की जांच करवाते व रिपोर्ट लेते एक्सईएन जेएस पन्नू।

एक्सईएन पन्नू के नेतृत्व में टीम ने फीडर की मैन वीसीबी, फीडर की वीसीबी के अलावा जिस जगह हादसा हुआ वहां के अलावा एक अन्य जगह उपभोक्ताओं के बिजली मीटरों की सीएमआरआई से रीडिंग ली गई है। इससे पता चल सकेगा कि जिस समय हादसा हुआ, उससे पहले और बाद तक कब कब बिजली की लाइन में करंट प्रवाहित हुआ। कितना समय करंट प्रवाहित होता रहा है। इसकी रिपोर्ट कंप्यूटर से एनालिसिस कर तैयार की जाती है, जो सोमवार को मिलने की संभावना है। चर्चा ये भी है कि नरेश कुमार ने शट डाउन लेने से पहले ट्रांसफार्मर पर बल्ब लगाकर लाइन चेक की थी। इसमें लाइन बंद होना कन्फर्म होने के बाद ही वह फ्यूज लगाने के लिए ट्रांसफार्मर पर चढ़ा। दो फ्यूज बांधने के बाद करंट आने से उसकी मौत हो गई।

21 जून को जारी किए ऑर्डर, 22 को डिस्पैच व 28 को रिसीव
27 जून को हादसा होने के बाद विद्युत निगम के कर्मचारियों ने सेफ्टी उपकरणों की सप्लाई कम होना बताया था। इसके बाद अधिकारियो ने बैक डेट में ही जिले में विद्युत निगम के 23 कार्यालयों के कर्मचारियों के लिए 565 उपकरण उपलब्ध करवाने का ऑर्डर जारी कर दिया। एसई कार्यालय के टीए ने 21 जून को ऑर्डर जारी किए, जिसे 22 जून को डिस्पैच किया गया। हैरानीजनक ये है कि एक्सईएन कार्यालय ने इसकी रिसीविंग 28 जून यानी हादसे के एक दिन बाद की अंकित की है।

कर्मचारियों के अनुसार ये ऑर्डर लीपापोती के लिए बैक डेट में जारी किए हैं। इसमें 100 प्राथमिक उपचार किट्स, 285 इलेक्ट्रिक व बीप टेस्टर और 180 चाबी पाने हैं। अभी तक ये उपकरण कर्मचारियों को नहीं दिए गए हैं। कर्मचारियों के अनुसार इसमें 285 इलेक्ट्रिक व बीप टेस्टर ही सेफ्टी उपकरण हैं। बाकी सामान्य औजार है। सेफ्टी के लिए जरूरी रबड़ के दस्ताने, अर्थिंग रॉड, चेन और मैट उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं।

जांच शुरू की है। आज मौका मुआयना कर सीएमआरआई से चेकिंग की है। जांच पूरी होने के बाद पता चल सकेगा कि हादसे की वजह क्या रही और इसमें किसका दोष है। सेफ्टी उपकरण उपलब्ध करवाना सतत प्रक्रिया है। ये इन दिनों में भी जारी हुए हैं। कितने उपकरण जारी किए हैं,ये देखकर बता सकता हूं। अभी मेरे पास इस संबंध में अधिक जानकारी नहीं है। जेएस पन्नू, एक्सईएन सिटी, जेवीवीएनएल,श्रीगंगानगर।

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